इंदौर में BJP की 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा, CM मोहन यादव बोले — कांग्रेस की अराजकता जनता नकार चुकी है
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 30 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश की व्यापारिक राजधानी इंदौर में 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' पदयात्रा आयोजित की। यह अभियान कांग्रेस द्वारा संवैधानिक संस्थाओं पर उठाए जा रहे सवालों के जवाब में शुरू किया गया है। पदयात्रा में बड़ी संख्या में समर्थकों की उपस्थिति के बीच BJP नेताओं ने दावा किया कि देश की जनता कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को सिरे से खारिज करती है।
पदयात्रा का मार्ग और जनसमूह
BJP नेताओं का पैदल मार्च सुभाष नगर से शुरू होकर पाटनीपुरा चौराहे पर समाप्त हुआ। पार्टी नेताओं ने इस जनसमूह को विपक्षी दलों के लिए 'जनता की स्पष्ट चेतावनी' बताया। BJP प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने दावा किया कि कांग्रेस पूरे देशभर में जितने लोग नहीं जुटा पाती, उससे अधिक लोग अकेले इंदौर की इस पदयात्रा में स्वयं चलकर आए।
मुख्यमंत्री मोहन यादव का संबोधन
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पदयात्रा को संबोधित करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश की जनता कांग्रेस की अराजकता और नकारात्मक राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा, 'सत्ता की लालसा में विभिन्न आरोपों के ज़रिए देश में अराजकता फैलाने का प्रयास करने वालों को यह समझ लेना चाहिए कि BJP के कमल को खिलने से कोई ताकत नहीं रोक सकती।' यादव ने उपस्थित जनसमूह को लोकतंत्र की रक्षा और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान की शपथ भी दिलाई।
BJP नेताओं की प्रमुख प्रतिक्रियाएँ
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश 'विकसित भारत' के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है और इंदौर का यह जनसैलाब यह संदेश दे रहा है कि 'अराजकता हारेगी और लोकतंत्र जीतेगा।' BJP के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब ने आरोप लगाया कि मुद्दाविहीन कांग्रेस के पास विकास का कोई विजन नहीं है, इसीलिए वह संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रही है।
SIR और मतदाता सूची विवाद
BJP प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और कांग्रेस नेता राहुल गांधी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का विरोध इसलिए कर रहे हैं क्योंकि इससे मतदाता सूची में कथित तौर पर दर्ज विदेशी नागरिकों और मृत व्यक्तियों के नाम हटाए जाएंगे। गौरतलब है कि SIR को लेकर देशभर में राजनीतिक विवाद चल रहा है और विपक्ष इसे चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप बता रहा है।
आगे की राजनीतिक दिशा
BJP का यह अभियान ऐसे समय में आया है जब संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता को लेकर केंद्र और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। पार्टी इस पदयात्रा को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने की योजना बना रही है। आने वाले हफ्तों में अन्य राज्यों में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है।