प्रणब मुखर्जी की पुण्यतिथि: राजनाथ सिंह और अमित शाह ने 13वें राष्ट्रपति को दी भावभीनी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
देश के 13वें राष्ट्रपति और भारत रत्न डॉ. प्रणब मुखर्जी की पुण्यतिथि पर 31 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह तथा केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से 'प्रणब दा' की विरासत को नमन किया।
राजनाथ सिंह की श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'मैं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. प्रणब मुखर्जी जी को उनकी पुण्यतिथि पर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। असाधारण मेधा के धनी और विद्वान राजनेता, प्रणब दा ने अपनी बुद्धिमत्ता, राजनीतिक सूझ-बूझ और संसदीय परंपराओं की गहरी समझ से भारत के सार्वजनिक जीवन को समृद्ध किया।' उन्होंने आगे कहा कि विभिन्न विचारों को एकजुट करने और राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर सहमति बनाने की प्रणब मुखर्जी की अद्वितीय क्षमता उनके विशिष्ट सार्वजनिक जीवन की सबसे बड़ी पहचान थी। सिंह के अनुसार, 'राष्ट्र के प्रति उनकी समर्पित सेवा और भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं में उनके अमूल्य योगदान को सदैव कृतज्ञता के साथ याद किया जाएगा।'
अमित शाह का संदेश
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भी एक्स पर लिखा, 'पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न डॉ. प्रणब मुखर्जी जी को उनकी पुण्यतिथि पर याद करता हूं।' शाह ने उन्हें 'एक बेहतरीन प्रशासक और विद्वान' बताते हुए कहा कि प्रणब दा ने दशकों लंबी सार्वजनिक यात्रा में देश और उसके संवैधानिक मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का उदाहरण प्रस्तुत किया। शाह के अनुसार, 'उनकी अमिट विरासत नए नेताओं के लिए प्रेरणा बनी हुई है।'
मेघवाल ने भी किया नमन
केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 'प्रणब बाबू' को 'सार्वजनिक जीवन में शुचिता, पारदर्शिता और स्पष्टवादिता की प्रतिमूर्ति' कहते हुए विनम्र श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा कि राजनीति के माध्यम से राष्ट्र और समाज की जो अनुकरणीय सेवा प्रणब मुखर्जी ने की, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव मार्गदर्शन का काम करती रहेगी।
प्रणब मुखर्जी की विरासत
डॉ. प्रणब मुखर्जी ने 2012 से 2017 तक भारत के 13वें राष्ट्रपति के रूप में देश की सेवा की। इससे पहले वे वित्त मंत्री, विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे। 2019 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से विभूषित किया गया था। 31 अगस्त 2020 को उनका निधन हुआ था। उनकी पुण्यतिथि पर हर वर्ष विभिन्न दलों के नेता उन्हें याद करते हैं, जो उनकी सर्वदलीय स्वीकार्यता का प्रमाण है।