पीएम मोदी का दिसंबर में कनाडा दौरा भारत-कनाडा संबंधों का अगला तार्किक कदम: उच्चायुक्त पटनायक
सारांश
मुख्य बातें
भारत के कनाडा में उच्चायुक्त दिनेश के. पटनायक ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिसंबर 2026 में प्रस्तावित कनाडा दौरा दोनों देशों के बीच पुनः स्थापित हो रहे द्विपक्षीय संबंधों में 'अगला तार्किक कदम' है। उन्होंने यह भी बताया कि कनाडा में बसे लगभग 30 लाख भारतीय मूल के लोग पीएम मोदी की इस यात्रा का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। गौरतलब है कि 2015 के बाद यह पहला मौका होगा जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री कनाडा की धरती पर कदम रखेगा।
संबंधों की बहाली की पृष्ठभूमि
पटनायक ने बताया कि इस पुनर्बहाली की शुरुआत तब हुई जब प्रधानमंत्री मोदी को कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कनानास्किस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया। दोनों नेताओं ने इसी अवसर पर निर्णय लिया कि दोनों देशों के उच्चायुक्त अपने-अपने पदों पर लौटें, जो पिछले वर्ष सितंबर में संभव हुआ।
इसके बाद की गति उल्लेखनीय रही। प्रधानमंत्री कार्नी ने फरवरी-मार्च 2026 में भारत का दौरा किया। दोनों देशों के विदेश मंत्री पिछले एक साल में 12 से अधिक बार मिल चुके हैं। इसके अलावा रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, प्राकृतिक संसाधन, शिक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा — इन सभी स्तरों पर मंत्रिस्तरीय और वरिष्ठ अधिकारियों की यात्राएँ हो चुकी हैं।
सीईपीए पर हस्ताक्षर की उम्मीद
पटनायक ने विशेष बातचीत में बताया कि भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) पर वार्ता के चार दौर पूरे हो चुके हैं और बातचीत तेज़ी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, 'जब पिछले साल नवंबर में दोनों प्रधानमंत्रियों की जोहान्सबर्ग में मुलाकात हुई, तो उन्होंने एक साल के भीतर वार्ता समाप्त करने पर सहमति जताई थी।'
पटनायक को भरोसा है कि नवंबर 2026 तक यह वार्ता पूरी हो जाएगी और जब प्रधानमंत्री मोदी कनाडा पहुँचेंगे तब सीईपीए पर हस्ताक्षर की स्थिति बन सकती है। यह समझौता व्यापार, निवेश, ऊर्जा, एयरोस्पेस, अंतरिक्ष, कृषि और सांस्कृतिक संबंधों को नई मज़बूती देगा।
सुरक्षा सहयोग: एक बड़ी प्राथमिकता
उच्चायुक्त ने स्पष्ट किया कि सीमापार अपराध, आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी, जबरन वसूली और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर दोनों देश मिलकर काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने फरवरी 2026 में कनाडा का दौरा किया और कनाडा की NSA ने भारत का दौरा किया।
हाल ही में डोभाल की कनाडाई प्रधानमंत्री के वरिष्ठ सलाहकार डेविड मॉरिसन के साथ बैठक को पटनायक ने 'बहुत महत्वपूर्ण' बताया। उन्होंने कहा कि इस सहयोग में रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP), भारत की राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) और अन्य एजेंसियाँ शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब कुछ साल पहले तक सुरक्षा का मुद्दा ही दोनों देशों के संबंधों में सबसे बड़ी दरार की वजह था।
भारतीय समुदाय का उत्साह
पटनायक ने बताया कि 2021 की कनाडाई जनगणना के अनुसार वहाँ भारतीय मूल के लगभग 30 लाख लोग रहते हैं — हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, सिख सहित विभिन्न धार्मिक पृष्ठभूमियों के छात्र, कारोबारी, शोधकर्ता और शिक्षाविद। उनके मुताबिक उच्चायोग को लगातार संदेश और अनुरोध मिल रहे हैं कि पीएम मोदी की यात्रा के दौरान उनसे मिलने का अवसर दिया जाए।
पटनायक ने यह भी जोड़ा कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर और कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के नेतृत्व में हुई कूटनीतिक प्रगति इस बहाली का आधार बनी है। उन्हें उम्मीद है कि दिसंबर तक दोनों देशों की संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय और मज़बूत हो जाएगा, और पीएम मोदी की यात्रा इस नई साझेदारी पर मुहर लगाने का काम करेगी।