पीयूष गोयल का कनाडा दौरा: भारत-कनाडा व्यापार 2030 तक $50 अरब के लक्ष्य की ओर
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 30 मई 2026 को अपने तीन दिवसीय कनाडा दौरे की प्रमुख झलकियाँ साझा करते हुए कहा कि इस यात्रा ने दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में नई ऊर्जा का संचार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत और कनाडा, वर्तमान $8.5 अरब के द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक $50 अरब तक पहुँचाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध हैं।
उच्चस्तरीय बैठकों का दौर
इस दौरे के दौरान गोयल ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू और विदेश मंत्री अनीता आनंद के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं। टोरंटो में आयोजित उद्घाटन मंत्रीस्तरीय पूर्ण सत्र में उन्होंने भारत की आर्थिक प्राथमिकताओं और निवेश अवसरों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इसके अलावा, ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड से भी मुलाकात हुई, जिसमें भारत-ओंटारियो सहयोग को और प्रगाढ़ बनाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
व्यापार और निवेश पर केंद्रित चर्चाएँ
गोयल ने कनाडा निवेश गोलमेज बैठक में भाग लिया और भारत-कनाडा कॉरिडोर से जुड़े क्षेत्रीय चैंबरों के प्रतिनिधियों, कई कंपनियों के सीईओ तथा उद्योग एवं व्यापार मंडलों के प्रमुखों से मिलकर व्यापार और निवेश के अवसरों पर चर्चा की। कनाडा-इंडिया फाउंडेशन के सदस्यों से भी उनकी मुलाकात हुई।
दोनों देशों के नेताओं ने विनिर्माण, प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढाँचा, स्वच्छ ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण और महत्वपूर्ण खनिज जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग विस्तार की संभावनाओं को रेखांकित किया।
नवाचार और स्टार्टअप पर जोर
गोयल ने ओंटारियो सेंटर ऑफ इनोवेशन का दौरा करते हुए भारत के तेज़ी से उभरते स्टार्टअप और नवाचार इकोसिस्टम को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्लीनटेक, एग्रीटेक और डीप-टेक जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों की क्षमताएँ परस्पर पूरक हैं, जो सार्थक साझेदारी की ज़मीन तैयार करती हैं।
सीईपीए वार्ता को नई गति
यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर चल रही वार्ताओं को गति देने की ज़रूरत महसूस की जा रही है। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध पिछले कुछ वर्षों में तनावपूर्ण रहे हैं, ऐसे में यह दौरा आर्थिक मोर्चे पर पुनः सक्रियता का संकेत देता है। आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों सरकारें व्यापार और निवेश साझेदारी को नई ऊँचाई देने की प्रतिबद्धता दोहरा चुकी हैं।