के.एस. सुदर्शन जयंती: RSS के पांचवें सरसंघचालक को BJP नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पांचवें सरसंघचालक के.एस. सुदर्शन की 18 जून 2026 को जयंती के अवसर पर देशभर के भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेताओं ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। स्वदेशी चिंतन, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रवाद के प्रतीक माने जाने वाले सुदर्शन जी के विचार आज भी संघ परिवार के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।
केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्रियों ने किया नमन
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सुदर्शन जी को 'विनम्र अभिवादन' अर्पित किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता के प्रति समर्पित आपका तपस्वी जीवन भारतीय चिंतन और संगठन शक्ति का प्रेरणादायी प्रतीक है। आपके उत्कृष्ट विचार, उच्च आदर्श और राष्ट्र-निर्माण के प्रति समर्पण सदैव हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।'
दिल्ली और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों की श्रद्धांजलि
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा कि सुदर्शन जी का जीवन राष्ट्र चिंतन और संगठन विस्तार को समर्पित रहा। उन्होंने कहा, 'सनातन परंपरा व आधुनिक विज्ञान के समन्वय के साथ स्वदेशी आर्थिक दर्शन के आप प्रबल पक्षधर रहे।' राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उन्हें 'मां भारती के अनन्य उपासक' और 'स्वदेशी चिंतन के सशक्त प्रवक्ता' बताते हुए शत-शत नमन किया।
मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार के नेताओं की प्रतिक्रिया
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सुदर्शन जी को 'महान चिंतक' बताते हुए कहा कि उन्होंने औपनिवेशिक मानसिकता से समाज की मुक्ति के लिए स्वदेशी दृष्टि और हिंदू संस्कृति का विस्तार करने में स्वयं को समर्पित किया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके 'दूरदर्शी नेतृत्व और भारतीय संस्कृति के प्रति समर्पण' को नमन किया। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें 'महान राष्ट्रभक्त और प्रखर विचारक' कहते हुए कोटि-कोटि नमन अर्पित किया।
के.एस. सुदर्शन का योगदान
के.एस. सुदर्शन RSS के पांचवें सरसंघचालक के रूप में जाने जाते हैं, जिन्होंने स्वदेशी आर्थिक दर्शन, ग्राम विकास और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया। गौरतलब है कि उनके विचारों ने संघ की वैचारिक दिशा को आधुनिक भारत के संदर्भ में परिभाषित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी जयंती प्रतिवर्ष संघ परिवार और BJP के नेताओं द्वारा श्रद्धापूर्वक मनाई जाती है।
आगे क्या
इस जयंती अवसर पर देशभर में RSS और संघ से जुड़े संगठनों द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है। सुदर्शन जी के विचारों पर आधारित संगोष्ठियाँ और स्मृति सभाएँ उनकी विरासत को जीवित रखने का प्रयास करती रहेंगी।