मोदी-कार्नी फोन वार्ता: भारत-कनाडा के बीच व्यापार, ऊर्जा और सुरक्षा में साझेदारी मजबूत करने पर सहमति
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को टेलीफोन पर विस्तृत बातचीत की, जिसमें दोनों नेताओं ने भारत-कनाडा रणनीतिक साझेदारी के तहत व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और लोगों के बीच संपर्क जैसे प्रमुख क्षेत्रों में ठोस परिणाम हासिल करने की प्रतिबद्धता जताई। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और व्यापारिक गतिविधियाँ एक साथ तेज़ हो रही हैं।
मोदी का एक्स पोस्ट: गर्मजोशी और सार्थक संवाद
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, 'प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ गर्मजोशी और सार्थक बातचीत हुई। हमने भारत-कनाडा संबंधों में आए सकारात्मक बदलाव को आगे बढ़ाने और हमारी रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख क्षेत्रों जैसे व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने पर सहमति जताई है।' उन्होंने यह भी कहा कि 'भारत और कनाडा मिलकर दुनिया को अधिक स्थिर और समृद्ध बनाने में योगदान दे रहे हैं।'
उच्चायुक्त की प्रतिक्रिया: संबंध सर्वश्रेष्ठ दौर में
भारत में कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर ने भी इसी दिन दोनों नेताओं के बीच बेहतर तालमेल की सराहना की। उनके अनुसार 'यह कहना सही होगा कि हमारे संबंध आज जितने मजबूत हैं, उतने पहले कभी नहीं रहे। पिछले एक वर्ष से कुछ अधिक समय में दोनों प्रधानमंत्री चार बार मिल चुके हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में कनाडा के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भारत आए और उन्होंने अपने भारतीय समकक्ष के साथ द्विपक्षीय सुरक्षा मामलों पर चर्चा की।
मंत्री स्तरीय दौरे: अनीता आनंद और मनिंदर सिद्धू की यात्राएँ
कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद शीघ्र ही भारत का दौरा करने वाली हैं। यह विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ उनकी 10वीं बैठक होगी — जो एक वर्ष से भी कम समय में हुई उच्च-स्तरीय कूटनीतिक सक्रियता को दर्शाती है। इसके अतिरिक्त कनाडा के व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू अगले सप्ताह 300 कनाडाई व्यापार प्रतिनिधियों के साथ भारत पहुँचेंगे। उच्चायुक्त कूटर के अनुसार यह संभवतः भारत के लिए कनाडा का अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल होगा। यह प्रतिनिधिमंडल एक सप्ताह तक भारत में रहेगा और दक्षिण भारत के कई शहरों का दौरा करेगा।
ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते की उम्मीद
गौरतलब है कि कनाडा के प्रधानमंत्री कार्नी मार्च 2026 में भारत आए थे और दोनों देशों ने उसी दौरान अपने पहले मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत शुरू की थी। उच्चायुक्त कूटर के अनुसार अब उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी दिसंबर 2026 की शुरुआत में कनाडा जाएंगे और उस दौरे पर दोनों देश इस एफटीए पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। यदि यह होता है तो बातचीत शुरू होने से हस्ताक्षर तक की यह प्रक्रिया महज कुछ ही महीनों में पूरी होगी — जो कूटनीतिक मानकों पर असाधारण रूप से तेज़ मानी जाएगी।
व्यापक संदर्भ: बदलाव की बड़ी तस्वीर
यह ऐसे समय में आया है जब पिछले कुछ वर्षों में भारत-कनाडा संबंध गंभीर कूटनीतिक तनाव के दौर से गुज़रे थे। मार्क कार्नी की सरकार के तहत दोनों देशों ने स्पष्ट रूप से नई शुरुआत का रास्ता अपनाया है। पिछले एक वर्ष में कनाडा के कम से कम छह मंत्री भारत का दौरा कर चुके हैं, जो इस संबंध-सुधार की व्यापकता को दर्शाता है। आने वाले हफ्तों में एफटीए पर हस्ताक्षर, रक्षा क्षेत्र की बैठकें और मोदी की कनाडा यात्रा — ये सभी संकेत देते हैं कि यह कूटनीतिक पुनर्बहाली अब ठोस समझौतों में तब्दील होने की दिशा में है।