आरएसएस की शताब्दी पर BJP अध्यक्ष नितिन नवीन बोले — संघ ने भारत का संदेश दुनिया तक पहुँचाया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 7 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में देश और राजनीति से जुड़े अहम विषयों पर विस्तार से अपने विचार रखे। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शताब्दी यात्रा को समर्पण, अनुशासन और राष्ट्रहित के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। साथ ही उन्होंने पंजाब की राजनीति पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी।
संघ की शताब्दी यात्रा: नवीन का आकलन
नितिन नवीन ने कहा कि किसी भी संगठन के लिए एक स्पष्ट विचारधारा के साथ लगातार एक शताब्दी तक कार्य करना सामान्य बात नहीं है। उनके अनुसार, RSS ने अपनी इस लंबी यात्रा में भारत की सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि प्राकृतिक आपदाओं, कठिन परिस्थितियों और युद्ध जैसे दौर में भी संघ के स्वयंसेवक राष्ट्रसेवा के लिए अग्रिम पंक्ति में खड़े रहे हैं।
BJP और RSS का वैचारिक संबंध
नवीन ने कहा कि RSS ने BJP को न केवल संगठनात्मक ढाँचा दिया, बल्कि एक ऐसी विचारधारा भी दी जिस पर पार्टी का विशाल वट वृक्ष खड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, 'यह हमारा सौभाग्य है कि उसी संघ के प्रचारक हमारे प्रधानमंत्री बने।' उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों को संघ की उसी विचारधारा का वाहक बताया। गौरतलब है कि RSS की स्थापना 1925 में हुई थी, और इसकी शताब्दी वर्ष 2025 में पूरी हुई — यह वर्षगाँठ संगठन और उससे जुड़े राजनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा का विषय बनी हुई है।
पंजाब पर BJP की रणनीति
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले शिरोमणि अकाली दल के साथ बढ़ रही नज़दीकी पर पूछे गए सवाल पर BJP अध्यक्ष ने सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा कि किसी भी गठबंधन पर 'समय आने पर चर्चा की जाएगी।' उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल पार्टी अपने दम पर पंजाब की जनता के मुद्दों को उठा रही है और 117 सीटों पर पूरी तैयारी के साथ जुटी है।
पंजाब सरकार पर हमला
नवीन ने आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पहले कांग्रेस और अब AAP ने पंजाब की जनता को लगातार 'ठगने' और 'भ्रम में रखने' का काम किया है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में युवाओं को नशे की समस्या में धकेला गया, महिलाओं की अनदेखी की गई और कानून-व्यवस्था चरमरा गई है। उनके अनुसार, 'आप सरकार की जनता के प्रति कोई जवाबदेही नहीं है।' यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दलों की सक्रियता तेज़ हो गई है।
आगे क्या
BJP अध्यक्ष के बयान से स्पष्ट है कि पार्टी पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी में है, हालाँकि गठबंधन की संभावना को पूरी तरह नकारा नहीं गया। RSS की शताब्दी को राजनीतिक विमर्श में केंद्र में रखकर BJP अपनी वैचारिक जड़ों को मज़बूत संदेश के रूप में पेश कर रही है। आने वाले हफ्तों में पंजाब रणनीति और संभावित गठबंधन समीकरणों पर और स्पष्टता आने की उम्मीद है।