यूपी चुनाव 2027: हरदोई की 8 सीटों पर BJP का 2022 में क्लीन स्वीप, अब जातीय समीकरण तय करेगा बाज़ी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच हरदोई जिला सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए केंद्र बिंदु बन गया है, क्योंकि यहाँ की 8 विधानसभा सीटें अवध और रुहेलखंड की राजनीतिक सीमा पर निर्णायक भूमिका निभाती हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने हरदोई की समस्त आठों सीटें जीतकर क्लीन स्वीप किया था, जिसके कारण विपक्षी दल इस बार यहाँ पैठ बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
हरदोई की राजनीतिक संरचना
हरदोई जिले में आठ विधानसभा क्षेत्र हैं — सवायजपुर, शाहाबाद, हरदोई, गोपामऊ, सांडी, बिलग्राम-मल्लांवा, बालामऊ और संडीला। लोकसभा की दृष्टि से हरदोई संसदीय सीट के अंतर्गत इनमें से पाँच विधानसभा सीटें — सवायजपुर, शाहाबाद, हरदोई, गोपामऊ और संडी — आती हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में BJP के जय प्रकाश रावत ने समाजवादी पार्टी (सपा) की उषा वर्मा को 27,856 मतों के अंतर से पराजित किया था, जबकि उस चुनाव में मतदान प्रतिशत 57.52% रहा था।
जातीय समीकरण: निर्णायक कारक
हरदोई में जातीय संरचना चुनावी परिणामों को हमेशा से प्रभावित करती रही है। 2011 की जनगणना के अनुसार हरदोई लोकसभा क्षेत्र में 85.55% ग्रामीण और 14.45% शहरी आबादी है। अनुसूचित जाति की हिस्सेदारी करीब 30.79% है, जबकि मुस्लिम मतदाता लगभग 13% हैं। इसके अतिरिक्त कुर्मी, ब्राह्मण और एक बड़ी ओबीसी आबादी भी यहाँ जीत-हार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाती है। यही वजह है कि सभी दल बूथ स्तर तक अपनी तैयारी में जुट गए हैं।
ऐतिहासिक और भौगोलिक महत्व
हरदोई का इतिहास पौराणिक काल से जुड़ा है। इतिहासकारों के अनुसार इस स्थान का संबंध हिरण्यकश्यप से रहा है और इसका पौराणिक नाम 'हरि-द्रोही' था, जो कालांतर में बदलकर हरदोई हो गया। द्वापर युग की तीर्थस्थली नैमिषारण्य जिला मुख्यालय से मात्र 45 किमी दूर स्थित है, जो इसे धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी विशेष बनाती है।
भौगोलिक रूप से हरदोई लखनऊ कमिश्नरी का हिस्सा है और 5,989 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैला है। इसकी उत्तरी सीमा शाहजहाँपुर और लखीमपुर खीरी से लगती है, दक्षिण में लखनऊ और उन्नाव, पश्चिम में कानपुर और फर्रुखाबाद तथा पूर्व में गोमती नदी इसे सीतापुर से अलग करती है।
जनसंख्या और प्रशासनिक ढाँचा
2011 की जनगणना के अनुसार जिले की कुल जनसंख्या 40,92,845 है, जिसमें 21,91,442 पुरुष और 19,01,403 महिलाएँ हैं। प्रशासनिक रूप से जिले में 5 तहसीलें — हरदोई, शाहाबाद, बिलग्राम, संडीला और सवायजपुर — हैं। इसके साथ 191 न्याय पंचायत, 1,306 ग्राम सभाएँ, 1,907 आबाद गाँव, 7 नगर पालिका परिषदें और 6 नगर पंचायतें हैं। निकटतम हवाई अड्डा चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, लखनऊ लगभग 119 किमी दूर है।
2027 से पहले सियासी सरगर्मी
गौरतलब है कि लखनऊ मंडल में स्थित हरदोई अवध और रुहेलखंड की सीमा पर होने के कारण क्षेत्रीय राजनीति में विशेष महत्व रखता है। 2022 के क्लीन स्वीप के बाद BJP यहाँ अपनी पकड़ बरकरार रखने की कोशिश में है, जबकि विपक्षी दल — विशेष रूप से सपा — जातीय समीकरणों को अपने पक्ष में करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। आने वाले महीनों में बड़े नेताओं के दौरे तेज़ होने की संभावना है, जो इस क्षेत्र की चुनावी अहमियत को रेखांकित करती है।