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भारत-कनाडा मुक्त व्यापार समझौता: मिशन मोड में काम, 2030 तक व्यापार $50 बिलियन करने का लक्ष्य

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भारत-कनाडा मुक्त व्यापार समझौता: मिशन मोड में काम, 2030 तक व्यापार $50 बिलियन करने का लक्ष्य

सारांश

भारत और कनाडा के बीच आठ साल की दूरी के बाद रिश्तों में तेज़ी आई है। मंत्री गोयल और सिद्धू ने ओटावा में मिलकर FTA को इस साल अंतिम रूप देने और 2030 तक व्यापार तीन गुना कर $50 बिलियन पहुँचाने का संकल्प जताया — यह दोनों देशों के बीच नए आर्थिक युग की शुरुआत का संकेत है।

मुख्य बातें

पीयूष गोयल और मनिंदर सिद्धू ने 25 मई को ओटावा में संयुक्त संबोधन में भारत-कनाडा FTA पर मिशन मोड में काम की पुष्टि की।
दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार $17 बिलियन से बढ़ाकर $50 बिलियन करने का निर्देश दिया है।
FTA वार्ता के मुख्य वार्ताकारों के बीच दो दौर पहले ही पूरे; अगले 48 घंटों में और बैठकें निर्धारित।
मार्च में हुई CEPA वार्ता और CAD 2.6 बिलियन की यूरेनियम डील इस गति की पृष्ठभूमि बनी।
भारत से अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल वर्ष के अंत में कनाडा आएगा।
कनाडाई PM मार्क कार्नी की भारत यात्रा — आठ वर्षों में पहली — को संबंधों में बदलाव का टर्निंग पॉइंट बताया गया।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने 25 मई को ओटावा में संयुक्त मीडिया संबोधन में घोषणा की कि दोनों देश मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को इस वर्ष के अंत तक या उससे पहले अंतिम रूप देने के लक्ष्य के साथ मिशन मोड में काम कर रहे हैं। दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने दोनों मंत्रियों को द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा $17 बिलियन से बढ़ाकर 2030 तक $50 बिलियन करने का स्पष्ट निर्देश दिया है।

मुख्य घटनाक्रम

मंत्री सिद्धू ने बताया कि वार्ता में मुख्य वार्ताकारों के बीच दो दौर पहले ही पूरे हो चुके हैं और अगले 48 घंटों में और बैठकें निर्धारित हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया को 'व्हाट्सएप डिप्लोमेसी' करार देते हुए कहा कि दोनों पक्षों के बीच लगातार संवाद जारी है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष के अंत में भारत से अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल कनाडा आएगा।

मार्च में हुई CEPA और यूरेनियम डील की पृष्ठभूमि

मंत्री सिद्धू ने गोयल के इस दौरे को मार्च में हुई व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) की वार्ता और CAD 2.6 बिलियन की यूरेनियम डील के साथ जोड़ते हुए इसे 'बिल्कुल सही समय पर' बताया। गौरतलब है कि कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी कुछ महीने पहले भारत का दौरा कर चुके हैं — और यह आठ वर्षों में किसी कनाडाई प्रधानमंत्री की पहली भारत यात्रा थी।

संबंधों में बदलाव का संकेत

मंत्री गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री कार्नी की भारत यात्रा ने दोनों देशों के एक-दूसरे को देखने के नज़रिए को 'पूरी तरह बदल दिया है।' उन्होंने कहा, "यह एक ऐसा संबंध है जो आने वाले सालों में बहुत ज़रूरी होने वाला है।" यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्यापार तनाव और भू-राजनीतिक पुनर्संरेखण के बीच भारत और कनाडा दोनों नए साझेदारों की तलाश में हैं।

व्यापारिक समुदाय की भूमिका

सिद्धू ने बताया कि वह देशभर के व्यापारिक समुदायों, वाणिज्य मंडलों और अन्य हितधारकों से लगातार संवाद कर रहे हैं। उन्होंने वर्ष के अंत में एक कनाडाई व्यापारिक मिशन को भारत ले जाने की भी घोषणा की, ताकि दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को ज़मीनी स्तर पर मज़बूत किया जा सके।

आगे की राह

दोनों मंत्रियों ने स्पष्ट किया कि FTA को इस वर्ष के अंत तक या उससे पहले पूरा करने का लक्ष्य है। गोयल ने कहा कि दोनों पक्षों की गति और इरादा स्पष्ट रूप से दिखता है। यदि यह समझौता समय पर संपन्न होता है, तो यह भारत के हाल के वर्षों के सबसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय व्यापार समझौतों में से एक होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

और उनकी जड़ें अभी पूरी तरह नहीं सुलझी हैं। $50 बिलियन का व्यापार लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, लेकिन मौजूदा $17 बिलियन से तीन गुना की छलांग के लिए केवल FTA काफी नहीं — बाज़ार पहुँच, वीज़ा नीति और निवेश सुरक्षा पर ठोस प्रगति ज़रूरी है। 'व्हाट्सएप डिप्लोमेसी' जैसे शब्द उत्साह दिखाते हैं, पर क्रियान्वयन की कसौटी यही होगी कि वर्ष के अंत तक समझौते का मसौदा संसद के सामने आता है या नहीं।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-कनाडा मुक्त व्यापार समझौता (FTA) क्या है और इसकी स्थिति क्या है?
भारत और कनाडा के बीच प्रस्तावित FTA एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौता है जिसका लक्ष्य 2030 तक व्यापार को $17 बिलियन से बढ़ाकर $50 बिलियन करना है। मुख्य वार्ताकारों के बीच दो दौर पूरे हो चुके हैं और इसे इस वर्ष के अंत तक अंतिम रूप देने का लक्ष्य है।
पीयूष गोयल का कनाडा दौरा क्यों अहम है?
यह दौरा मार्च में हुई CEPA वार्ता और CAD 2.6 बिलियन की यूरेनियम डील के बाद हुआ है, जो दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों में तेज़ी का संकेत है। कनाडाई मंत्री सिद्धू ने इसे 'बिल्कुल सही समय पर' बताया।
भारत-कनाडा व्यापार का $50 बिलियन लक्ष्य कब तक हासिल होगा?
दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा $17 बिलियन से बढ़ाकर $50 बिलियन करने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए FTA को इस वर्ष के अंत तक या उससे पहले अंतिम रूप देने की योजना है।
कनाडाई PM मार्क कार्नी की भारत यात्रा का क्या महत्व है?
मार्क कार्नी की भारत यात्रा आठ वर्षों में किसी कनाडाई प्रधानमंत्री की पहली भारत यात्रा थी। मंत्री गोयल ने कहा कि इस यात्रा ने दोनों देशों के एक-दूसरे को देखने के नज़रिए को पूरी तरह बदल दिया है और संबंधों में बदलाव का रास्ता खोला है।
भारत से कनाडा जाने वाला व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल कब आएगा?
कनाडाई मंत्री मनिंदर सिद्धू ने बताया कि वर्ष के अंत में भारत से अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल कनाडा आएगा। इसके साथ ही एक कनाडाई व्यापारिक मिशन भी भारत जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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