गुरनूर बरार ने वेलिंगटन में झटके 4 विकेट, कप्तान शुभमन गिल बोले — 'गति और उछाल दोनों हैं'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने 7 नवंबर को वेलिंगटन के हेनरी स्टेडियम में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में तेज गेंदबाज गुरनूर बरार की जोरदार तारीफ की, जिन्होंने 10 ओवरों में महज 30 रन देकर 4 विकेट हासिल किए। इस प्रदर्शन की बदौलत भारत ने डीएलएस नियम के तहत 4 रन से जीत दर्ज की और पाँच मैचों की सीरीज़ में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली।
मुख्य घटनाक्रम
वेलिंगटन की उछाल भरी और बल्लेबाजों के लिए मुश्किल पिच पर गुरनूर बरार ने अपनी ऊँचाई और गति का भरपूर इस्तेमाल किया। उनकी धारदार गेंदबाज़ी ने न्यूज़ीलैंड को 134 रन पर ऑलआउट करने में निर्णायक भूमिका निभाई। शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार दिया गया।
जवाब में भारत का स्कोर 26 ओवर में 7 विकेट पर 113 रन था, तभी बारिश ने खेल रोक दिया और डीएलएस नियम के तहत भारत को विजेता घोषित किया गया। गिल ने स्वीकार किया कि आखिरी दो शॉट अच्छे नहीं थे और दो अतिरिक्त विकेट गिरना ज़रूरी नहीं था, लेकिन जीत से राहत मिली।
कप्तान गिल की प्रतिक्रिया
मैच के बाद प्रेज़ेंटेशन सेरेमनी में गिल ने कहा, 'गुरनूर ने पिछले मैच में भी बहुत अच्छी गेंदबाज़ी की थी। उम्मीद है कि जैसे-जैसे वह और मैच खेलेंगे और उन्हें अनुभव मिलेगा, उनकी लाइन और लेंथ और भी सटीक होती जाएगी। उनके पास गति है और उछाल भी है। अब बात बस इतनी है कि वह कितने निरंतर रह पाते हैं।'
गिल ने आगे जोड़ा, 'आज हमने देखा कि अगर वह इसी तरह गेंदबाज़ी करते रहें, तो वह टीम के लिए कितने उपयोगी साबित हो सकते हैं।' यह टिप्पणी इस बात का संकेत है कि टीम प्रबंधन गुरनूर को भविष्य की योजनाओं में गंभीरता से देख रहा है।
युवा गेंदबाज़ों को संदेश
जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज की अनुपस्थिति में भारत की गेंदबाज़ी इकाई में अनुभव की कमी स्पष्ट है। इस सीरीज़ में अर्शदीप सिंह के साथ आकिब नबी, गुरनूर बरार और अंशुल कंबोज तेज गेंदबाज़ी की जिम्मेदारी साझा कर रहे हैं।
कप्तान ने इन युवाओं को संबोधित करते हुए कहा, 'उनमें से ज़्यादातर खिलाड़ियों में वे सभी खूबियाँ हैं जिनकी ज़रूरत होती है। असल बात दबाव में अच्छा प्रदर्शन करने की है। इंटरनेशनल क्रिकेट का मतलब ही दबाव में खेलना और अनुभव हासिल करना है — लगातार गेंदबाज़ी करना और दबाव के बीच अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करना।'
वनडे विश्व कप 2027 की नज़र से अहमियत
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय क्रिकेट टीम वनडे विश्व कप 2027 को ध्यान में रखते हुए अपनी गेंदबाज़ी इकाई को नए सिरे से तैयार कर रही है। गौरतलब है कि मुख्य तेज गेंदबाज़ों की अनुपस्थिति में नए चेहरों को मौका देने की यह रणनीति टीम की दीर्घकालिक योजना का हिस्सा प्रतीत होती है।
गुरनूर बरार का यह प्रदर्शन भारत के लिए एक सकारात्मक संकेत है। सीरीज़ के शेष तीन मैचों में उनकी निरंतरता ही तय करेगी कि वह भविष्य की बड़ी टीम में अपनी जगह पक्की कर पाते हैं या नहीं।