सुषमा स्वराज पुण्यतिथि 2025: राजनाथ, अमित शाह समेत कई मंत्रियों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर 6 अगस्त को नई दिल्ली में देशभर के वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित अनेक दिग्गज नेताओं ने भारतीय कूटनीति, संसदीय परंपराओं और सार्वजनिक जीवन में उनके अतुलनीय योगदान को नमन किया।
राजनाथ सिंह की श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा, 'पूर्व विदेश मंत्री एवं भाजपा की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।' उन्होंने कहा कि सुषमा स्वराज एक प्रभावी वक्ता होने के साथ-साथ अपने सहज और सौम्य व्यवहार के लिए जानी जाती थीं। राजनाथ सिंह के अनुसार, 'भारत की आवाज को विश्व मंच पर मजबूत करने में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।'
अमित शाह और अन्य मंत्रियों के उद्गार
गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि सुषमा स्वराज 'ओजस्वी वक्ता, सौम्यता व सादगी की प्रतिमूर्ति' थीं। उन्होंने लिखा कि सुषमा जी ने अनुशासन, कर्मठता और संघर्षशीलता के बल पर संगठन से लेकर सरकार तक सभी दायित्वों का उत्कृष्ट निर्वहन किया। शाह ने यह भी रेखांकित किया कि 'विदेश मंत्रालय को आम जन से जोड़ने वाली सुषमा जी का सादगीपूर्ण जीवन सदैव स्मरणीय रहेगा।'
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने उन्हें 'पद्म विभूषण' से विभूषित पूर्व विदेश मंत्री के रूप में याद करते हुए कहा कि उनकी राष्ट्रसेवा के प्रति निष्ठा और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता सदैव प्रेरक रहेगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मनोहर लाल ने भी उन्हें 'नेतृत्व, करुणा व नारी शक्ति की प्रतिमूर्ति' बताते हुए श्रद्धांजलि दी।
शिवराज और जयशंकर की व्यक्तिगत स्मृतियाँ
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भावुक होते हुए लिखा, 'सुषमा दीदी बड़ी बहन की तरह स्नेह रखती थीं। उनके चेहरे पर तेज और वाणी में ओज था, सरस्वती उनकी जिह्वा पर विराजती थीं।' उन्होंने कहा कि दीदी के साथ बिताए अनमोल क्षण उनके जीवन की अमूल्य निधि हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने लिखा, 'उनके शालीन व्यवहार, आत्मीयता और उपस्थिति की बहुत कमी महसूस होती है।'
अन्य नेताओं की श्रद्धांजलि
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सुषमा स्वराज को 'असाधारण नेता और प्रेरणादायक सांसद' बताया और कहा कि उनकी विनम्रता, वाकपटुता और सार्वजनिक जीवन में उनका उल्लेखनीय योगदान हमेशा याद किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने उन्हें 'भारतीय राजनीति की एक सशक्त, संवेदनशील और प्रेरणादायी व्यक्तित्व' कहते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उनकी अमिट मिसाल आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती रहेगी।
सुषमा स्वराज की विरासत
गौरतलब है कि सुषमा स्वराज भारत की दूसरी महिला विदेश मंत्री थीं और 2014 से 2019 तक इस पद पर रहीं। अपने कार्यकाल में उन्होंने विदेशों में फँसे भारतीय नागरिकों की मदद के लिए सोशल मीडिया का अभूतपूर्व उपयोग किया, जिससे वे जनमानस में गहराई से रच-बस गईं। उनकी संसदीय वाकपटुता और कूटनीतिक दृढ़ता को आज भी एक मानक के रूप में देखा जाता है। यह ऐसे समय में है जब भारतीय विदेश नीति वैश्विक मंच पर नई ऊँचाइयाँ छू रही है — और उनकी नींव की भूमिका को नेता बार-बार स्वीकार करते हैं।