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सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर देशभर के मुख्यमंत्रियों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

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सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर देशभर के मुख्यमंत्रियों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

सारांश

सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर देश के सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने एक्स पर श्रद्धांजलि दी — उनकी कूटनीतिक दृष्टि, मानवीय संवेदनशीलता और नारी नेतृत्व की विरासत को याद करते हुए। यह एकमत स्मरण उनकी दलीय सीमाओं से परे स्थायी छाप का प्रमाण है।

मुख्य बातें

6 अगस्त 2026 को पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
योगी आदित्यनाथ (उत्तर प्रदेश), भजनलाल शर्मा (राजस्थान), रेखा गुप्ता (दिल्ली), नायब सैनी (हरियाणा), मोहन यादव (मध्य प्रदेश), पुष्कर सिंह धामी (उत्तराखंड) और बिहार के मुख्यमंत्री ने एक्स पर अपने उद्गार साझा किए।
नेताओं ने विदेश में संकटग्रस्त भारतीयों की सहायता, भारतीय कूटनीति को नई ऊंचाई देने और नारी सशक्तीकरण में उनके योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया।
सुषमा स्वराज 2014 से 2019 तक भारत की विदेश मंत्री रहीं और दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री भी रहीं।
उनका निधन 6 अगस्त 2019 को हुआ था; भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया।

पूर्व विदेश मंत्री और पद्म विभूषण सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर 6 अगस्त 2026 को उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड और बिहार सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने उनके कूटनीतिक योगदान, जनसेवा की भावना और मानवीय संवेदनशीलता को विशेष रूप से याद किया।

मुख्य श्रद्धांजलियाँ और नेताओं के उद्गार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, 'राष्ट्रसेवा को धर्म, जनकल्याण को संकल्प और भारत की प्रतिष्ठा को दायित्व मानने वाली प्रखर वक्ता, संवेदनशील जननेता, पूर्व विदेश मंत्री एवं पद्म विभूषण सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। उनका जीवन राष्ट्रनिष्ठा, लोकसेवा और उदात्त लोकतांत्रिक मूल्यों की गरिमा का उज्ज्वल अध्याय है।'

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर लिखा, 'राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने का उनका संकल्प, जनसेवा के प्रति उनका समर्पण तथा भारतीय कूटनीति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में उनका अमूल्य योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।'

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उन्हें 'असाधारण जननेता' बताते हुए कहा कि 'दुनिया के किसी भी कोने में संकट में फंसे भारतीय के लिए उनका एक संदेश ही आश्वासन और विश्वास का प्रतीक बन जाता था।' उन्होंने यह भी कहा कि 'मुख्यमंत्री से लेकर विदेश मंत्री तक, उन्होंने हर दायित्व को सेवा, संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों के साथ निभाया।'

हरियाणा, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश की श्रद्धांजलि

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक्स पर लिखा कि 'विदेशों में संकटग्रस्त भारतीयों की सहायता के लिए उनका मानवीय दृष्टिकोण सदैव स्मरणीय रहेगा।'

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें 'नारी सशक्तीकरण की सशक्त प्रतीक' और 'सौम्यता एवं सादगी की प्रतिमूर्ति' कहते हुए श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, 'आपका संपूर्ण जीवन सेवा, समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा एवं राष्ट्रहित के मूल्यों का अनुपम उदाहरण रहा।'

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उन्हें 'दीदी' कहकर संबोधित करते हुए कहा, 'राष्ट्र के प्रति निष्ठा, जनसेवा और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित उनका जीवन प्रेरणा देता रहेगा।'

बिहार का भावपूर्ण स्मरण

बिहार के मुख्यमंत्री ने एक्स पर लिखा, 'राष्ट्रसेवा, उत्कृष्ट नेतृत्व, ओजस्वी वक्तृत्व और जनकल्याण के प्रति आपका समर्पण सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। आपका सादगीपूर्ण व्यक्तित्व और राष्ट्रहित के प्रति अटूट समर्पण देशवासियों के हृदय में सदैव अमिट रहेगा।'

सुषमा स्वराज की विरासत

सुषमा स्वराज 2014 से 2019 तक भारत की विदेश मंत्री रहीं और उनके कार्यकाल में विदेश में फंसे भारतीयों की सहायता के लिए सोशल मीडिया के अभूतपूर्व उपयोग ने उन्हें जन-जन का प्रिय चेहरा बनाया। वे दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री भी रहीं। 6 अगस्त 2019 को उनका निधन हुआ था। भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया।

गौरतलब है कि सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि हर वर्ष राजनीतिक दलों और नेताओं द्वारा श्रद्धा के साथ मनाई जाती है, जो उनकी दलीय सीमाओं से परे स्वीकार्यता को दर्शाता है। उनकी विरासत भारतीय कूटनीति और नारी नेतृत्व दोनों के संदर्भ में आज भी प्रासंगिक बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो भारतीय राजनीति में दुर्लभ है। हालाँकि, असली सवाल यह है कि क्या उनके द्वारा स्थापित 'ट्विटर कूटनीति' और नागरिक-केंद्रित विदेश नीति के मानदंड उनके उत्तराधिकारियों ने उसी तत्परता से बनाए रखे हैं — यह मूल्यांकन इन श्रद्धांजलियों में अनुपस्थित रहा।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि कब है और उनका निधन कैसे हुआ?
सुषमा स्वराज का निधन 6 अगस्त 2019 को हृदयाघात के कारण नई दिल्ली में हुआ था। तब से हर वर्ष 6 अगस्त को उनकी पुण्यतिथि मनाई जाती है और राजनेता उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
सुषमा स्वराज को पद्म विभूषण कब और क्यों दिया गया?
भारत सरकार ने सुषमा स्वराज को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया — यह देश का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह सम्मान भारतीय कूटनीति, राजनीति और जनसेवा में उनके असाधारण योगदान के लिए दिया गया।
विदेश मंत्री के रूप में सुषमा स्वराज की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या रही?
2014 से 2019 तक विदेश मंत्री रहते हुए सुषमा स्वराज ने विदेशों में संकट में फंसे भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए सोशल मीडिया का अभूतपूर्व उपयोग किया। उनके कार्यकाल में यमन, इराक और लीबिया जैसे संघर्षग्रस्त देशों से हजारों भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया।
2026 की पुण्यतिथि पर किन मुख्यमंत्रियों ने श्रद्धांजलि दी?
6 अगस्त 2026 को योगी आदित्यनाथ (उत्तर प्रदेश), भजनलाल शर्मा (राजस्थान), रेखा गुप्ता (दिल्ली), नायब सैनी (हरियाणा), मोहन यादव (मध्य प्रदेश), पुष्कर सिंह धामी (उत्तराखंड) और बिहार के मुख्यमंत्री ने एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
क्या सुषमा स्वराज दिल्ली की मुख्यमंत्री भी रही हैं?
हाँ, सुषमा स्वराज दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री रही हैं। इसके अलावा वे केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्री पदों पर रहीं और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वरिष्ठ नेत्री के रूप में संसद में विपक्ष की नेता भी रहीं।
राष्ट्र प्रेस
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