16 जुलाई 2026
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पीयूष गोयल का कनाडा दौरा: भारत-कनाडा व्यापार 2030 तक $50 अरब के लक्ष्य की ओर

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पीयूष गोयल का कनाडा दौरा: भारत-कनाडा व्यापार 2030 तक $50 अरब के लक्ष्य की ओर

सारांश

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल का तीन दिवसीय कनाडा दौरा महज शिष्टाचार भेंट नहीं था — यह दोनों देशों के बीच आर्थिक सेतु को फिर से मज़बूत करने की कोशिश थी। PM मार्क कार्नी और ओंटारियो के प्रीमियर से मुलाकात के साथ, $8.5 अरब के मौजूदा व्यापार को 2030 तक $50 अरब तक ले जाने का लक्ष्य अब औपचारिक प्रतिबद्धता बन चुका है।

मुख्य बातें

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने 30 मई 2026 को तीन दिवसीय कनाडा दौरे की झलकियाँ साझा कीं।
कनाडा के PM मार्क कार्नी , व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू , विदेश मंत्री अनीता आनंद और ओंटारियो प्रीमियर डग फोर्ड से बैठकें हुईं।
भारत-कनाडा द्विपक्षीय व्यापार वर्तमान में $8.5 अरब ; 2030 तक $50 अरब का लक्ष्य।
CEPA वार्ताओं को गति देने पर विशेष ज़ोर; AI, क्लीनटेक, एग्रीटेक, डीप-टेक में सहयोग की संभावनाएँ रेखांकित।
ओंटारियो सेंटर ऑफ इनोवेशन का दौरा; भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को कनाडाई निवेशकों के सामने प्रस्तुत किया।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 30 मई 2026 को अपने तीन दिवसीय कनाडा दौरे की प्रमुख झलकियाँ साझा करते हुए कहा कि इस यात्रा ने दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में नई ऊर्जा का संचार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत और कनाडा, वर्तमान $8.5 अरब के द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक $50 अरब तक पहुँचाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध हैं।

उच्चस्तरीय बैठकों का दौर

इस दौरे के दौरान गोयल ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू और विदेश मंत्री अनीता आनंद के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं। टोरंटो में आयोजित उद्घाटन मंत्रीस्तरीय पूर्ण सत्र में उन्होंने भारत की आर्थिक प्राथमिकताओं और निवेश अवसरों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

इसके अलावा, ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड से भी मुलाकात हुई, जिसमें भारत-ओंटारियो सहयोग को और प्रगाढ़ बनाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।

व्यापार और निवेश पर केंद्रित चर्चाएँ

गोयल ने कनाडा निवेश गोलमेज बैठक में भाग लिया और भारत-कनाडा कॉरिडोर से जुड़े क्षेत्रीय चैंबरों के प्रतिनिधियों, कई कंपनियों के सीईओ तथा उद्योग एवं व्यापार मंडलों के प्रमुखों से मिलकर व्यापार और निवेश के अवसरों पर चर्चा की। कनाडा-इंडिया फाउंडेशन के सदस्यों से भी उनकी मुलाकात हुई।

दोनों देशों के नेताओं ने विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढाँचा, स्वच्छ ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण और महत्वपूर्ण खनिज जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग विस्तार की संभावनाओं को रेखांकित किया।

नवाचार और स्टार्टअप पर जोर

गोयल ने ओंटारियो सेंटर ऑफ इनोवेशन का दौरा करते हुए भारत के तेज़ी से उभरते स्टार्टअप और नवाचार इकोसिस्टम को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्लीनटेक, एग्रीटेक और डीप-टेक जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों की क्षमताएँ परस्पर पूरक हैं, जो सार्थक साझेदारी की ज़मीन तैयार करती हैं।

सीईपीए वार्ता को नई गति

यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर चल रही वार्ताओं को गति देने की ज़रूरत महसूस की जा रही है। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध पिछले कुछ वर्षों में तनावपूर्ण रहे हैं, ऐसे में यह दौरा आर्थिक मोर्चे पर पुनः सक्रियता का संकेत देता है। आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों सरकारें व्यापार और निवेश साझेदारी को नई ऊँचाई देने की प्रतिबद्धता दोहरा चुकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

$8.5 अरब से $50 अरब का सफर महज छह वर्षों में तय करना एक असाधारण छलाँग है, जो तभी संभव है जब CEPA वार्ताएँ ठोस नतीजों पर पहुँचें — और यह वार्ताएँ वर्षों से अटकी पड़ी हैं। AI, क्लीनटेक और डीप-टेक में सहयोग की बात प्रेरक है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या दोनों सरकारें वीज़ा बाधाओं, बाज़ार पहुँच और नियामक मान्यता जैसे व्यावहारिक अवरोधों को दूर कर पाती हैं।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीयूष गोयल का कनाडा दौरा किस उद्देश्य से हुआ?
यह तीन दिवसीय दौरा भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक एवं आर्थिक संबंधों को मज़बूत करने और CEPA वार्ताओं को गति देने के उद्देश्य से किया गया। इस दौरान कनाडा के शीर्ष नेताओं और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से व्यापक बातचीत हुई।
भारत और कनाडा के बीच 2030 तक $50 अरब व्यापार का लक्ष्य क्या है?
आधिकारिक बयान के अनुसार, भारत-कनाडा का मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार लगभग $8.5 अरब है। दोनों देशों की सरकारों ने इसे 2030 तक $50 अरब तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता जताई है, जो लगभग छह गुना वृद्धि होगी।
गोयल ने कनाडा में किन नेताओं से मुलाकात की?
गोयल ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू, विदेश मंत्री अनीता आनंद और ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड से मुलाकात की। इसके अलावा उद्योग जगत के सीईओ और कनाडा-इंडिया फाउंडेशन के सदस्यों से भी बातचीत हुई।
भारत-कनाडा CEPA क्या है और इसकी स्थिति क्या है?
CEPA यानी व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (Comprehensive Economic Partnership Agreement) दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को संस्थागत ढाँचा देने वाला प्रस्तावित समझौता है। इस दौरे में इन वार्ताओं को नई गति देने पर विशेष ज़ोर दिया गया।
किन क्षेत्रों में भारत-कनाडा सहयोग की संभावनाएँ हैं?
दोनों देशों ने AI, क्लीनटेक, एग्रीटेक, डीप-टेक, विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण और महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएँ रेखांकित की हैं। गोयल ने कहा कि इन क्षेत्रों में दोनों देशों की क्षमताएँ परस्पर पूरक हैं।
राष्ट्र प्रेस
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