7 नवंबर 2026
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शरद पवार ब्रीच कैंडी अस्पताल से डिस्चार्ज, 2026 में तीसरी बार हुए थे भर्ती

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शरद पवार ब्रीच कैंडी अस्पताल से डिस्चार्ज, 2026 में तीसरी बार हुए थे भर्ती

सारांश

सूखा-प्रभावित इलाकों के दौरे के दौरान बीमार पड़े शरद पवार 7 नवंबर को ब्रीच कैंडी अस्पताल से घर लौटे — 2026 में यह उनका तीसरा अस्पताल प्रवास था। उनकी बीमारी के बीच PM मोदी का फोन और प्रफुल्ल पटेल की मुलाकात ने एनसीपी विलय की अटकलों को भी हवा दी।

मुख्य बातें

शरद पवार को 7 नवंबर 2026 को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल से स्थिर हालत में छुट्टी दी गई।
उन्हें ब्रोंकाइटिस और सीने में संक्रमण के कारण भर्ती किया गया था; इलाज कर रहे डॉ.
प्रतीत समदानी ने सुधार की पुष्टि की।
यह 2026 में तीसरी बार था जब पवार अस्पताल में भर्ती हुए — पहले 9 फरवरी और 22 फरवरी को भी भर्ती हो चुके थे।
PM नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को फोन कर पवार को आराम करने की सलाह दी; पवार ने आभार जताया।
प्रफुल्ल पटेल की मुलाकात के बाद एनसीपी के दोनों गुटों के विलय को लेकर राजनीतिक चर्चाएँ तेज़ हुईं।
पवार अब सिल्वर ओक आवास, मुंबई में दवाइयों और आराम से स्वास्थ्य लाभ करेंगे।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार को 7 नवंबर 2026 को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। सीने में संक्रमण और ब्रोंकाइटिस के इलाज के बाद डॉक्टरों ने उनकी स्थिति स्थिर बताई है। वह अब अपने मुंबई स्थित सिल्वर ओक आवास पर दवाइयों और आराम के ज़रिए स्वास्थ्य लाभ लेंगे।

चिकित्सकीय स्थिति और डॉक्टर का बयान

पवार का इलाज कर रहे डॉ. प्रतीत समदानी ने बताया कि उनके मरीज़ की सेहत में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है। डॉ. समदानी ने कहा, 'शरद पवार को स्थिर हालत में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। उन्हें ब्रोंकाइटिस और सीने में संक्रमण था, जिसमें अब सुधार हो रहा है। उनकी उम्र को देखते हुए कुछ अतिरिक्त निर्देश भी दिए गए हैं। वह निर्देशों का पालन करने वाले व्यक्ति हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि वह अपना ध्यान रखेंगे।' डॉक्टरों ने उम्र के मद्देनज़र उन्हें पर्याप्त आराम और आवश्यक सावधानियाँ बरतने की सलाह दी है।

मुख्य घटनाक्रम: पुणे से मुंबई तक

इस अस्पताल प्रवास की शुरुआत तब हुई जब शरद पवार महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर रहे थे, जहाँ वे किसानों से पानी की कमी, फसलों की स्थिति और कृषि चुनौतियों पर चर्चा कर रहे थे। दौरे के दौरान अस्वस्थ महसूस करने पर उन्होंने अपना कार्यक्रम बीच में रोक दिया। सोमवार को खाँसी और सीने में तकलीफ की शिकायत के बाद उन्हें पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक में भर्ती कराया गया।

बुधवार को रूबी हॉल क्लिनिक के मुख्य हृदय रोग विशेषज्ञ और अध्यक्ष डॉ. परवेज़ के. ग्रांट की निगरानी में दो दिन के इलाज के बाद पवार को वहाँ से छुट्टी दी गई। डॉ. ग्रांट ने स्पष्ट किया कि उनकी सेहत स्थिर है और वे सीधे मुंबई स्थित आवास जाएंगे। उसी बुधवार को उन्हें ब्रीच कैंडी अस्पताल, मुंबई में चिकित्सकीय निगरानी के लिए भर्ती किया गया, जहाँ से 7 नवंबर, शनिवार को उन्हें छुट्टी दी गई।

2026 में तीसरी बार अस्पताल में भर्ती

गौरतलब है कि यह इस वर्ष पवार का तीसरा अस्पताल प्रवास रहा। 9 फरवरी 2026 को सीने में संक्रमण और खाँसी की शिकायत पर उन्हें रूबी हॉल क्लिनिक में भर्ती किया गया था, और 14 फरवरी को छुट्टी मिली थी। इसके बाद 22 फरवरी को हल्के डिहाइड्रेशन के कारण पुनः भर्ती हुए और 25 फरवरी को उन्हें अस्पताल से रिहा किया गया। नवंबर में यह तीसरा प्रवास है, जो उनकी उम्र और लगातार सक्रिय राजनीतिक जीवनशैली के संदर्भ में उनके समर्थकों और चिकित्सकों दोनों के लिए चिंता का विषय रहा।

