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कृष्ण पाल गुर्जर का विपक्ष पर करारा प्रहार: 'यह भारत है, बांग्लादेश-नेपाल नहीं'

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कृष्ण पाल गुर्जर का विपक्ष पर करारा प्रहार: 'यह भारत है, बांग्लादेश-नेपाल नहीं'

सारांश

केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने गुरदासपुर में BJP की 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा में विपक्ष को सीधी चेतावनी दी — भारत में सत्ता जनादेश से बदलती है, अराजकता से नहीं। साथ ही उन्होंने कांग्रेस और AAP पर पंजाब को नशे और भय की गिरफ्त में धकेलने का आरोप भी लगाया।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने 3 नवंबर 2026 को गुरदासपुर , पंजाब में BJP की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा में हिस्सा लिया।
गुर्जर ने विपक्षी दलों को चेताया — 'ये भारत है, बांग्लादेश-नेपाल नहीं' ; कहा, भारत में सत्ता परिवर्तन केवल जनादेश से होता है।
कांग्रेस पर संविधान की 'अवमानना' और सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों की अनदेखी का आरोप।
कांग्रेस और AAP पर पंजाब में नशे व भय का माहौल बनाने का आरोप; BJP ने राज्य को नशामुक्त बनाने का संकल्प दोहराया।
गृह मंत्री अमित शाह के वादों का हवाला देते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 , नक्सलवाद और तीन तलाक पर BJP ने अपने संकल्प पूरे किए।

केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने 3 नवंबर 2026 को पंजाब के गुरदासपुर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा में शिरकत करते हुए कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों पर देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन केवल जनादेश से होता है और कोई भी दल इस तथ्य को लेकर भ्रम न पाले।

पदयात्रा और मुख्य आरोप

गुर्जर ने बताया कि पूरे देश में BJP की ओर से 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के अंतर्गत पदयात्राएँ आयोजित की जा रही हैं। गुरदासपुर में निकाली गई इस पदयात्रा में हज़ारों की संख्या में समर्थक शामिल हुए।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और सहयोगी विपक्षी दल अराजकता का माहौल बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ते भारत की तरक्की में रोड़े अटकाना चाहते हैं। उनके अनुसार देश के भीतर और बाहर ऐसी ताकतें सक्रिय हैं जिन्हें आर्थिक शक्ति बनते भारत और उसकी सुदृढ़ होती विरासत से परेशानी है।

विपक्ष को सीधी चेतावनी

गुर्जर ने कहा, 'इस देश में दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यहाँ कभी भी सत्ता परिवर्तन हुआ है तो जनादेश के ज़रिए हुआ है, लोगों के वोट से हुआ है। ये भारत है, ये बांग्लादेश-नेपाल नहीं है, इसलिए वो गलतफहमी न पालें।' उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दल इस समय हताश और निराश हैं क्योंकि वे जानते हैं कि मतपेटी के ज़रिए सत्ता पाना उनके लिए संभव नहीं है।

संविधान और चुनावी प्रक्रिया पर आरोप

केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर संविधान की आत्मा से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के हाथ में संविधान की प्रति ज़रूर है, लेकिन उनके दिल में संविधान के प्रति सम्मान नहीं है। उनके अनुसार कांग्रेस और उसके साझेदारों ने सत्ता में रहते हुए सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों की अनदेखी की और संवैधानिक संस्थाओं पर हमले किए।

विपक्ष के वोट-चोरी के आरोपों पर पलटवार करते हुए गुर्जर ने दावा किया कि एक दौर में उत्तर प्रदेश और बिहार में मतपेटियाँ लूटी जाती थीं और निहत्थे मतदाताओं की हत्याएँ तक होती थीं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के दौर में बिहार और बंगाल समेत कई राज्यों में सम्पन्न हुए चुनावों में एक भी बूथ पर पुनर्मतदान की नौबत नहीं आई।

