8 जुलाई 2026
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पीयूष गोयल 150 उद्योगपतियों के साथ 25 मई को कनाडा रवाना, CEPA वार्ता और $70 अरब व्यापार लक्ष्य पर फोकस

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पीयूष गोयल 150 उद्योगपतियों के साथ 25 मई को कनाडा रवाना, CEPA वार्ता और $70 अरब व्यापार लक्ष्य पर फोकस

सारांश

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल 150 उद्योगपतियों के साथ कनाडा रवाना हो रहे हैं — यह महज़ एक कूटनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि 2030 तक ₹4.65 लाख करोड़ के व्यापार लक्ष्य और CEPA को वर्ष के अंत तक पूरा करने की दौड़ में एक निर्णायक कदम है।

मुख्य बातें

पीयूष गोयल 25 से 27 मई 2026 तक 150 भारतीय उद्योगपतियों के साथ कनाडा दौरे पर जाएंगे।
दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत-कनाडा CEPA वार्ता को आगे बढ़ाना; 25 से 29 मई तक ओटावा में वार्ता का अगला दौर।
लक्ष्य: 2030 तक 70 अरब कनाडाई डॉलर (करीब ₹4.65 लाख करोड़ ) का द्विपक्षीय व्यापार; वर्तमान में 8.5 अरब डॉलर (वित्त वर्ष 2025)।
कनाडाई कंपनियाँ भारत में 100 अरब डॉलर निवेश कर चुकी हैं; सक्रिय कंपनियों की संख्या 600 से 1,000 तक बढ़ाने का लक्ष्य।
यह यात्रा मार्च 2026 में PM मार्क कार्नी की भारत यात्रा के दौरान तय एजेंडे का अनुसरण करती है।
देश में उर्वरक स्टॉक 199.65 लाख मीट्रिक टन , मौसमी माँग के 51% से अधिक — सामान्य बफर 33% से काफी ऊपर।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 25 से 27 मई तक कनाडा के दौरे पर जाएंगे, जिसमें उनके साथ लगभग 150 भारतीय उद्योगपतियों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल होगा। यह दौरा भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) की वार्ता को गति देने और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 70 अरब कनाडाई डॉलर (करीब ₹4.65 लाख करोड़) तक पहुँचाने के लक्ष्य के साथ हो रहा है।

दौरे का कार्यक्रम और एजेंडा

मंत्री गोयल 25 मई को ओटावा में और 26 से 27 मई को टोरंटो में विभिन्न व्यापारिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इसी दौरान 25 से 29 मई तक ओटावा में CEPA वार्ता का अगला दौर भी निर्धारित है। वार्ता में तकनीक, फूड प्रोसेसिंग, स्वच्छ ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) में सहयोग पर विशेष ज़ोर रहेगा।

यह यात्रा मार्च 2026 में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों द्वारा तय किए गए एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए की जा रही है। उसी यात्रा में CEPA के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस पर हस्ताक्षर हुए थे। इसके बाद वार्ता का पहला दौर मार्च में वर्चुअल माध्यम से और दूसरा दौर 8 मई को संपन्न हुआ।

व्यापार और निवेश के आँकड़े

वर्तमान में भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय व्यापार वित्त वर्ष 2025 में 8.5 अरब डॉलर पर है। दोनों देश अगले पाँच वर्षों में इसे 50 अरब डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। गोयल ने एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि कनाडाई पेंशन फंड्स और कंपनियाँ भारत में करीब 100 अरब डॉलर का निवेश कर चुकी हैं।

फिलहाल लगभग 600 कनाडाई कंपनियाँ भारत में सक्रिय हैं और दोनों देश इस संख्या को बढ़ाकर 1,000 तक ले जाना चाहते हैं। गोयल के अनुसार, भारत को उम्मीद है कि ऊर्जा और क्रिटिकल मिनरल्स को शामिल करते हुए एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) किया जाएगा।

उर्वरक सुरक्षा पर सरकार का रुख

दौरे से पहले गोयल ने यह भी स्पष्ट किया कि उर्वरकों की बढ़ी कीमतों का बोझ किसानों पर नहीं डाला गया है और पूरा खर्च केंद्र सरकार ने उठाया है। सरकार के अनुसार, देश में फिलहाल 199.65 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का स्टॉक मौजूद है, जो मौसमी माँग के 51 प्रतिशत से अधिक को पूरा करता है — सामान्य बफर स्तर 33 प्रतिशत की तुलना में काफी अधिक।

