चक्रवात 'अर्नब': गंजाम बाढ़ पर नवीन पटनायक की चिंता, बीजद प्रतिनिधिमंडल नुकसान आकलन को रवाना
सारांश
मुख्य बातें
बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष और ओडिशा में विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर को चक्रवात 'अर्नब' के कारण गंजाम जिले में आई अभूतपूर्व बाढ़ से प्रभावित लोगों की दुर्दशा पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने गंजाम कलेक्टर से सीधे फोन पर बात कर ज़मीनी स्थिति की जानकारी ली और प्रशासन को तत्काल राहत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बीजद प्रतिनिधिमंडल रवाना
पटनायक ने विपक्ष की मुख्य सचेतक प्रमिला मल्लिक के नेतृत्व में एक बहु-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गंजाम भेजा है। प्रतिनिधिमंडल में प्रताप जेना, तुकुनी साहू, बिक्रम पांडा, डॉ. रमेश चंद्र च्याउ पटनायक, चंद्र शेखर साहू, भृगु बक्सीपात्रा, चिन्मय साहू, रंजीता साहू और संघमित्रा दलेई शामिल हैं।
यह दल गुरुवार और शुक्रवार — दो दिन तक — गंजाम के विभिन्न प्रभावित इलाकों का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात करेगा और नुकसान का जायजा लेगा। प्रतिनिधिमंडल राजस्व मंडल आयुक्त (आरडीसी) तथा जिला कलेक्टर के साथ बचाव एवं राहत कार्यों पर चर्चा करेगा, और अपनी रिपोर्ट पटनायक को सौंपेगा।
प्रभावित जिले और पीड़ितों की संख्या
राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, चक्रवात 'अर्नब' से गंजाम, गजपति, कंधमाल, कोरापुट और रायगढ़ा जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। सर्वाधिक प्रभावित गंजाम में 42,564 लोग, गजपति में 30,000 और कंधमाल में 12,000 से अधिक लोग प्रभावित बताए गए हैं।
गौरतलब है कि पटनायक का अपना निर्वाचन क्षेत्र हिंजिली और शेरागड़ा भी गंजाम ज़िले में ही पड़ता है, जो इस बाढ़ से गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है।
बचाव और राहत कार्य
चक्रवात के बाद हुई भारी बारिश से कई गाँव जलमग्न हो गए हैं और सड़कों सहित अन्य बुनियादी ढाँचे को व्यापक क्षति पहुँची है। प्रभावित क्षेत्रों में ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और अग्निशमन सेवाओं के कर्मियों को तैनात किया गया है।
बचाव कार्यों और खाद्य सामग्री के वितरण के लिए हेलीकॉप्टरों का उपयोग भी किया जा रहा है। संवेदनशील और निचले इलाकों से हजारों लोगों को सुरक्षित रूप से राहत शिविरों में पहुँचाया गया है।
पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश
पटनायक ने बीजद के समस्त पार्टी कार्यकर्ताओं को आपदा की इस घड़ी में लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने और हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की अपील की है। यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा में बीजद सत्ता से बाहर है, और विपक्षी दल की सक्रियता राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आगे की राह
बीजद प्रतिनिधिमंडल की रिपोर्ट आने के बाद पटनायक के अगले कदम स्पष्ट होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि चक्रवात 'अर्नब' से हुई तबाही का पूर्ण आकलन अभी बाकी है, और राहत एवं पुनर्वास में हफ्तों का समय लग सकता है।