पंजाब में नशे और भय का मुद्दा

गुर्जर ने पंजाब की स्थिति पर गहरी चिंता जताई और कांग्रेस तथा आम आदमी पार्टी (AAP) दोनों को कटघरे में खड़ा किया। उनके अनुसार कांग्रेस ने पंजाब को नशे की गिरफ्त में धकेला और AAP सरकार ने हालात को और बिगाड़ दिया। उन्होंने कहा कि आज राज्य में नशे की समस्या गंभीर है और लोग भय के साये में जी रहे हैं।

BJP का संकल्प और आगे की राह

केंद्रीय मंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के वादों का हवाला देते हुए कहा कि BJP सरकार ने नक्सलवाद, अनुच्छेद 370 और तीन तलाक जैसे संवेदनशील मुद्दों पर निर्णायक कदम उठाकर अपने संकल्प पूरे किए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उसी तर्ज़ पर पंजाब को भी नशामुक्त और भयमुक्त बनाया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज़ होने लगी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

अराजकता हटाओ' पदयात्रा महज़ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है — यह पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव से पहले BJP की ज़मीन तैयार करने की सुनियोजित कवायद है। गुर्जर का बांग्लादेश-नेपाल वाला बयान तीखा है और स्पष्ट रूप से उन आरोपों का जवाब है जो विपक्ष चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर उठाता रहा है। हालाँकि पंजाब में BJP अभी भी एक चुनौतीपूर्ण स्थिति में है — राज्य में उसकी सरकार नहीं है और AAP सत्ता में है — ऐसे में नशे और भय के मुद्दे को केंद्र में रखना BJP की रणनीतिक ज़रूरत भी है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है वह यह है कि इस तरह की पदयात्राएँ सत्ता में बैठी पार्टी के लिए विपक्ष की भूमिका निभाने का एक तरीका भी हैं — जो राज्य राजनीति में BJP की वास्तविक स्थिति को रेखांकित करता है।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृष्ण पाल गुर्जर ने गुरदासपुर में क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने 3 नवंबर 2026 को गुरदासपुर में BJP की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा में कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन सिर्फ जनादेश से होता है और विपक्ष कोई गलतफहमी न पाले।
'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान क्या है?
यह BJP द्वारा देशभर में चलाया जा रहा एक राजनीतिक अभियान है जिसके तहत विभिन्न राज्यों में पदयात्राएँ निकाली जा रही हैं। इसका उद्देश्य विपक्ष पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमज़ोर करने का आरोप लगाते हुए BJP की जनाधार मज़बूत करना है।
गुर्जर ने पंजाब में कांग्रेस और AAP पर क्या आरोप लगाए?
गुर्जर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पंजाब को नशे की गिरफ्त में धकेला और AAP सरकार ने हालात को और बिगाड़ा। उन्होंने कहा कि राज्य में नशे की समस्या गंभीर है और लोग भय के माहौल में जी रहे हैं।
गुर्जर ने विपक्ष के वोट-चोरी के आरोपों पर क्या कहा?
गुर्जर ने कहा कि एक दौर में उत्तर प्रदेश और बिहार में मतपेटियाँ लूटी जाती थीं और निहत्थे मतदाताओं की हत्याएँ होती थीं। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में बिहार और बंगाल समेत कई राज्यों में एक भी बूथ पर पुनर्मतदान की नौबत नहीं आई।
BJP ने पंजाब को नशामुक्त बनाने का क्या वादा किया?
केंद्रीय मंत्री गुर्जर ने गृह मंत्री अमित शाह के वादों का हवाला देते हुए कहा कि जिस तरह BJP ने अनुच्छेद 370, नक्सलवाद और तीन तलाक पर अपने संकल्प पूरे किए, उसी तरह पंजाब को भी नशामुक्त और भयमुक्त बनाया जाएगा। हालाँकि इसके लिए कोई ठोस समयसीमा या नीतिगत रूपरेखा का उल्लेख नहीं किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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