हालिया संकट के बाद घरेलू उत्पादन और आयात को तेज़ी से बढ़ाया गया, जिससे कुल उपलब्धता में लगभग 97 लाख मीट्रिक टन की बढ़ोतरी हुई। इसमें घरेलू उत्पादन का योगदान 76.78 लाख मीट्रिक टन और बंदरगाहों तक पहुँचे आयात का योगदान 19.94 लाख मीट्रिक टन रहा।

भारत की व्यापार नीति का व्यापक संदर्भ

गोयल ने कहा, 'हर क्षेत्र में भारत ने दुनिया को दिखाया है कि वह आत्मविश्वासी अर्थव्यवस्था है, जो आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रही है और दुनिया के साथ समान एवं निष्पक्ष शर्तों पर संबंध बना रही है।' उन्होंने इसे भारत द्वारा किए गए नौ मुक्त व्यापार समझौतों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पाँच देशों की सफल यात्रा से जोड़ा।

गोयल ने यह भी कहा, 'भारत की मौजूदा स्थिति संयोग नहीं है — यह पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में किए गए संरचनात्मक सुधारों, केंद्रित रणनीतियों और परिवर्तनकारी पहलों का परिणाम है।' दोनों देश 2026 के अंत तक CEPA को अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए 150 उद्योगपतियों के साथ यह दौरा केवल व्यापार वार्ता नहीं — एक सुनियोजित संबंध-पुनर्निर्माण की कोशिश भी है। हालाँकि, वर्तमान द्विपक्षीय व्यापार महज़ 8.5 अरब डॉलर है और 2030 तक 70 अरब कनाडाई डॉलर का लक्ष्य रखा गया है — यह छह गुना से अधिक की छलाँग है, जो बिना ठोस क्षेत्रीय रोडमैप के महत्वाकांक्षी से परे जाकर अव्यावहारिक लग सकती है। CEPA वार्ता के तीन दौर पूरे हो चुके हैं, लेकिन भारत के अन्य FTA अनुभव बताते हैं कि घोषणाओं और क्रियान्वयन के बीच की खाई अक्सर बड़ी होती है। असली कसौटी यह होगी कि क्रिटिकल मिनरल्स और स्वच्छ ऊर्जा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में दोनों पक्ष कितनी रियायतें देने को तैयार हैं।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल का कनाडा दौरा कब और किस उद्देश्य से हो रहा है?
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल 25 से 27 मई 2026 तक कनाडा दौरे पर जाएंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) की वार्ता को आगे बढ़ाना और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 70 अरब कनाडाई डॉलर तक पहुँचाने की दिशा में काम करना है।
भारत-कनाडा CEPA क्या है और इसकी वार्ता कहाँ तक पहुँची है?
CEPA यानी व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता दोनों देशों के बीच एक व्यापक मुक्त व्यापार ढाँचा है। मार्च 2026 में PM मार्क कार्नी की भारत यात्रा के दौरान टर्म्स ऑफ रेफरेंस पर हस्ताक्षर हुए, पहला दौर मार्च में वर्चुअल माध्यम से और दूसरा दौर 8 मई को संपन्न हुआ। तीसरा दौर 25 से 29 मई तक ओटावा में होगा।
कनाडा में भारतीय निवेश और कंपनियों की क्या स्थिति है?
कनाडाई पेंशन फंड्स और कंपनियाँ भारत में करीब 100 अरब डॉलर का निवेश कर चुकी हैं। फिलहाल लगभग 600 कनाडाई कंपनियाँ भारत में सक्रिय हैं और दोनों देश इस संख्या को 1,000 तक ले जाना चाहते हैं।
इस दौरे में किन क्षेत्रों पर बातचीत होगी?
वार्ता में तकनीक, फूड प्रोसेसिंग, स्वच्छ ऊर्जा, क्रिटिकल मिनरल्स, कृषि और शिक्षा पर विशेष ज़ोर रहेगा। गोयल ने कहा है कि भारत ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों को शामिल करते हुए एक व्यापक FTA की उम्मीद रखता है।
भारत और कनाडा के बीच मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार कितना है?
वित्त वर्ष 2025 में भारत-कनाडा द्विपक्षीय व्यापार 8.5 अरब डॉलर पर है। दोनों देशों ने अगले पाँच वर्षों में इसे 50 अरब डॉलर और 2030 तक 70 अरब कनाडाई डॉलर (करीब ₹4.65 लाख करोड़) तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा है।
राष्ट्र प्रेस
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