चक्रवात 'अर्नब': खड़गे और प्रियंका गांधी ने जताई चिंता, आंध्र में 7 मौतें, ₹4,600 करोड़ का नुकसान
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने 30 अक्टूबर 2026 को आंध्र प्रदेश में चक्रवात 'अर्नब' से हुई तबाही और ओडिशा में भारी बारिश व बाढ़ से उत्पन्न हालात पर गहरी चिंता जताई। दोनों नेताओं ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर पार्टी कार्यकर्ताओं से प्रभावित लोगों की हर संभव सहायता करने की अपील की। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के अनुसार, चक्रवात से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है और प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक लगभग ₹4,600 करोड़ का नुकसान हुआ है।
नेताओं की प्रतिक्रिया
प्रियंका गांधी ने एक्स पर लिखा, 'मेरी संवेदनाएं आंध्र प्रदेश में चक्रवात 'अर्नब' से तबाही झेल रहे लोगों और ओडिशा में भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित लोगों के साथ हैं। मैं सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करती हूं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आग्रह करती हूं कि वे प्रभावित लोगों की हर संभव मदद करें और राहत तथा बचाव प्रयासों में सहयोग दें।'
कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने भी अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'चक्रवात 'अर्नब' के कारण आंध्र प्रदेश में लोगों की जान जाने और ओडिशा में जनजीवन में बड़े पैमाने पर व्यवधान से बहुत दुखी हूं। केंद्र सरकार को राज्य सरकारों के साथ मिलकर राहत और पुनर्वास के समन्वित प्रयास करने चाहिए और पीएम केयर्स फंड के जरिए सभी प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता सुनिश्चित करनी चाहिए।'
आंध्र प्रदेश में नुकसान का आकलन
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद बताया कि नुकसान का प्रारंभिक अनुमान ₹4,600 करोड़ है, हालांकि विस्तृत आकलन के बाद यह आंकड़ा बढ़ सकता है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात कर उन्हें मौजूदा स्थिति और राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी तथा केंद्र को नुकसान पर प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी।
गौरतलब है कि चक्रवात 'अर्नब' ने तटीय आंध्र प्रदेश में व्यापक क्षति पहुंचाई है। इससे बुनियादी ढाँचा, कृषि और ग्रामीण बस्तियाँ बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
ओडिशा में राहत अभियान
ओडिशा सरकार ने चक्रवात से उत्पन्न असाधारण भारी बारिश और बाढ़ के मद्देनज़र गंजम और गजपति जिलों में बचाव और राहत अभियान तेज कर दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के तटीय इलाके पहले से ही मानसून की मार झेल रहे थे। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में तत्काल राहत सामग्री पहुँचाने के निर्देश दिए हैं।
केंद्र से समन्वय की माँग
खड़गे और प्रियंका गांधी — दोनों ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि वह राज्य सरकारों के साथ मिलकर राहत कार्यों में तेज़ी लाए। खड़गे ने विशेष रूप से पीएम केयर्स फंड से सहायता उपलब्ध कराने पर ज़ोर दिया। आलोचकों का मानना है कि आपदा के वक्त केंद्र-राज्य समन्वय में देरी राहत कार्यों को धीमा कर सकती है।
आने वाले दिनों में विस्तृत क्षति आकलन रिपोर्ट सामने आने के बाद राहत और पुनर्वास की माँग और तेज़ होने की संभावना है।