मोदी-कार्नी फोन वार्ता: सीईपीए शीघ्र पूरा करने की प्रतिबद्धता, दिसंबर में मोदी की कनाडा यात्रा तय
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को फोन पर द्विपक्षीय संबंधों पर विस्तृत चर्चा की और व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए / CEPA) की वार्ता को जल्द से जल्द संपन्न करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह वार्ता ऐसे समय में हुई जब 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के लक्ष्य को लेकर दोनों देशों के बीच गतिविधियाँ तेज हो गई हैं।
वार्ता के मुख्य बिंदु
दोनों नेताओं ने पिछले एक वर्ष में भारत-कनाडा संबंधों में आई नई ऊर्जा का स्वागत किया। वित्त, रक्षा एवं सुरक्षा, लोगों के बीच संपर्क और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में बढ़ते जुड़ाव को दोनों पक्षों ने सकारात्मक बदलाव के रूप में रेखांकित किया। नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भू-राजनीतिक अस्थिरता के प्रभावों और ऊर्जा व कृषि क्षेत्रों में विश्वसनीय साझेदारों की आवश्यकता पर भी विचार साझा किए।
कनाडा का ऐतिहासिक टीम ट्रेड मिशन और विदेश मंत्री की दिल्ली यात्रा
दोनों प्रधानमंत्रियों ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू के नेतृत्व में भारत में चल रहे ऐतिहासिक टीम कनाडा ट्रेड मिशन का स्वागत किया। साथ ही, इस सप्ताह कनाडाई विदेश मंत्री अनीता आनंद की नई दिल्ली यात्रा का भी उल्लेख किया गया, जिसका उद्देश्य व्यापार, ऊर्जा और लोगों के बीच संबंधों सहित साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाना है।
गौरतलब है कि अक्टूबर 2025 में आनंद की पिछली भारत यात्रा के दौरान भविष्य के सहयोग के लिए एक साझा रोडमैप की घोषणा की गई थी। यह मिशन उसी रोडमैप की क्रमिक परिणति है।
यूक्रेन संघर्ष और सुरक्षा सहयोग
प्रधानमंत्री कार्नी ने यूक्रेन पर रूस के युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में किए गए प्रयासों के लिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना की। दोनों नेताओं ने पिछले सप्ताह भारत में हुई द्विपक्षीय सुरक्षा वार्ता का भी स्वागत किया, जो राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर पर चल रहे सुरक्षा और कानून प्रवर्तन जुड़ाव का हिस्सा है।
भारत-कनाडा संबंधों की पृष्ठभूमि
यह वार्ता दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों में बड़े सुधार की पृष्ठभूमि में हुई है। जून 2025 में कनाडा में जी7 शिखर सम्मेलन और नवंबर 2025 में दक्षिण अफ्रीका में जी20 शिखर सम्मेलन में दोनों प्रधानमंत्रियों की बैठकें, उच्चायुक्तों की बहाली — ये सभी संबंध-सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रहे हैं।
कनाडा के विदेश मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, भारत अधिकांश आव्रजन श्रेणियों में कनाडा का सबसे बड़ा स्रोत देश है। 2024 में कनाडा में भारतीय नागरिकता वाले 3,92,810 स्टडी परमिट धारक थे, जबकि 2021 की संघीय जनगणना के अनुसार 18 लाख से अधिक कनाडाई भारतीय मूल के हैं।
आगे की राह: दिसंबर में मोदी की कनाडा यात्रा
दोनों नेता दिसंबर 2026 में प्रधानमंत्री मोदी की प्रस्तावित कनाडा यात्रा से पहले निकट संपर्क में बने रहने पर सहमत हुए। यह यात्रा दोनों देशों के बीच एक नए अध्याय की आधिकारिक शुरुआत का प्रतीक होगी और सीईपीए वार्ता में निर्णायक गति ला सकती है।