यूपी चुनाव 2027: संभल की 4 सीटों पर 2022 में सपा ने 3 और भाजपा ने 1 सीट जीती थी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ जोर पकड़ने लगी हैं और राजनीतिक दलों की निगाह अब हर जिले के समीकरणों पर टिकी है। संभल जिले की चार विधानसभा सीटों पर 2022 के चुनाव नतीजों का विश्लेषण बताता है कि समाजवादी पार्टी (सपा) ने यहाँ तीन सीटों पर दबदबा बनाया था, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) केवल एक सीट पर सफल रही थी। आगामी चुनाव में इन्हीं नतीजों की ज़मीन पर नई सियासी बिसात बिछेगी।
संभल जिले की चार विधानसभा सीटें
संभल जिले में कुल चार विधानसभा क्षेत्र हैं — संभल, असमोली, चंदौसी (सुरक्षित) और गुन्नौर। 2022 के विधानसभा चुनाव में इनमें से तीन सीटें सपा की झोली में गईं, जबकि चंदौसी सुरक्षित सीट पर BJP ने जीत दर्ज की।
संभल सीट: सपा की निर्णायक जीत
संभल विधानसभा सीट पर 2022 में सपा के इकबाल महमूद ने BJP उम्मीदवार राजेश सिंघल को 41,697 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया था। इकबाल महमूद को 1,07,073 वोट मिले थे, जबकि दूसरे स्थान पर रहे राजेश सिंघल को 65,376 वोट प्राप्त हुए। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के शकील अहमद कुरैशी तीसरे स्थान पर रहे और उन्हें 44,443 मत मिले।
असमोली सीट: सपा की पिंकी सिंह की जीत
असमोली विधानसभा सीट पर सपा की पिंकी सिंह (पिंकी यादव) ने 2022 में BJP के हरेंद्र सिंह (रिंकू) को 25,206 वोटों के अंतर से हराया था। पिंकी सिंह को 1,11,652 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी हरेंद्र मलिक को 86,446 मत मिले। बसपा के रफतउल्ला उर्फ नेता छिद्दा 42,512 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे।
चंदौसी (सुरक्षित) सीट: भाजपा की इकलौती जीत
चंदौसी (सुरक्षित) विधानसभा सीट संभल जिले की एकमात्र ऐसी सीट रही, जहाँ 2022 में BJP ने बाजी मारी। BJP की गुलाबो देवी ने सपा की विमलेश कुमारी को 35,367 मतों के अंतर से पराजित किया। गुलाबो देवी को 1,12,890 वोट मिले, जबकि विमलेश कुमारी को 77,523 मत प्राप्त हुए। बसपा के रणविजय सिंह 30,481 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
गुन्नौर सीट: सपा का फिर दबदबा
गुन्नौर विधानसभा सीट पर 2022 में सपा के राम खिलाड़ी सिंह ने BJP के अजीत कुमार (राजू यादव) को 29,529 वोटों के अंतर से हराया था। राम खिलाड़ी सिंह को 1,23,969 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी अजीत कुमार को 94,440 मत मिले। बसपा के फिरोज 15,068 वोट लेकर तीसरे पायदान पर रहे।
2027 चुनाव की दृष्टि से क्या संकेत मिलते हैं
गौरतलब है कि 2022 में संभल जिले में सपा का वोट शेयर स्पष्ट रूप से प्रभावी रहा और तीनों जीती सीटों पर जीत का अंतर भी उल्लेखनीय था। 2027 में BJP के लिए यह जिला एक चुनौतीपूर्ण क्षेत्र होगा, जबकि सपा के लिए अपनी बढ़त बनाए रखना प्राथमिकता होगी। बसपा के वोट प्रत्येक सीट पर महत्त्वपूर्ण रहे हैं और उनका झुकाव ही किसी भी सीट का भविष्य तय कर सकता है।