25 सितंबर 2026
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पीयूष गोयल: PPP आधार पर भारतीय अर्थव्यवस्था 20 ट्रिलियन डॉलर के करीब, दुनिया में तीसरा स्थान

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पीयूष गोयल: PPP आधार पर भारतीय अर्थव्यवस्था 20 ट्रिलियन डॉलर के करीब, दुनिया में तीसरा स्थान

सारांश

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने PAFI फोरम में बड़ा दावा किया — PPP आधार पर भारत की अर्थव्यवस्था 20 ट्रिलियन डॉलर के करीब है और देश 30 ट्रिलियन के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। साथ ही कनाडा से लेकर GCC तक दर्जनभर देशों के साथ व्यापार वार्ताएँ जारी हैं।

मुख्य बातें

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 25 सितंबर 2026 को कहा कि PPP आधार पर भारतीय अर्थव्यवस्था लगभग 20 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच चुकी है।
भारत PPP के लिहाज़ से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।
भारत 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य के साथ कनाडा, GCC, SACU, रूस, इज़राइल सहित अनेक देशों से व्यापार वार्ता में संलग्न है।
अगले 5 वर्षों में भारत में सेमीकंडक्टर की वार्षिक खपत 150 अरब डॉलर से अधिक होने का अनुमान।
भारत निजी क्षेत्र द्वारा रॉकेट लॉन्च करने वाला दुनिया का तीसरा देश बन गया है।

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 25 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 13वें PAFI वार्षिक फोरम 2026 में कहा कि क्रय शक्ति समता (PPP) के आधार पर भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 20 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच चुका है, जो भारत को वैश्विक स्तर पर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा दिलाता है। मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि भारत 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है।

क्रय शक्ति समता का महत्व

क्रय शक्ति समता (PPP) वे मुद्रा-रूपांतरण दरें हैं जो विभिन्न देशों में मूल्य स्तर के अंतर को समाप्त कर अलग-अलग मुद्राओं की वास्तविक क्रय क्षमता को समान आधार पर मापती हैं। गोयल ने कहा कि जैसे-जैसे भारत 30 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य की ओर बढ़ेगा, PPP और बाज़ार-विनिमय दर आधारित GDP के बीच का अंतर स्वाभाविक रूप से सिकुड़ता जाएगा।

व्यापार वार्ताओं का विस्तृत दायरा

मंत्री ने बताया कि भारत इस समय कई देशों और व्यापारिक समूहों के साथ व्यापक आर्थिक साझेदारी वार्ताएँ चला रहा है। इनमें कनाडा, चिली, पेरू, मेक्सिको, मालदीव, रूस, इज़राइल के अलावा दक्षिण अफ्रीकी सीमा शुल्क संघ (SACU), खाड़ी सहयोग परिषद (GCC), यूरेशिया और मध्य एशिया शामिल हैं। इन वार्ताओं का प्रमुख उद्देश्य सामान, सेवाओं, पर्यटकों, शैक्षणिक संस्थानों और खेल आयोजनों के सुगम आवागमन के लिए साझा ढाँचा तैयार करना है।

गौरतलब है कि भारत वैश्विक मूल्य शृंखला (Global Value Chain) और आपूर्ति शृंखला में अपनी भागीदारी बढ़ाने के लिए रणनीतिक रूप से इन साझेदारियों को आकार दे रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब भू-राजनीतिक पुनर्संरेखण के बीच भारत को एक विश्वसनीय वैकल्पिक विनिर्माण और सेवा केंद्र के रूप में देखा जा रहा है।

सेमीकंडक्टर और AI पर ज़ोर

गोयल ने बताया कि अगले पाँच वर्षों में भारत में सेमीकंडक्टर की वार्षिक खपत 150 अरब डॉलर से अधिक होने का अनुमान है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इकोसिस्टम में क्षमता निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया, जिसमें बड़े भाषा मॉडल (Large Language Models) और एजेंटिक मॉडल शामिल हैं। इनोवेशन और डीप-टेक क्षेत्र में भारतीय स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देना सरकार की प्राथमिकता बताई गई।

