13 अक्टूबर 2026
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भारत-कनाडा संबंध अब तक के सबसे मज़बूत: कनाडाई उच्चायुक्त, मोदी के दिसंबर दौरे में एफटीए पर दांव

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भारत-कनाडा संबंध अब तक के सबसे मज़बूत: कनाडाई उच्चायुक्त, मोदी के दिसंबर दौरे में एफटीए पर दांव

सारांश

कनाडाई उच्चायुक्त का बड़ा बयान — भारत-कनाडा संबंध इतिहास के सर्वश्रेष्ठ दौर में हैं। PM मोदी की दिसंबर में संभावित कनाडा यात्रा के दौरान पहले एफटीए पर मुहर लग सकती है, जिसकी वार्ता महज़ मार्च 2026 में शुरू हुई थी — यह रफ़्तार खुद में एक कूटनीतिक संकेत है।

मुख्य बातें

कनाडाई उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर ने 13 अक्टूबर 2026 को कहा कि भारत-कनाडा संबंध अब तक के सबसे मज़बूत हैं।
PM नरेंद्र मोदी के दिसंबर 2026 में कनाडा दौरे के दौरान पहले मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर की उम्मीद।
एफटीए वार्ता केवल मार्च 2026 में शुरू हुई — यदि दिसंबर तक हस्ताक्षर होते हैं तो यह असाधारण रूप से तेज़ समझौता होगा।
अगले सप्ताह कनाडाई व्यापार मंत्री 300 कारोबारी प्रतिनिधियों के साथ भारत आएंगे — कनाडा का अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक शिष्टमंडल।
कनाडाई कंपनियाँ भारत में एक लाख और भारतीय कंपनियाँ कनाडा में 50,000 लोगों को रोज़गार दे रही हैं।
अगले साल दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 80 वर्ष पूरे होंगे।

कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर ने 13 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में एक विशेष साक्षात्कार में कहा कि भारत और कनाडा के द्विपक्षीय संबंध अपने इतिहास के सबसे मज़बूत दौर में हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिसंबर की शुरुआत में कनाडा का दौरा करेंगे और इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच पहले मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। यह साक्षात्कार ऐसे समय में आया है जब दोनों देश दशकों पुरानी साझेदारी को एक ठोस आर्थिक ढाँचे में बदलने की कोशिश कर रहे हैं।

मुख्य घटनाक्रम

उच्चायुक्त कूटर ने बताया कि दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच पिछले एक वर्ष से अधिक समय में चार बार मुलाकात हो चुकी है। कनाडाई प्रधानमंत्री स्वयं मार्च 2026 में भारत आए थे, और उनके अतिरिक्त कम से कम छह अन्य कनाडाई मंत्री भी भारत का दौरा कर चुके हैं। ऊर्जा, प्रवासन और रक्षा जैसे क्षेत्रों में नियमित संवाद जारी है, और निकट भविष्य में रक्षा क्षेत्र से जुड़ी एक महत्वपूर्ण यात्रा की भी संभावना जताई गई है।

एफटीए की संभावना और उसकी रफ़्तार

कूटर ने कहा कि यदि दिसंबर में एफटीए पर हस्ताक्षर होते हैं, तो यह एक असाधारण रूप से तेज़ी से पूरा होने वाला समझौता होगा — क्योंकि इसकी बातचीत केवल मार्च 2026 में शुरू हुई थी। उन्होंने दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं की परस्पर पूरकता को रेखांकित करते हुए कहा कि यह स्थिति बिल्कुल वैसी है 'जैसे मशीन के दो गियर एक-दूसरे से पूरी तरह मेल खा रहे हों।' गौरतलब है कि कनाडा अपनी व्यापार निर्भरता अमेरिका से हटाकर विविध साझेदारियों की ओर बढ़ाना चाहता है, और भारत की तीव्र आर्थिक वृद्धि इस रणनीति को और प्रासंगिक बनाती है।

