पीयूष गोयल की कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर से मुलाकात, आर्थिक सहयोग पर चर्चा

Click to start listening
पीयूष गोयल की कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर से मुलाकात, आर्थिक सहयोग पर चर्चा

सारांश

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर से मुलाकात की, जिसमें आर्थिक संबंधों को गहरा करने के साथ-साथ यूरेनियम आपूर्ति समझौते पर भी चर्चा हुई। जानें इस महत्वपूर्ण मुलाकात के बारे में।

Key Takeaways

  • पीयूष गोयल ने कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री से मुलाकात की।
  • आर्थिक संबंधों को मजबूती देने पर चर्चा हुई।
  • 2.6 अरब डॉलर का यूरेनियम आपूर्ति समझौता हुआ।
  • भारत का 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा लक्ष्य।
  • कनाडा के साथ दीर्घकालिक समझौता रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कनाडा के सस्केचेवान राज्य के प्रीमियर स्कॉट मो और पूर्व प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर महत्वपूर्ण चर्चा की गई।

केंद्रीय मंत्री गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई एक पोस्ट में बताया कि कनाडा के सस्केचेवान राज्य के प्रीमियर स्कॉट मो, पूर्व प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ उनकी बैठक बहुत ही सार्थक रही।

पोस्ट में यह भी कहा गया कि चर्चा का केंद्र आर्थिक संबंधों को और मजबूत करना, सहयोग के नए रास्ते खोजना और भारत-कनाडा के बीच व्यापार वार्ताओं को आगे बढ़ाना रहा। हमने द्विपक्षीय साझेदारी को और गहरा करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया।

इस बैठक के अलावा, भारत और कनाडा के बीच हाल ही में 2.6 अरब डॉलर का एक दीर्घकालिक यूरेनियम आपूर्ति समझौता हुआ है। विशेषज्ञ इसे दोनों देशों के रिश्तों में एक महत्वपूर्ण कदम मानते हैं।

वैश्विक विश्लेषकों का मानना है कि यह समझौता भारत के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को मजबूत करेगा, जिसके तहत देश 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करना चाहता है।

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में घरेलू स्तर पर यूरेनियम उत्पादन भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। इसलिए, दीर्घकालिक यूरेनियम आयात की व्यवस्था करना जरूरी हो जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में यूरेनियम का घरेलू उत्पादन कुल मांग के मुकाबले काफी कम रहने की संभावना है, जिसका अर्थ है कि भारत को वर्तमान और भविष्य के परमाणु रिएक्टरों के संचालन के लिए आयात पर निर्भर रहना पड़ेगा। यही कारण है कि कनाडा के साथ दीर्घकालिक सप्लाई समझौता रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

Point of View

यह मुलाकात भारत और कनाडा के बीच आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। यह द्विपक्षीय साझेदारी की मजबूती के लिए आवश्यक है, खासकर यूरेनियम जैसे महत्वपूर्ण संसाधनों के संदर्भ में।
NationPress
07/03/2026

Frequently Asked Questions

पीयूष गोयल ने किससे मुलाकात की?
उन्होंने कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर और सस्केचेवान राज्य के प्रीमियर स्कॉट मो से मुलाकात की।
इस मुलाकात में किन विषयों पर चर्चा हुई?
इसमें दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और यूरेनियम आपूर्ति पर चर्चा की गई।
भारत और कनाडा के बीच यूरेनियम समझौता क्या है?
हाल ही में दोनों देशों के बीच 2.6 अरब डॉलर का दीर्घकालिक यूरेनियम आपूर्ति समझौता हुआ है।
भारत का परमाणु ऊर्जा लक्ष्य क्या है?
भारत 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखता है।
क्यों है कनाडा के साथ समझौता महत्वपूर्ण?
कनाडा के साथ दीर्घकालिक सप्लाई समझौता भारत के लिए आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।
Nation Press