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भारत-कनाडा व्यापार वार्ता 5 अक्टूबर से फिर शुरू, 2030 तक $70 अरब के लक्ष्य पर नज़र

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भारत-कनाडा व्यापार वार्ता 5 अक्टूबर से फिर शुरू, 2030 तक $70 अरब के लक्ष्य पर नज़र

सारांश

कूटनीतिक तनाव के बाद भारत-कनाडा व्यापार संबंध फिर रफ्तार पकड़ रहे हैं — 5 अक्टूबर से नई वार्ता, 300 कनाडाई कारोबारियों का दल भारत आएगा, और $30 अरब के मौजूदा व्यापार को 2030 तक $70 अरब तक ले जाने की कोशिश। सवाल यह है कि क्या यह गति किसी ठोस समझौते में बदल पाएगी।

मुख्य बातें

भारत-कनाडा व्यापार वार्ता का पाँचवाँ दौर 5 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा।
कनाडा के व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने मुंबई में चौथे दौर के बाद पीयूष गोयल से जी20 के दौरान अलग मुलाकात की।
दोनों देशों का लक्ष्य 2026 के अंत तक ट्रेड समझौते पर पहुँचना है।
मौजूदा द्विपक्षीय व्यापार $30 अरब डॉलर से अधिक; 2030 तक $70 अरब का साझा लक्ष्य।
सिद्धू इसी महीने 300 कनाडाई प्रतिनिधियों के साथ 'टीम कनाडा ट्रेड मिशन' लेकर भारत आएंगे।
क्रिटिकल मिनरल्स, ऊर्जा, कृषि और प्रौद्योगिकी प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्र।

भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर वार्ता का अगला दौर 5 अक्टूबर 2026 से शुरू हो रहा है। कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू ने पुष्टि की है कि दोनों देश 2026 के अंत तक किसी ठोस समझौते पर पहुँचने की दिशा में काम कर रहे हैं। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब कूटनीतिक तनाव के एक दौर के बाद दोनों देश अपने आर्थिक सम्बंधों को नए सिरे से मज़बूत करने में जुटे हैं।

मुख्य घटनाक्रम

मनिंदर सिद्धू ने मुंबई में सम्पन्न चौथे दौर की व्यापार वार्ता के तुरंत बाद भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से अलग से मुलाकात की। यह बैठक अमेरिका की मेजबानी में आयोजित जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के दौरान हुई। गोयल ने इसी अवसर पर कई अन्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ भी द्विपक्षीय बातचीत की।

सिद्धू ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'मुंबई में चौथे दौर की बातचीत पूरी करने के बाद मैंने जी20 में मंत्री पीयूष गोयल से फिर मुलाकात की। अगला दौर पांच अक्टूबर से शुरू हो रहा है और हमारा मकसद बातचीत को आगे बढ़ाकर इस साल के आखिर तक समझौते की दिशा में पहुंचना है।'

व्यापार लक्ष्य और मौजूदा स्थिति

फिलहाल दोनों देशों के बीच $30 अरब डॉलर से अधिक का द्विपक्षीय व्यापार है। दोनों सरकारों ने मिलकर 2030 तक इसे $70 अरब डॉलर तक पहुँचाने का साझा लक्ष्य तय किया है। सिद्धू के अनुसार, 'भारत और कनाडा के बीच व्यापार और निवेश बढ़ाने की काफी गुंजाइश है।'

गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में कूटनीतिक रिश्तों में तनाव के चलते उच्च स्तरीय संपर्क और व्यापार वार्ता पर भी असर पड़ा था। अब दोबारा शुरू हुई बातचीत यह संकेत देती है कि दोनों सरकारें आर्थिक सहयोग को प्राथमिकता दे रही हैं।

टीम कनाडा ट्रेड मिशन: 300 प्रतिनिधियों का दल भारत आएगा

वार्ता के समानांतर, मनिंदर सिद्धू स्वयं 'टीम कनाडा ट्रेड मिशन' का नेतृत्व करते हुए इसी महीने भारत आएंगे। उनके साथ विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों से जुड़े करीब 300 कनाडाई प्रतिनिधि होंगे।

सिद्धू ने कहा, 'वे नए संपर्क बनाएंगे, नए ग्राहक तलाशेंगे और दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक भारत में नए कारोबारी मौके खोजेंगे।' इतने बड़े व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का आना यह भी दर्शाता है कि कनाडाई कंपनियों की भारतीय बाज़ार में दिलचस्पी तेज़ी से बढ़ रही है।

