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पीएम मोदी का दिसंबर में कनाडा दौरा भारत-कनाडा संबंधों का अगला तार्किक कदम: उच्चायुक्त पटनायक

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पीएम मोदी का दिसंबर में कनाडा दौरा भारत-कनाडा संबंधों का अगला तार्किक कदम: उच्चायुक्त पटनायक

सारांश

करीब 11 साल बाद पीएम मोदी की कनाडा यात्रा सिर्फ एक राजनयिक औपचारिकता नहीं — यह उस रिश्ते की बहाली की परिणति है जो एक समय गहरे संकट में था। उच्चायुक्त पटनायक ने संकेत दिया कि इस यात्रा के दौरान सीईपीए पर हस्ताक्षर हो सकते हैं, जो दोनों देशों के व्यापार और सुरक्षा सहयोग को नई धुरी दे सकता है।

मुख्य बातें

उच्चायुक्त दिनेश के.
पटनायक ने पुष्टि की कि दिसंबर 2026 में पीएम मोदी की कनाडा यात्रा 'अगला तार्किक कदम' है।
2015 के बाद यह पहली बार होगा जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री कनाडा का दौरा करेंगे।
भारत-कनाडा सीईपीए वार्ता के चार दौर पूरे; नवंबर 2026 तक वार्ता पूरी कर हस्ताक्षर की उम्मीद।
दोनों देशों के विदेश मंत्री पिछले एक साल में 12 से अधिक बार मिल चुके हैं।
NSA अजीत डोभाल और कनाडाई सलाहकार डेविड मॉरिसन के बीच बैठक — सुरक्षा सहयोग प्राथमिकता।
कनाडा में लगभग 30 लाख भारतीय मूल के लोग पीएम मोदी की यात्रा का उत्सुकता से इंतज़ार कर रहे हैं।

भारत के कनाडा में उच्चायुक्त दिनेश के. पटनायक ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिसंबर 2026 में प्रस्तावित कनाडा दौरा दोनों देशों के बीच पुनः स्थापित हो रहे द्विपक्षीय संबंधों में 'अगला तार्किक कदम' है। उन्होंने यह भी बताया कि कनाडा में बसे लगभग 30 लाख भारतीय मूल के लोग पीएम मोदी की इस यात्रा का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। गौरतलब है कि 2015 के बाद यह पहला मौका होगा जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री कनाडा की धरती पर कदम रखेगा।

संबंधों की बहाली की पृष्ठभूमि

पटनायक ने बताया कि इस पुनर्बहाली की शुरुआत तब हुई जब प्रधानमंत्री मोदी को कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कनानास्किस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया। दोनों नेताओं ने इसी अवसर पर निर्णय लिया कि दोनों देशों के उच्चायुक्त अपने-अपने पदों पर लौटें, जो पिछले वर्ष सितंबर में संभव हुआ।

इसके बाद की गति उल्लेखनीय रही। प्रधानमंत्री कार्नी ने फरवरी-मार्च 2026 में भारत का दौरा किया। दोनों देशों के विदेश मंत्री पिछले एक साल में 12 से अधिक बार मिल चुके हैं। इसके अलावा रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, प्राकृतिक संसाधन, शिक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा — इन सभी स्तरों पर मंत्रिस्तरीय और वरिष्ठ अधिकारियों की यात्राएँ हो चुकी हैं।

सीईपीए पर हस्ताक्षर की उम्मीद

पटनायक ने विशेष बातचीत में बताया कि भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) पर वार्ता के चार दौर पूरे हो चुके हैं और बातचीत तेज़ी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, 'जब पिछले साल नवंबर में दोनों प्रधानमंत्रियों की जोहान्सबर्ग में मुलाकात हुई, तो उन्होंने एक साल के भीतर वार्ता समाप्त करने पर सहमति जताई थी।'

पटनायक को भरोसा है कि नवंबर 2026 तक यह वार्ता पूरी हो जाएगी और जब प्रधानमंत्री मोदी कनाडा पहुँचेंगे तब सीईपीए पर हस्ताक्षर की स्थिति बन सकती है। यह समझौता व्यापार, निवेश, ऊर्जा, एयरोस्पेस, अंतरिक्ष, कृषि और सांस्कृतिक संबंधों को नई मज़बूती देगा।