नेताओं की मुलाकात और राजनीतिक संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह शरद पवार को फोन कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और आराम करने की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने कहा, 'सुप्रिया सुले और हम देश संभाल लेंगे, आप अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखिए और आराम कीजिए। आपका आशीर्वाद हम पर बना रहे।' पवार ने प्रधानमंत्री के फोन के लिए आभार जताते हुए कहा कि वे आराम कर रहे हैं और सभी के रहते देश को लेकर उन्हें कोई चिंता नहीं है।

इसी दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास अठावले ने कहा कि राजनीतिक मतभेद एक तरफ, पवार साहब महाराष्ट्र और देश के वरिष्ठ नेता हैं और उनके स्वस्थ होने की खबर सभी के लिए राहत की बात है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, सुनेत्रा पवार, महाराष्ट्र विधान परिषद के उपसभापति सचिन अहीर, पूर्व मंत्री बालासाहेब थोराट और शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने शुक्रवार को अस्पताल पहुँचकर पवार से मुलाकात की।

एनसीपी विलय की चर्चाएँ तेज़

गुरुवार रात एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने शरद पवार से मुलाकात की। इसके बाद एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर राजनीतिक चर्चाएँ तेज़ हो गई हैं। वरिष्ठ एनसीपी नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री छगन भुजबल तथा कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री विश्वजीत कदम ने भी पवार से मिलकर उनका हालचाल जाना। पवार की बीमारी और उनसे मिलने आए नेताओं की विविध राजनीतिक पृष्ठभूमि यह दर्शाती है कि महाराष्ट्र की राजनीति में उनकी केंद्रीय भूमिका अब भी अटल है। आगे देखना होगा कि स्वास्थ्य लाभ के बाद वे किस गति से अपनी राजनीतिक सक्रियता फिर से शुरू करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वे किसानों के बीच सूखे का जायजा ले रहे थे — यह प्रतीकात्मकता उनकी पहचान का हिस्सा है। लेकिन असली राजनीतिक पहलू यह है कि प्रफुल्ल पटेल की मुलाकात ने एनसीपी विलय की अटकलों को जो हवा दी है, उसे मुख्यधारा की कवरेज ने ज़रूरत से कम तवज्जो दी। पवार की स्वास्थ्य-कमज़ोरी महाराष्ट्र के सत्ता-समीकरण को बदल सकती है — और इसीलिए इस 'शुभकामना दौरे' की राजनीतिक परतें, उनके स्वास्थ्य बुलेटिन से कम दिलचस्प नहीं हैं।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शरद पवार को किस बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया था?
शरद पवार को ब्रोंकाइटिस और सीने में संक्रमण की शिकायत के कारण भर्ती किया गया था। खाँसी और सीने में दर्द की तकलीफ के बाद पहले उन्हें पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक और फिर मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में इलाज मिला।
शरद पवार को ब्रीच कैंडी अस्पताल से कब छुट्टी मिली?
शरद पवार को 7 नवंबर 2026, शनिवार को ब्रीच कैंडी अस्पताल, मुंबई से छुट्टी दी गई। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति स्थिर बताई और घर पर दवाइयाँ जारी रखने की सलाह दी।
2026 में शरद पवार कितनी बार अस्पताल में भर्ती हुए?
2026 में यह उनका तीसरा अस्पताल प्रवास था। पहले 9 फरवरी को सीने में संक्रमण के कारण और फिर 22 फरवरी को हल्के डिहाइड्रेशन के कारण भर्ती हुए थे। नवंबर में ब्रोंकाइटिस के कारण तीसरी बार अस्पताल जाना पड़ा।
प्रधानमंत्री मोदी ने शरद पवार से क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को शरद पवार को फोन किया और कहा, 'सुप्रिया सुले और हम देश संभाल लेंगे, आप अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखिए और आराम कीजिए।' पवार ने प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि सभी के रहते उन्हें देश की चिंता नहीं है।
प्रफुल्ल पटेल की मुलाकात के बाद एनसीपी विलय की चर्चा क्यों तेज़ हुई?
गुरुवार रात एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने ब्रीच कैंडी अस्पताल में शरद पवार से मुलाकात की, जिसके बाद एनसीपी के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज़ हो गईं। विभिन्न दलों के नेताओं का एक साथ मिलने आना भी इस चर्चा को बल दे रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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