प्राथमिकता वाले क्षेत्र

सिद्धू ने क्रिटिकल मिनरल्स, ऊर्जा, कृषि और प्रौद्योगिकी को उन प्रमुख क्षेत्रों में गिनाया, जिनमें कनाडाई कंपनियाँ भारत में अवसर तलाश रही हैं। उन्होंने कहा, 'क्रिटिकल मिनरल्स और ऊर्जा से लेकर कृषि, टेक्नोलॉजी और उन दूसरे क्षेत्रों तक जहां कनाडा दुनिया में आगे है, हम कनाडाई कंपनियों को भारत में साझेदारी बनाने और अपना कारोबार बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।'

आगे क्या होगा

पाँचवें दौर की वार्ता 5 अक्टूबर से शुरू होकर दोनों पक्षों के बीच लंबित मुद्दों — जैसे बाज़ार पहुँच, टैरिफ ढाँचा और निवेश सुरक्षा — पर ध्यान केंद्रित करेगी। सिद्धू ने स्पष्ट किया है कि मकसद सिर्फ कोई समझौता कर लेना नहीं, बल्कि ऐसी डील तैयार करना है जिससे दोनों देशों के कारोबारियों और कर्मचारियों को ठोस फायदा मिले। व्यापार मिशन और समानांतर वार्ता मिलकर यह तय करेंगे कि 2026 के अंत तक कोई बड़ा फ्रेमवर्क तैयार हो सकता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन रफ्तार और इरादे के बीच का फर्क अभी भी बड़ा है — वार्ता के चार दौर पूरे हो चुके हैं, फिर भी कोई ठोस ढाँचा सामने नहीं आया है। $70 अरब का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, लेकिन इसे हासिल करने के लिए दोनों पक्षों को कृषि, डेयरी और श्रम-गतिशीलता जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सहमति बनानी होगी, जो अब तक टाले जाते रहे हैं। 300 कनाडाई प्रतिनिधियों का व्यापार मिशन जमीनी दिलचस्पी का सकारात्मक संकेत है, मगर असली परीक्षा यह होगी कि क्या राजनीतिक इच्छाशक्ति तकनीकी अड़चनों से आगे निकल पाती है।
RashtraPress
3 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-कनाडा व्यापार वार्ता का अगला दौर कब और कहाँ होगा?
भारत-कनाडा व्यापार वार्ता का पाँचवाँ दौर 5 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा। दोनों देश 2026 के अंत तक किसी समझौते पर पहुँचने की दिशा में काम कर रहे हैं।
टीम कनाडा ट्रेड मिशन क्या है और इसमें कौन शामिल होगा?
टीम कनाडा ट्रेड मिशन एक बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल है, जिसका नेतृत्व व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू करेंगे। इसमें क्रिटिकल मिनरल्स, ऊर्जा, कृषि और प्रौद्योगिकी समेत प्रमुख क्षेत्रों की करीब 300 कनाडाई कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे, जो भारत में नए कारोबारी अवसर तलाशेंगे।
भारत और कनाडा के बीच अभी कितना व्यापार होता है और लक्ष्य क्या है?
फिलहाल दोनों देशों के बीच $30 अरब डॉलर से अधिक का द्विपक्षीय व्यापार है। दोनों सरकारों ने 2030 तक इसे $70 अरब डॉलर तक पहुँचाने का साझा लक्ष्य रखा है।
भारत-कनाडा व्यापार वार्ता में कौन से क्षेत्र प्राथमिकता में हैं?
मनिंदर सिद्धू के अनुसार, क्रिटिकल मिनरल्स, ऊर्जा, कृषि और प्रौद्योगिकी वे प्रमुख क्षेत्र हैं जिनमें कनाडाई कंपनियाँ भारत में साझेदारी और निवेश के अवसर देख रही हैं।
कूटनीतिक तनाव के बाद भारत-कनाडा व्यापार संबंध कैसे सुधरे?
कूटनीतिक तनाव के दौर के बाद दोनों देशों ने व्यापार को रिश्तों की बहाली का केंद्र बनाया है। मुंबई में चौथे दौर की वार्ता और जी20 में मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद अब पाँचवाँ दौर 5 अक्टूबर से शुरू होगा, जो दोनों सरकारों की आर्थिक सहयोग को प्राथमिकता देने की इच्छाशक्ति का संकेत है।
राष्ट्र प्रेस
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