के. एस. सुदर्शन पुण्यतिथि: गडकरी, योगी, शिवराज सहित दर्जनभर नेताओं ने आरएसएस के पांचवें सरसंघचालक को किया नमन
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पांचवें सरसंघचालक के. एस. सुदर्शन की पुण्यतिथि पर 15 सितंबर 2026 को देशभर के वरिष्ठ नेताओं और मुख्यमंत्रियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान से लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक — राजनीतिक जगत ने सोशल मीडिया पर एकस्वर से उनके योगदान को याद किया।
केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक परम पूजनीय के. एस. सुदर्शन जी के स्मृति दिवस पर उन्हें विनम्र अभिवादन।' केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी सोशल मीडिया पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए लिखा, 'राष्ट्र एवं समाज के उत्थान के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन होम कर देने वाले आरएसएस के पांचवें सरसंघचालक, परम पूज्य के.एस. सुदर्शन जी की पुण्यतिथि पर उनके चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित करता हूं।'
मुख्यमंत्रियों ने किया स्मरण
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, 'राष्ट्र साधना, स्वदेशी चिंतन और सामाजिक समरसता को अपना जीवन-ध्येय बनाने वाले आरएसएस के पंचम सरसंघचालक श्रद्धेय के. एस. सुदर्शन जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। 'राष्ट्र प्रथम' के भाव से अनुप्राणित उनका तपस्वी जीवन और प्रखर राष्ट्रवादी वैचारिक विरासत सदैव राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देती रहेगी।'
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा, 'स्वदेशी चिंतन, ग्राम विकास, गौसंवर्धन, कृषि और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर उनका गहन मंथन राष्ट्र जीवन को सशक्त दिशा देने वाला रहा।' मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वदेशी दर्शन, पर्यावरण संरक्षण और भारतीय चिंतन परंपरा को जन-जन तक पहुँचाने में सुदर्शन जी का योगदान अतुलनीय रहा।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उन्हें 'मां भारती के परम उपासक' बताते हुए कोटि-कोटि नमन किया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सुदर्शन जी का 'सहज व्यक्तित्व, गहन चिंतन और राष्ट्रहित के प्रति अटूट समर्पण' सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी सोशल मीडिया पर उन्हें कोटि-कोटि नमन अर्पित किया।
अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने कहा कि सुदर्शन जी ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानकर अपना संपूर्ण जीवन संगठन और समाज की सेवा में समर्पित किया। दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश साहिब सिंह और बिहार सरकार में मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी एक्स पर श्रद्धांजलि व्यक्त की। उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने लिखा कि राष्ट्रसेवा, समाजहित और मानव कल्याण के प्रति उनका समर्पित जीवन सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
के. एस. सुदर्शन: एक परिचय
कुप्पाहल्ली सीतारमैया सुदर्शन आरएसएस के पांचवें सरसंघचालक थे, जिन्होंने 2000 से 2009 तक संगठन का नेतृत्व किया। स्वदेशी विचार, भारतीय संस्कृति का संरक्षण और ग्रामोत्थान उनकी वैचारिक पहचान के केंद्र में रहे। उनके कार्यकाल में संघ ने नई पीढ़ी के कार्यकर्ताओं को सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का व्यापक कार्य किया। गौरतलब है कि उनकी विरासत को आज भी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और संघ परिवार के नेता बड़ी श्रद्धा के साथ याद करते हैं।
आगे की राह
सुदर्शन जी की पुण्यतिथि पर इस वर्ष भी देशभर में संघ के कार्यकर्ताओं ने उनके विचारों को याद करते हुए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए। उनकी वैचारिक विरासत — विशेषकर स्वदेशी चिंतन और सामाजिक समरसता — आने वाली पीढ़ियों को दिशा देती रहेगी।