PM मोदी दिसंबर में कनाडा दौरे पर जाएंगे, मार्क कार्नी बोले — 'मेजबानी को लेकर बेहद उत्सुक हूं'
सारांश
मुख्य बातें
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने 23 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के इतर एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिसंबर में कनाडा आने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, 'वह (प्रधानमंत्री मोदी) कनाडा का दौरा करेंगे। मैं उनकी मेजबानी को लेकर बेहद उत्सुक हूं।' दोनों देश 2026 के अंत तक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) को अंतिम रूप देने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
व्यापार वार्ता में 'अच्छी प्रगति'
कार्नी ने कहा कि भारत के साथ व्यापार वार्ता में 'अच्छी प्रगति' हो रही है और यह संबंध 'कई स्तरों पर बेहद महत्वपूर्ण' है। गौरतलब है कि 2024 में भारत-कनाडा द्विपक्षीय व्यापार $30.8 अरब डॉलर रहा था, और दोनों देशों का साझा लक्ष्य इसे 2030 तक $70 अरब डॉलर से अधिक करना है।
इस सप्ताह की शुरुआत में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू के साथ सीईपीए को आगे बढ़ाने के लिए सार्थक बैठक की। गोयल ने कहा कि दोनों पक्षों ने 'वार्ता में तेजी लाने और जल्द से जल्द सीईपीए को अंतिम रूप देने की अपने नेतृत्व की प्रतिबद्धता दोहराई।'
सीईपीए वार्ता का चौथा दौर पूरा
मंत्री सिद्धू ने बताया कि उनकी टीम ने भारत में सीईपीए वार्ता का चौथा दौर पूरा किया है। उन्होंने कहा कि इन वार्ताओं के लिए 'निरंतर और आमने-सामने सहयोग की जरूरत है' और वे आने वाले हफ्तों में मंत्री गोयल से फिर मिलने को उत्सुक हैं।
सिद्धू के अनुसार सीईपीए कृषि, कृषि-खाद्य, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं प्रौद्योगिकी, एयरोस्पेस और रक्षा जैसे क्षेत्रों में कनाडाई व्यवसायों के लिए भारत के विशाल बाज़ार तक पहुँच के नए अवसर खोल सकता है।
विदेश मंत्री स्तर पर भी सक्रियता
कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने इसी सप्ताह एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि वह भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से संयुक्त राष्ट्र में मिलने और सीईपीए पर चर्चा करने को उत्सुक हैं। उन्होंने लिखा, 'कनाडा-भारत द्विपक्षीय संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और साल के अंत से पहले सीईपीए को अंतिम रूप देना हमारी समग्र रणनीति के लिए महत्वपूर्ण है।'
भारत-कनाडा संबंधों के लिए अहम मोड़
यह ऐसे समय में आया है जब हाल के वर्षों में भारत-कनाडा संबंध कूटनीतिक तनाव के दौर से गुज़रे हैं। दोनों देशों की ओर से एक साथ मंत्री-स्तरीय बैठकें, व्यापार वार्ता के दौर और अब संभावित राजनेता-स्तरीय दौरे का उभरना, इस रिश्ते के नए अध्याय की शुरुआत के संकेत हैं। वाणिज्य मंत्री गोयल ने भरोसा जताया कि सीईपीए के जल्द अंतिम रूप लेने से 'वस्तुओं, सेवाओं और निवेश सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यापार के नए अवसर खुलेंगे।' आने वाले हफ्तों में मंत्री-स्तरीय बातचीत और फिर संभावित मोदी दौरे के साथ यह द्विपक्षीय संबंध एक नई दिशा में आगे बढ़ने के कगार पर है।