11 जुलाई 2026
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पीयूष गोयल का टोरंटो में कनाडाई कारोबारियों को न्योता, CEPA से ₹4 लाख करोड़ व्यापार का लक्ष्य

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पीयूष गोयल का टोरंटो में कनाडाई कारोबारियों को न्योता, CEPA से ₹4 लाख करोड़ व्यापार का लक्ष्य

सारांश

पीयूष गोयल का टोरंटो दौरा महज़ एक कूटनीतिक औपचारिकता नहीं — यह भारत-कनाडा संबंधों के पुनर्निर्माण की सबसे ठोस कोशिश है। 100 से अधिक कंपनियों का प्रतिनिधिमंडल और 2030 तक $50 अरब व्यापार का लक्ष्य बताता है कि दोनों देश कूटनीतिक तनाव के बाद अब वाणिज्यिक धरातल पर नई शुरुआत करने को तैयार हैं।

मुख्य बातें

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने टोरंटो में मंत्री स्तरीय सत्र को संबोधित किया; कनाडाई व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू भी मौजूद रहे।
गोयल 100 से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ कनाडा में अब तक के सबसे बड़े भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।
भारत-कनाडा द्विपक्षीय व्यापार अभी लगभग $8.5 अरब डॉलर ; दोनों देशों का लक्ष्य इसे 2030 तक $50 अरब तक पहुँचाना।
CEPA वार्ता को गति देना इस तीन दिवसीय दौरे की प्राथमिकता; यह मार्च 2026 में मोदी-कार्नी शिखर वार्ता की अगली कड़ी है।
ओटावा में उच्च स्तरीय व्यापार वार्ता के बाद टोरंटो में उद्योग गोलमेज और बी2बी बैठकें आयोजित।

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 27 मई 2026 को टोरंटो में 'राजनीतिक पुनर्संतुलन से वाणिज्यिक परिणाम तक' शीर्षक वाले उद्घाटन मंत्री स्तरीय पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए कनाडा के व्यापारिक और औद्योगिक नेतृत्व को भारत की विकास गाथा में सक्रिय भागीदार बनने का आमंत्रण दिया। इस सत्र में कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू भी उपस्थित रहे।

मुख्य घटनाक्रम

गोयल ने इस अवसर पर भारत में कारोबार सुगमता और निवेशक-अनुकूल वातावरण बनाने की दिशा में की जा रही निरंतर कोशिशों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को मज़बूत करने में एक अहम उत्प्रेरक की भूमिका निभाएगा और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते खोलेगा।

मंत्री ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि भारत-कनाडा आर्थिक साझेदारी का अगला अध्याय आपसी विश्वास की नींव पर आगे बढ़ेगा और दोनों देशों की समृद्धि में योगदान देगा।

अब तक का सबसे बड़ा भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल

वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, गोयल कनाडा में अब तक के सबसे बड़े भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसमें 100 से अधिक कंपनियों के औद्योगिक प्रमुख शामिल हैं। ओटावा में उच्च स्तरीय व्यापार वार्ता के बाद, टोरंटो में उद्योग गोलमेज बैठकों और बी2बी मीटिंग के व्यापक कार्यक्रम का उद्देश्य मंत्री स्तरीय प्रतिबद्धताओं को ठोस व्यावसायिक साझेदारियों में बदलना है।

द्विपक्षीय व्यापार का महत्वाकांक्षी लक्ष्य

फिलहाल भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग $8.5 अरब डॉलर (करीब ₹70,000 करोड़) है। दोनों सरकारों ने इसे 2030 तक $50 अरब डॉलर (लगभग ₹4 लाख करोड़) तक पहुँचाने का साझा लक्ष्य तय किया है — यानी मौजूदा स्तर से लगभग छह गुना वृद्धि। यह लक्ष्य तभी संभव होगा जब CEPA वार्ता समयबद्ध तरीके से पूरी हो।

मोदी-कार्नी शिखर वार्ता की अगली कड़ी

यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच मार्च 2026 में नई दिल्ली में हुई शिखर वार्ता में तय एजेंडे को आगे बढ़ाता है। गौरतलब है कि यह 2025 के मध्य से दोनों देशों के बीच जारी उच्च स्तरीय कूटनीतिक और व्यापारिक संवाद की निरंतरता भी है, जो पिछले कुछ वर्षों में कूटनीतिक तनाव के बाद संबंधों के पुनर्निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।

आगे क्या

तीन दिवसीय कनाडा दौरे का केंद्रीय लक्ष्य CEPA वार्ता को गति देना है, जो दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग के लिए एक दीर्घकालिक संरचनात्मक ढाँचा तैयार करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते के लागू होने पर फार्मास्युटिकल, आईटी, कृषि और ऊर्जा क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग के नए द्वार खुल सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी विश्वसनीयता CEPA वार्ता की गति पर टिकी है, जो वर्षों से अटकी है। यह दौरा 2023-24 के कूटनीतिक तनाव के बाद संबंधों को पटरी पर लाने की कोशिश है, पर असली परीक्षा यह है कि मंत्री स्तरीय प्रतिबद्धताएँ ज़मीनी व्यापारिक समझौतों में कितनी जल्दी तब्दील होती हैं। 100 कंपनियों का प्रतिनिधिमंडल संकेत देता है कि भारतीय उद्योग जगत इस पुनर्जुड़ाव को गंभीरता से ले रहा है — अब देखना यह है कि सरकारें इस व्यावसायिक उत्साह को नीतिगत ढाँचे में बदल पाती हैं या नहीं।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल का कनाडा दौरा किस उद्देश्य से है?
यह तीन दिवसीय दौरा भारत-कनाडा द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों को मज़बूत करने के लिए है, जिसमें CEPA वार्ता को गति देना मुख्य प्राथमिकता है। ओटावा में उच्च स्तरीय व्यापार वार्ता और टोरंटो में उद्योग गोलमेज बैठकें इसी एजेंडे का हिस्सा हैं।
भारत-कनाडा CEPA क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
CEPA यानी व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग के लिए एक दीर्घकालिक संरचनात्मक ढाँचा है। यह समझौता लागू होने पर फार्मास्युटिकल, आईटी, कृषि और ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते खुल सकते हैं।
भारत-कनाडा व्यापार का 2030 तक क्या लक्ष्य है?
दोनों सरकारों ने मौजूदा लगभग $8.5 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक $50 अरब डॉलर तक पहुँचाने का साझा लक्ष्य रखा है। यह मौजूदा स्तर से करीब छह गुना वृद्धि होगी।
इस दौरे का मोदी-कार्नी शिखर वार्ता से क्या संबंध है?
यह दौरा मार्च 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच नई दिल्ली में हुई शिखर वार्ता में तय एजेंडे को आगे बढ़ाता है। यह 2025 के मध्य से दोनों देशों के बीच जारी उच्च स्तरीय कूटनीतिक और व्यापारिक संवाद की निरंतरता है।
गोयल के साथ कनाडा गए भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल में कौन शामिल हैं?
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, यह कनाडा में अब तक का सबसे बड़ा भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल है, जिसमें 100 से अधिक कंपनियों के औद्योगिक प्रमुख शामिल हैं। इस प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य मंत्री स्तरीय प्रतिबद्धताओं को ठोस व्यावसायिक साझेदारियों में बदलना है।
राष्ट्र प्रेस
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