अंतरिक्ष और युवा शक्ति

मंत्री ने इस बात का विशेष उल्लेख किया कि भारत निजी क्षेत्र द्वारा अंतरिक्ष में रॉकेट प्रक्षेपण करने वाला दुनिया का तीसरा देश बन गया है। उन्होंने भारत की युवा आबादी की वैश्विक घटनाक्रमों के प्रति बढ़ती जागरूकता और स्टार्टअप इकोसिस्टम की तेज़ वृद्धि को देश के आर्थिक भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। गोयल ने युवाओं की अपने भविष्य के संदर्भ में सही निर्णय लेने की क्षमता पर भरोसा जताया।

आगे की राह

भारत की बढ़ती PPP-आधारित GDP और व्यापक व्यापार वार्ताओं का यह संयोजन संकेत देता है कि नई दिल्ली अपनी आर्थिक कूटनीति को नए सिरे से परिभाषित कर रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, 30 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य की विश्वसनीयता इस बात पर निर्भर करेगी कि इन व्यापार समझौतों का वास्तविक क्रियान्वयन कितनी तेज़ी और पारदर्शिता से होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि PPP एक सांख्यिकीय उपकरण है — बाज़ार विनिमय दर पर भारत की GDP अभी भी इससे काफी कम है। असली चुनौती यह है कि क्या चल रही दर्जनभर व्यापार वार्ताएँ ठोस समझौतों में बदलेंगी, क्योंकि भारत के कई FTA वार्ता-चक्र वर्षों से अधूरे हैं। सेमीकंडक्टर और AI पर जोर सही दिशा में है, लेकिन 150 अरब डॉलर की खपत क्षमता तभी फलीभूत होगी जब घरेलू विनिर्माण आधार उसी गति से विकसित हो — अन्यथा यह आयात निर्भरता को और गहरा कर सकता है।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PPP आधार पर भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार कितना है?
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, क्रय शक्ति समता (PPP) के आधार पर भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 20 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच गया है, जो भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाता है।
क्रय शक्ति समता (PPP) क्या होती है?
PPP वे मुद्रा-रूपांतरण दरें हैं जो विभिन्न देशों में मूल्य स्तर के अंतर को समाप्त कर अलग-अलग मुद्राओं की वास्तविक खरीद क्षमता को समान आधार पर मापती हैं। इससे देशों की आर्थिक ताकत की अधिक सटीक तुलना संभव होती है।
भारत किन देशों के साथ व्यापार वार्ता कर रहा है?
भारत इस समय कनाडा, चिली, पेरू, मेक्सिको, मालदीव, रूस, इज़राइल के अलावा SACU, GCC, यूरेशिया और मध्य एशिया के साथ व्यापक आर्थिक साझेदारी वार्ताएँ चला रहा है। इनका उद्देश्य सामान, सेवाओं और लोगों के आवागमन को सुगम बनाना है।
भारत में सेमीकंडक्टर की माँग कितनी बढ़ने का अनुमान है?
पीयूष गोयल के अनुसार अगले पाँच वर्षों में भारत में सेमीकंडक्टर की वार्षिक खपत 150 अरब डॉलर से अधिक होने की उम्मीद है। सरकार इस माँग को पूरा करने के लिए घरेलू उत्पादन क्षमता और AI इकोसिस्टम विकास पर जोर दे रही है।
भारत का 30 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य क्या है?
गोयल ने PAFI फोरम 2026 में कहा कि भारत 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में बातचीत और नीति-निर्माण कर रहा है। उनके अनुसार इस लक्ष्य की प्राप्ति के साथ PPP और बाज़ार-दर आधारित GDP के बीच का अंतर भी कम होता जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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