सुरक्षा सहयोग: एक बड़ी प्राथमिकता

उच्चायुक्त ने स्पष्ट किया कि सीमापार अपराध, आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी, जबरन वसूली और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने फरवरी 2026 में कनाडा का दौरा किया और कनाडा की NSA ने भारत का दौरा किया।

हाल ही में डोभाल की कनाडाई प्रधानमंत्री के वरिष्ठ सलाहकार डेविड मॉरिसन के साथ बैठक को पटनायक ने 'बहुत महत्वपूर्ण' बताया। उन्होंने कहा कि इस सहयोग में रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP), भारत की राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) और अन्य एजेंसियाँ शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब कुछ साल पहले तक सुरक्षा का मुद्दा ही दोनों देशों के संबंधों में सबसे बड़ी दरार की वजह था।

भारतीय समुदाय का उत्साह

पटनायक ने बताया कि 2021 की कनाडाई जनगणना के अनुसार वहाँ भारतीय मूल के लगभग 30 लाख लोग रहते हैं — हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, सिख सहित विभिन्न धार्मिक पृष्ठभूमियों के छात्र, कारोबारी, शोधकर्ता और शिक्षाविद। उनके मुताबिक उच्चायोग को लगातार संदेश और अनुरोध मिल रहे हैं कि पीएम मोदी की यात्रा के दौरान उनसे मिलने का अवसर दिया जाए।

पटनायक ने यह भी जोड़ा कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर और कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के नेतृत्व में हुई कूटनीतिक प्रगति इस बहाली का आधार बनी है। उन्हें उम्मीद है कि दिसंबर तक दोनों देशों की संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय और मज़बूत हो जाएगा, और पीएम मोदी की यात्रा इस नई साझेदारी पर मुहर लगाने का काम करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर दिसंबर की यात्रा से पहले यही असली परीक्षा है।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम मोदी का कनाडा दौरा दिसंबर 2026 में क्यों हो रहा है?
उच्चायुक्त दिनेश के. पटनायक के अनुसार, पिछले एक साल में दोनों देशों के बीच राजनीतिक, व्यापारिक, रक्षा और सुरक्षा स्तरों पर हुई व्यापक बातचीत के बाद यह दौरा 'अगला तार्किक कदम' है। 2015 के बाद यह पहली बार होगा जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री कनाडा जाएंगे।
भारत-कनाडा सीईपीए समझौता क्या है और इसकी स्थिति क्या है?
व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (CEPA) भारत और कनाडा के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में सहयोग को नई संरचना देने वाला द्विपक्षीय व्यापार समझौता है। वार्ता के चार दौर पूरे हो चुके हैं और उच्चायुक्त को उम्मीद है कि नवंबर 2026 तक यह पूरा हो जाएगा, जिससे पीएम मोदी की यात्रा के दौरान हस्ताक्षर संभव हो सकते हैं।
भारत और कनाडा के बीच सुरक्षा सहयोग किन मुद्दों पर हो रहा है?
दोनों देश सीमापार अपराध, आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी, जबरन वसूली, संगठित अपराध, धनशोधन और साइबर सुरक्षा पर मिलकर काम कर रहे हैं। इसमें RCMP, NIA और अन्य एजेंसियाँ शामिल हैं। NSA अजीत डोभाल और कनाडाई सलाहकार डेविड मॉरिसन के बीच हाल की बैठक इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कनाडा में भारतीय समुदाय पीएम मोदी की यात्रा को लेकर कैसा महसूस कर रहा है?
2021 की कनाडाई जनगणना के अनुसार वहाँ लगभग 30 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं। उच्चायुक्त के अनुसार, इस समुदाय के विभिन्न वर्गों — छात्रों, कारोबारियों, शोधकर्ताओं और धार्मिक समूहों — की ओर से लगातार संदेश आ रहे हैं कि वे पीएम मोदी से मिलना चाहते हैं।
भारत-कनाडा संबंध इतने तेज़ी से कैसे सुधरे?
संबंधों की बहाली तब शुरू हुई जब कनाडाई पीएम मार्क कार्नी ने जी-7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी को आमंत्रित किया। इसके बाद दोनों देशों के उच्चायुक्तों की वापसी, कार्नी की भारत यात्रा और 12 से अधिक विदेश मंत्री स्तरीय बैठकों ने रिश्ते को नई गति दी। दोनों प्रधानमंत्रियों की नवंबर 2025 में जोहान्सबर्ग में हुई मुलाकात ने इस प्रक्रिया को और तेज़ किया।
राष्ट्र प्रेस
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