क्या पीएम मोदी और मार्क कार्नी ने भारत-कनाडा संबंधों के लिए संतुलित कदम उठाने पर सहमति जताई?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या पीएम मोदी और मार्क कार्नी ने भारत-कनाडा संबंधों के लिए संतुलित कदम उठाने पर सहमति जताई?

सारांश

भारत और कनाडा के बीच संबंधों को सुधारने के लिए पीएम मोदी और मार्क कार्नी ने जी-७ शिखर सम्मेलन के दौरान महत्वपूर्ण कदम उठाने पर सहमति जताई। क्या यह कदम दोनों देशों के बीच स्थिरता लाएगा? पढ़ें पूरी जानकारी।

मुख्य बातें

भारत और कनाडा के बीच संतुलित कदम उठाने पर सहमति।
उच्चायुक्तों की बहाली का निर्णय।
व्यापार वार्ताओं को पुनः शुरू करने की आवश्यकता।
दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ाने की योजना।
साझा मूल्यों पर आधारित संबंधों का महत्व।

कनानास्किस, १८ जून (राष्ट्र प्रेस)। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने जानकारी दी है कि जी-७ शिखर सम्मेलन के दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ पीएम मोदी की मुलाकात में, दोनों देशों ने आपसी संबंधों को पुनः स्थापित करने के लिए संतुलित कदम उठाने पर सहमति बनायी है।

विदेश सचिव के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच की बैठक “बहुत सकारात्मक और रचनात्मक” रही और उन्होंने संबंधों में स्थिरता लाने के लिए “सुनियोजित कदम” उठाने का निर्णय लिया।

मिस्री ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मार्क कार्नी ने कुछ समय पहले कनाडा के कनानास्किस में जी-७ शिखर सम्मेलन के दौरान एक सकारात्मक और रचनात्मक बैठक की।"

बैठक के दौरान, भारत-कनाडा संबंधों को मजबूत बनाने की पारस्परिक इच्छा को रेखांकित किया गया, जिनमें हाल ही में कुछ तनाव देखा गया था।

मिस्री ने कहा, "बैठक में भारत-कनाडा संबंधों के महत्व पर चर्चा की गई, जो साझा मूल्यों, लोकतंत्र और कानून के शासन, लोगों के बीच संपर्क और कई अन्य समानताओं पर आधारित है।"

पहले कदम के रूप में, दोनों नेताओं ने जल्द से जल्द एक-दूसरे की राजधानियों में उच्चायुक्तों को बहाल करने पर सहमति जताई। मिस्री ने कहा, "प्रधानमंत्री इस महत्वपूर्ण रिश्ते में स्थिरता लाने के लिए सावधानी से कदम उठाने पर सहमत हुए, जिसमें पहला कदम उच्चायुक्तों को बहाल करना था। अन्य कूटनीतिक कदम भी समय के साथ उठाए जाएंगे।"

इससे आगे, दोनों पक्षों ने विभिन्न मोर्चों पर वरिष्ठ और कार्यकारी स्तर के तंत्र को पुनर्जीवित करने का दृढ़ संकल्प लिया। वे व्यापार, लोगों के बीच संपर्क और कनेक्टिविटी से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा करने के लिए सहमत हुए। बैठक में रुकी हुई व्यापार वार्ताओं को पुनः प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए।

मिस्री ने कहा, "भारत और कनाडा के बीच व्यापार वार्ता फिलहाल रुकी हुई है, इसे ध्यान में रखते हुए, दोनों नेताओं ने अधिकारियों को इसे जल्द से जल्द शुरू करने का निर्देश देने का निर्णय लिया।" दोनों नेताओं ने संपर्क में रहने और जल्द ही फिर से मिलने पर भी सहमति जताई।

प्रधानमंत्री मोदी ने जी-७ के निमंत्रण के लिए कार्नी को धन्यवाद दिया और २०१५ में कनाडा यात्रा को याद किया। उन्होंने कहा, "कनाडा आना मेरे लिए सम्मान की बात है। जी-२० शिखर सम्मेलन के दौरान भारत ने जो मजबूत नींव रखी थी, उसने जी-७ शिखर सम्मेलन में एक नया आकार लिया है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि भारत और कनाडा के संबंधों का पुनर्निर्माण आवश्यक है। दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग और संवाद बढ़ाने के लिए यह बैठक महत्वपूर्ण है, जो दोनों देशों के नागरिकों के लिए सकारात्मक परिणाम ला सकती है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और कनाडा के बीच संबंधों में तनाव क्यों था?
हाल ही में विभिन्न मुद्दों पर मतभेदों के कारण भारत और कनाडा के बीच तनाव उत्पन्न हुआ था।
पीएम मोदी और मार्क कार्नी की बैठक में क्या चर्चा हुई?
बैठक में दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों को मजबूत करने और व्यापार वार्ताओं को पुनः शुरू करने पर चर्चा की।
उच्चायुक्तों की बहाली कब होगी?
दोनों नेताओं ने उच्चायुक्तों को जल्द से जल्द बहाल करने पर सहमति जताई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 7 महीने पहले
  2. 7 महीने पहले
  3. 11 महीने पहले
  4. 11 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले