गुजरात में 213 मेडिकल स्टोरों की जाँच, NDPS उल्लंघन पर 25 फार्मेसियों को नोटिस
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात पुलिस के एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने 6 से 12 अक्टूबर 2026 के बीच राज्यभर में 213 मेडिकल स्टोरों और फार्मेसियों का निरीक्षण किया, जिसमें नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के तहत नियंत्रित दवाओं के अनुपालन की जाँच की गई। इस अभियान के दौरान खाद्य एवं औषधि विभाग ने नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 25 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए।
अभियान का दायरा और उद्देश्य
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर यह अभियान ANTF के विभिन्न ज़ोनों और गांधीनगर स्थित निगरानी मुख्यालय द्वारा समन्वित रूप से चलाया गया। इसका मुख्य लक्ष्य मादक और मनोरोगी (साइकोट्रॉपिक) दवाओं की अवैध बिक्री, भंडारण, वितरण तथा दुरुपयोग पर अंकुश लगाना था। अधिकारियों ने प्रत्येक प्रतिष्ठान में दवा-बिक्री से जुड़े लागू नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुपालन का मूल्यांकन किया।
ज़ोनवार निरीक्षण के आँकड़े
निरीक्षित 213 प्रतिष्ठानों में सर्वाधिक 64 स्टोर गांधीनगर स्थित निगरानी मुख्यालय के अंतर्गत पाए गए। वडोदरा ज़ोन में 43, राजकोट ज़ोन में 36 और सीमावर्ती ज़ोन में 32 प्रतिष्ठानों की जाँच की गई। अहमदाबाद ज़ोन में 23 और सूरत ज़ोन में 15 मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया गया।
नोटिस का वितरण
अधिकारियों के अनुसार, जारी किए गए 25 नोटिसों में से 11 अहमदाबाद ज़ोन में, 10 सूरत ज़ोन में और 4 गांधीनगर निगरानी मुख्यालय ज़ोन में दिए गए। ये नोटिस NDPS अनुपालन आवश्यकताओं को पूरा न करने वाले प्रतिष्ठानों को जारी किए गए हैं।
पिछले अभियानों से तुलना
यह ताज़ा कार्रवाई गुजरात में नशीली दवाओं के खिलाफ जारी व्यापक अभियान की एक कड़ी है। गौरतलब है कि जुलाई 2025 में गुजरात पुलिस ने खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन (FDCA) के साथ मिलकर एक अलग अभियान में 7,575 मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया था, जिसमें नुस्खे (prescription) की अनिवार्यता और नियंत्रित दवाओं की बिक्री पर प्रतिबंधों के अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया गया था। तुलनात्मक रूप से, इस बार का अभियान अधिक लक्षित और NDPS-केंद्रित था।
आगे की राह
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गुजरात में मादक पदार्थों और NDPS-संबंधित दवाओं के अवैध व्यापार व दुरुपयोग को रोकने के लिए इस तरह के निरीक्षण और निगरानी अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे। यह कार्रवाई राज्य में नशे की आपूर्ति-श्रृंखला को बाधित करने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।