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भारत-कनाडा CEPA वार्ता को नई गति: वाणिज्य सचिव अग्रवाल और उच्चायुक्त कूटर की नई दिल्ली में बैठक

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भारत-कनाडा CEPA वार्ता को नई गति: वाणिज्य सचिव अग्रवाल और उच्चायुक्त कूटर की नई दिल्ली में बैठक

सारांश

भारत और कनाडा के बीच CEPA वार्ता को नई गति मिली है। वाणिज्य सचिव अग्रवाल और उच्चायुक्त कूटर की नई दिल्ली बैठक, G-7 में मोदी-कार्नी मुलाकात और मंत्री गोयल की कनाडा यात्रा — ये सभी संकेत देते हैं कि दोनों देश $50 अरब के व्यापार लक्ष्य की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्य बातें

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर की 25 जून 2025 को नई दिल्ली में बैठक हुई।
बैठक में भारत-कनाडा CEPA वार्ता को आगे बढ़ाने और द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश गहरा करने पर चर्चा हुई।
दोनों देशों का साझा लक्ष्य द्विपक्षीय व्यापार को $50 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचाना है।
मई 2025 में मंत्री पीयूष गोयल की कनाडा यात्रा में अब तक का सबसे बड़ा भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ था।
G-7 शिखर सम्मेलन में PM मोदी और PM मार्क कार्नी ने मुक्त व्यापार समझौता शीघ्र पूरा होने का भरोसा जताया।

भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) की वार्ता को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और भारत में कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर के बीच 25 जून 2025 को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को गहरा करने के ठोस रास्तों पर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक के मुख्य बिंदु

बैठक में भारत-कनाडा आर्थिक सहयोग को मजबूत करने, द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश संबंधों को और गहरा करने तथा CEPA वार्ता में तेज़ी लाने पर केंद्रित चर्चा हुई। कनाडा उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बैठक की जानकारी साझा करते हुए बताया कि दोनों पक्षों ने साझा समृद्धि और व्यापार विस्तार को प्राथमिकता देने पर सहमति जताई।

वाणिज्य सचिव अग्रवाल ने दोनों पक्षों के प्रयासों की सराहना की और मई 2025 में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की कनाडा यात्रा के सकारात्मक परिणामों का विशेष उल्लेख किया। उस यात्रा में अब तक का सबसे बड़ा उच्चस्तरीय भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ था।

$50 अरब का व्यापार लक्ष्य

दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचाने का साझा लक्ष्य निर्धारित किया है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत और कनाडा अपने राजनयिक संबंधों में नई ऊर्जा भरने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के संबंधों में कुछ तनाव भी रहा था, जिसके बाद यह नई गर्मजोशी कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

G-7 शिखर सम्मेलन में मोदी-कार्नी मुलाकात

हाल ही में फ्रांस के एवियन में आयोजित G-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों नेताओं ने व्यापार, ऊर्जा, नवाचार, शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क को और मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री कार्नी ने उस बैठक में कहा कि दोनों देश मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में अच्छी प्रगति कर रहे हैं। उन्होंने पहले भी कहा था कि भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता कनाडा के कर्मचारियों और कारोबारों के लिए बड़ा बदलाव साबित होगा।

CEPA का महत्व

भारत-कनाडा CEPA दोनों देशों के बीच वस्तुओं, सेवाओं और निवेश पर व्यापक व्यवस्था बनाने का प्रयास है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह समझौता भारत के IT, फार्मा और कृषि क्षेत्र को कनाडाई बाज़ार में बेहतर पहुँच दे सकता है, जबकि कनाडा के ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधन क्षेत्र को भारत में नए अवसर मिल सकते हैं।

आगे की राह

इस बैठक के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि CEPA वार्ता में ठोस प्रगति जल्द देखने को मिलेगी। दोनों देशों के नेताओं ने मुक्त व्यापार समझौता शीघ्र पूरा होने को लेकर भरोसा जताया है। यह बैठक उस व्यापक कूटनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें दोनों देश अपनी आर्थिक साझेदारी को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध दिख रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे संदर्भ में देखना ज़रूरी है — यह वही व्यापार वार्ता है जो 2017 में रुक गई थी और 2023 में राजनयिक तनाव के कारण लगभग ठप हो गई थी। $50 अरब का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, पर मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार उससे काफी दूर है। असली कसौटी यह होगी कि CEPA वार्ता में कृषि, डेयरी और वीज़ा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर दोनों पक्ष कितना लचीलापन दिखाते हैं — जो अब तक गतिरोध की जड़ रहे हैं। बैठकों की संख्या नहीं, समझौते की गुणवत्ता तय करेगी कि यह नई गर्मजोशी टिकाऊ है या नहीं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-कनाडा CEPA क्या है और यह बैठक क्यों महत्वपूर्ण है?
CEPA यानी व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता, भारत और कनाडा के बीच वस्तुओं, सेवाओं और निवेश पर व्यापक व्यवस्था बनाने का प्रयास है। 25 जून 2025 की यह बैठक CEPA वार्ता को नई गति देने और $50 अरब के व्यापार लक्ष्य की दिशा में ठोस कदम उठाने के लिहाज़ से अहम मानी जा रही है।
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और उच्चायुक्त कूटर की बैठक में क्या हुआ?
इस बैठक में भारत-कनाडा आर्थिक सहयोग को मजबूत करने, द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश संबंधों को गहरा करने और CEPA वार्ता में तेज़ी लाने पर चर्चा हुई। अग्रवाल ने मई 2025 में मंत्री पीयूष गोयल की कनाडा यात्रा के सकारात्मक परिणामों का भी उल्लेख किया।
भारत-कनाडा द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य क्या है?
दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को $50 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचाने का साझा लक्ष्य निर्धारित किया है। इस दिशा में CEPA को अंतिम रूप देना सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।
G-7 में PM मोदी और PM कार्नी की बैठक में क्या तय हुआ?
फ्रांस के एवियन में G-7 शिखर सम्मेलन के दौरान PM मोदी और PM मार्क कार्नी ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और व्यापार, ऊर्जा, नवाचार, शिक्षा व लोगों के बीच संपर्क पर चर्चा की। कार्नी ने कहा कि दोनों देश मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में अच्छी प्रगति कर रहे हैं।
मंत्री पीयूष गोयल की कनाडा यात्रा का क्या महत्व था?
मई 2025 में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की कनाडा यात्रा में अब तक का सबसे बड़ा उच्चस्तरीय भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ था। इस यात्रा के सकारात्मक परिणामों को ही 25 जून की बैठक की पृष्ठभूमि माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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