चक्रवात 'अर्नब' का आंध्र प्रदेश में कहर: CM नायडू गुरुवार को कोनसीमा-गोदावरी दौरे पर, राहत पैकेज का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू गुरुवार, 30 अक्टूबर 2026 को चक्रवात 'अर्नब' से बुरी तरह प्रभावित कोनसीमा और पश्चिम गोदावरी जिलों का दौरा करेंगे और नुकसान का जायजा लेंगे। 28 अक्टूबर को अमरावती स्थित 'रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी' (RTGS) केंद्र में मीडिया से बात करते हुए नायडू ने राहत उपायों की घोषणा की और केंद्र से सहायता की माँग की।
मुख्य घटनाक्रम
चक्रवात 'अर्नब' के तटीय आंध्र प्रदेश से टकराने के बाद प्रदेश में व्यापक तबाही हुई है। विशाखापत्तनम में बिजली का खंभा और पेड़ गिरने से दो लोगों की मौत हुई, जबकि अनाकापल्ली और भीमवरम में एक-एक व्यक्ति ने जान गँवाई। इस तरह चक्रवात में कुल चार लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई है। नारियल के बागानों और अन्य बागवानी फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है। फसल क्षति के प्रारंभिक आँकड़े एकत्र किए जा रहे हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री नायडू ने बुधवार को केंद्र सरकार को पत्र लिखकर चक्रवात से हुए नुकसान के लिए आर्थिक सहायता की माँग की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी चक्रवात की तीव्रता और प्रदेश पर पड़े असर से अवगत कराया गया है। नुकसान का प्रारंभिक आकलन जल्द ही केंद्र को सौंपा जाएगा, जिसके बाद विस्तृत रिपोर्ट भेजी जाएगी। राहत पैकेज पर अंतिम निर्णय गुरुवार को होने वाली कैबिनेट की वर्चुअल बैठक में लिया जाएगा।
राहत पैकेज की मुख्य बातें
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जिन परिवारों के घरों में पानी भर गया है, उन्हें 25 किलो चावल प्रदान किया जाएगा। बुनकरों और मछुआरों को 50 किलो चावल के साथ एक-एक किलो प्याज, खाना पकाने का तेल और अरहर की दाल दी जाएगी। प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति को ₹1,000 की तत्काल आर्थिक सहायता और चक्रवात में जान गँवाने वाले परिवारों को ₹5 लाख का मुआवजा देने की घोषणा की गई है। जिलों में यह आर्थिक सहायता वितरण गुरुवार से ही शुरू होगी। फसल क्षति का सर्वेक्षण पूरा होने के बाद किसानों को अलग से मुआवजा दिया जाएगा।
आपदा प्रबंधन और तकनीक का योगदान
नायडू ने कहा कि आधुनिक तकनीक ने आपदा प्रबंधन की कार्यप्रणाली को मूलतः बदल दिया है। उन्होंने सरकार के दृष्टिकोण को 'पूर्वानुमान, सटीकता और जमीनी तैयारी' की त्रिसूत्री बताया। पहले पूरे तटीय क्षेत्र को अलर्ट पर रखना पड़ता था, परंतु अब यह सटीक रूप से अनुमान लगाया जा सकता है कि चक्रवात कहाँ टकराएगा। नहरों में रुकावटें कम होने से कई स्थानों पर जलभराव की समस्या भी घटी है। उन्होंने पिछले तीन दिनों से लगातार कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना भी की।
बारिश की कमी में सुधार, पुरानी सरकार पर निशाना
एक उल्लेखनीय बात यह है कि चक्रवात 'अर्नब' के बाद हुई बारिश से राज्य में औसत वर्षा की कमी 39 प्रतिशत से घटकर 27 प्रतिशत रह गई है। साथ ही, नायडू ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने राजनीतिक कारणों से RTGS केंद्र की अनदेखी की थी। प्रभावित क्षेत्रों में पीने के पानी की आपूर्ति और साफ-सफाई को प्राथमिकता दी जा रही है। आने वाले दिनों में सरकार की नज़र बहाली कार्यों की गति और केंद्र से मिलने वाली सहायता पर रहेगी।