जी-7 शिखर सम्मेलन में PM मोदी-कार्नी मुलाकात, जी-20 से पहले भारत-कनाडा FTA पूरा करने का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 जून 2026 को फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से द्विपक्षीय वार्ता की और संकेत दिए कि वे इस वर्ष कनाडा का दौरा कर सकते हैं। दोनों नेताओं ने लंबे समय से लंबित भारत-कनाडा मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले अंतिम रूप देने पर सहमति जताई।
मुख्य घटनाक्रम
मोदी ने बैठक में कहा, 'आपसे मिलकर खुशी हुई। जी-7 में हमारी पहली मुलाकात हुई थी और आज एक साल बाद फिर मिल रहे हैं। जैसा कि आपने कहा, हम चार बार मिल चुके हैं और फोन पर भी लगातार बातचीत होती रही है।' उन्होंने यह भी कहा, 'मेरी यात्रा से पहले हम इस समझौते को पूरा कर लें।'
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की और व्यापार, ऊर्जा, नवाचार, शिक्षा तथा लोगों के बीच संपर्क को और मज़बूत बनाने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की।
कार्नी का बयान और जी-20 की समय-सीमा
कार्नी ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी को समय-सीमा तय करना पसंद है और मुझे भी। इसलिए हमने लक्ष्य रखा है कि जी-20 शिखर सम्मेलन तक यह समझौता पूरा हो जाए। हमारी टीमें इसी दिशा में काम कर रही हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि एक साल में चार महाद्वीपों पर दोनों नेताओं की चार मुलाकातें हो चुकी हैं, जो रिश्तों की नई गर्मजोशी को दर्शाती हैं।
कार्नी ने बताया कि भारत से अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल कनाडा पहुँच चुका है और कनाडा से भी एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल जल्द भारत आने वाला है। उन्होंने कहा कि मोदी ने दशक के अंत तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य रखा है, जिसे वे और भी आगे ले जाने के प्रति आशावादी हैं।
ऊर्जा और प्रौद्योगिकी साझेदारी पर ज़ोर
मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत तकनीक के क्षेत्र में कनाडा के साथ और आगे बढ़ना चाहता है तथा ऊर्जा सुरक्षा के मामले में कनाडा भारत का एक बड़ा रणनीतिक साझेदार बन सकता है। दोनों पक्षों ने ऊर्जा, कृषि-खाद्य, प्रौद्योगिकी और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में नए अवसरों पर भी चर्चा की।
यह ऐसे समय में आया है जब पिछले कुछ वर्षों में भारत-कनाडा संबंध कूटनीतिक तनाव के दौर से गुज़रे थे। गौरतलब है कि कार्नी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।
पिछले महीने का संदर्भ
पिछले महीने ओटावा में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात के बाद कार्नी ने सोशल मीडिया पर लिखा था, 'हम भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं। यह कनाडा के कर्मचारियों और व्यवसायों के लिए एक बड़ा अवसर होगा और एक विशाल नए बाज़ार के दरवाज़े खोलेगा।'
आगे की राह
दोनों देशों के नेताओं ने जी-20 को FTA के लिए स्पष्ट समय-सीमा के रूप में चिह्नित किया है। यदि मोदी की कनाडा यात्रा इस वर्ष होती है, तो यह दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली ऐसी यात्राओं में से एक होगी जो व्यापार और ऊर्जा के नए युग की नींव रख सकती है। विश्लेषकों के अनुसार, FTA दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को नई ऊँचाइयों पर ले जा सकता है।