शरद पवार की हालत स्थिर, बुधवार को रूबी हॉल क्लिनिक से मिल सकती है छुट्टी
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार की स्वास्थ्य स्थिति स्थिर बताई जा रही है और उन्हें संभवतः बुधवार, 5 नवंबर 2026 को पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक से छुट्टी मिल सकती है। उनका इलाज कर रही चिकित्सा टीम ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सोमवार को लगातार खांसी के बाद प्लुरिटिक चेस्ट पेन (छाती में दर्द) की शिकायत पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
चिकित्सा टीम का बयान
रूबी हॉल क्लिनिक के चीफ कार्डियोलॉजिस्ट, चेयरमैन और मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ. परवेज के. ग्रांट ने एक आधिकारिक बयान में कहा, 'डॉक्टरों की टीम शरद पवार का इलाज कर रही है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जांच कर रही है। उनकी हालत स्थिर है और दर्द कम हो गया है। वे ठीक हैं और संभवतः कल उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी।'
डॉ. ग्रांट ने यह भी स्पष्ट किया कि पवार को सामान्य स्वास्थ्य जांच और मेडिकल निगरानी के लिए भर्ती किया गया है और स्थिति में सुधार की उम्मीद है। एहतियात के तौर पर उन्हें फिलहाल चिकित्सकों की देखरेख में रखा गया है।
सुप्रिया सुले का अपडेट
पवार की बेटी और लोकसभा सदस्य सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उनके पिता के सभी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पैरामीटर सामान्य और स्थिर हैं। उन्होंने लिखा, 'बाबा को खांसी की समस्या के बाद पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक में भर्ती कराया गया है। उनके मेडिकल टेस्ट चल रहे हैं और उनके सभी स्वास्थ्य पैरामीटर स्थिर हैं। आप सभी की चिंता और शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद।'
पार्टी प्रतिनिधियों और चिकित्सा अधिकारियों ने शुभचिंतकों तथा पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे शांत रहें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
भर्ती से पहले का दौरा
गौरतलब है कि अस्पताल में भर्ती होने से महज दो दिन पहले, 1 नवंबर को, पवार ने सोलापुर जिले के सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा किया था। इस दौरे में उन्होंने जमीनी हालात का जायजा लिया, फसल नुकसान का आकलन किया और प्रभावित किसानों से सीधे बातचीत की। उन्होंने माढ़ा तालुका के तुलशी गांव को ₹50 लाख की सहायता राशि देने की घोषणा भी की, जो पानी की भारी किल्लत से जूझ रहा है।
उन्होंने बताया था कि सोलापुर के लगभग 139 प्रभावित गांवों में 135 से अधिक पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं, जिनमें से अकेले माढ़ा तालुका को ही 110 टैंकरों की आवश्यकता है।
सूखा राहत को प्राथमिकता
पवार ने यह भी घोषणा की थी कि उनका परिवार इस वर्ष पारंपरिक तरीके से दीपावली नहीं मनाएगा, ताकि सूखे से निपटने और प्रभावित किसान समुदायों की सहायता पर पूरा ध्यान केंद्रित किया जा सके। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया था कि वे अपने मतभेद भुलाकर सूखा राहत कार्यों में सक्रिय सहयोग करें।
चिकित्सकों के अनुसार, पर्याप्त आराम और निगरानी के बाद शरद पवार के जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद है।