300 कनाडाई कारोबारियों का प्रतिनिधिमंडल

उच्चायुक्त ने बताया कि अगले सप्ताह कनाडा के व्यापार मंत्री 300 कनाडाई कारोबारी प्रतिनिधियों के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत पहुँचेंगे। उनके अनुसार, यह शायद किसी भी देश में भेजा गया कनाडा का अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक शिष्टमंडल है। यह प्रतिनिधिमंडल एक सप्ताह तक भारत में रहेगा और दक्षिण भारत के कई शहरों का भ्रमण करेगा।

आम जनता और कारोबार पर असर

वर्तमान में कनाडाई कंपनियाँ भारत में लगभग एक लाख लोगों को रोज़गार दे रही हैं — विशेष रूप से आईटी, ऑटोमोबाइल और अन्य क्षेत्रों में। वहीं, भारतीय कंपनियाँ कनाडा में करीब 50,000 लोगों को रोज़गार प्रदान कर रही हैं। एफटीए के लागू होने पर दोनों देशों के कारोबारी समुदायों को बाज़ार पहुँच, शुल्क में कटौती और निवेश सुरक्षा जैसे लाभ मिलने की उम्मीद है।

क्या होगा आगे

अगले साल दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 80 वर्ष पूरे होंगे। कूटर ने कहा कि इस अवसर पर एक ऐसी साझेदारी बनाने का मौका है जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं की वास्तविक क्षमता को प्रतिबिंबित करे। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में सहयोग में 'काफी तेज़ी' देखने को मिलेगी। अब सभी की निगाहें प्रधानमंत्री मोदी की प्रस्तावित दिसंबर यात्रा पर टिकी हैं, जो इस नई द्विपक्षीय कहानी का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय साबित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि जल्दबाज़ी में हुए समझौते कृषि, डेयरी और आईटी वीज़ा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को कितना संतुलित कर पाएंगे। कनाडा की अमेरिकी व्यापार-निर्भरता कम करने की रणनीतिक ज़रूरत उसे भारत के साथ लचीला रुख अपनाने पर मजबूर कर रही है — यह भारत के लिए एक दुर्लभ सौदेबाज़ी का लाभ है जिसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-कनाडा मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) क्या है और यह कब होगा?
भारत और कनाडा के बीच पहले मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत मार्च 2026 में शुरू हुई थी। कनाडाई उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर के अनुसार, PM मोदी की दिसंबर 2026 में प्रस्तावित कनाडा यात्रा के दौरान इस पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।
PM मोदी कनाडा कब जाएंगे?
कनाडाई उच्चायुक्त ने संकेत दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिसंबर 2026 की शुरुआत में कनाडा का दौरा कर सकते हैं। यह यात्रा अभी प्रस्तावित स्तर पर है और इसकी आधिकारिक पुष्टि बाकी है।
कनाडा का 300 सदस्यीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भारत क्यों आ रहा है?
कनाडाई व्यापार मंत्री अगले सप्ताह 300 कारोबारी प्रतिनिधियों के साथ भारत आएंगे — यह कनाडा का अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक शिष्टमंडल बताया जा रहा है। यह प्रतिनिधिमंडल एक सप्ताह तक दक्षिण भारत के कई शहरों का दौरा करेगा और भारतीय कारोबारी अवसरों की तलाश करेगा।
भारत और कनाडा के बीच मौजूदा आर्थिक संबंध कैसे हैं?
वर्तमान में कनाडाई कंपनियाँ भारत में करीब एक लाख लोगों को रोज़गार दे रही हैं, विशेष रूप से आईटी और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों में। वहीं, भारतीय कंपनियाँ कनाडा में लगभग 50,000 लोगों को रोज़गार प्रदान कर रही हैं।
भारत-कनाडा संबंधों में इतनी तेज़ी क्यों आई है?
कनाडाई उच्चायुक्त के अनुसार, पिछले एक वर्ष में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच चार बार बैठक हो चुकी है। इसके अलावा, कनाडा की अमेरिकी व्यापार-निर्भरता कम करने की रणनीतिक ज़रूरत और भारत की तेज़ आर्थिक वृद्धि ने दोनों देशों को एक-दूसरे के क़रीब लाया है।
राष्ट्र प्रेस
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