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यूपी चुनाव 2027: बिजनौर की आठों सीटों पर 2022 में BJP-SP में 4-4 का रहा था बराबरी का दंगल

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यूपी चुनाव 2027: बिजनौर की आठों सीटों पर 2022 में BJP-SP में 4-4 का रहा था बराबरी का दंगल

सारांश

2022 में बिजनौर जिले की आठ सीटों पर BJP और SP ने 4-4 सीटें बाँटी थीं। धामपुर में 203, नहटौर में 258 और चांदपुर में सिर्फ 234 वोटों का अंतर — ये नतीजे बताते हैं कि 2027 में बिजनौर उत्तर प्रदेश की सत्ता की कुंजी साबित हो सकता है।

मुख्य बातें

2022 के UP विधानसभा चुनाव में बिजनौर जिले की 8 सीटों पर BJP और सपा ने 4-4 सीटें जीती थीं।
धामपुर में BJP के अशोक कुमार राणा ने सपा को महज 203 वोटों से हराया — जिले की सबसे नजदीकी जीत।
नहटौर में BJP के ओम कुमार ने RLD के मुंशी राम को केवल 258 वोटों से हराया।
चांदपुर में सपा के स्वामी ओमवेश ने BJP की कमलेश सैनी को 234 वोटों से हराया।
नजीबाबाद में सपा के तसलीम अहमद ने 23,770 वोटों के सबसे बड़े अंतर से जीत दर्ज की।
2027 के चुनाव से पहले सभी दल बिजनौर में गठबंधन और उम्मीदवार चयन की रणनीति बना रहे हैं।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच बिजनौर जिले की आठ विधानसभा सीटों का राजनीतिक इतिहास एक बार फिर चर्चा में है। 2022 के विधानसभा चुनाव में इन सभी सीटों पर असाधारण रूप से कड़ा मुकाबला देखने को मिला था, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (SP) दोनों ने 4-4 सीटें जीतकर बराबरी की थी। 2027 के चुनाव से पहले सभी दल इन्हीं नतीजों के आधार पर अपनी रणनीति तैयार करने में जुटे हैं।

बिजनौर जिले की राजनीतिक पृष्ठभूमि

गंगा नदी के किनारे बसा बिजनौर जिला गन्ने और धान की खेती के लिए जाना जाता है। यहाँ की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था मतदाताओं की प्राथमिकताओं को गहरे तक प्रभावित करती है। गौरतलब है कि 2022 में इस जिले की कई सीटों पर जीत का अंतर महज कुछ सौ वोटों का रहा, जो यह बताता है कि 2027 में यहाँ हर वोट निर्णायक साबित हो सकता है।

सीटवार 2022 के चुनावी नतीजे

नजीबाबाद सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार तसलीम अहमद ने 1,02,675 वोट पाकर BJP के राजा भरतेंद्र सिंह को 23,770 वोटों के अंतर से हराया था। बहुजन समाज पार्टी (BSP) के शहनवाज आलम 44,727 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद सलीम अंसारी को मात्र 1,958 वोट मिले।

नगीना (सुरक्षित) सीट पर सपा के मनोज कुमार पारस ने BJP के डॉ. यशवंत सिंह को 26,451 वोटों से पराजित किया। पारस को 97,155 और यशवंत सिंह को 70,704 वोट मिले। BSP के ब्रजपाल सिंह 40,164 वोटों के साथ तीसरे रहे।

बढ़ापुर सीट पर BJP के कुंवर सुशांत सिंह ने 1,00,100 वोट पाकर सपा के कपिल कुमार को 14,345 वोटों से हराया। BSP के मोहम्मद गाजी 46,638 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

धामपुर सीट पर सबसे रोमांचक मुकाबला रहा, जहाँ BJP के अशोक कुमार राणा ने सपा के नईमुल हसन को महज 203 वोटों के ऐतिहासिक रूप से संकीर्ण अंतर से हराया। राणा को 81,791 और हसन को 81,588 वोट मिले। BSP के ठाकुर मूलचंद्र चौहान को 38,993 वोट मिले।

नहटौर (सुरक्षित) सीट पर भी BJP के ओम कुमार ने राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के मुंशी राम को केवल 258 वोटों से हराया। ओम कुमार को 77,953 वोट मिले। BSP की प्रिया सिंह 38,020 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।

बिजनौर (सदर) सीट पर BJP की सुधि चौधरी ने RLD के नीरज चौधरी को 1,445 वोटों के अंतर से हराया। सुधि चौधरी को 97,165 और नीरज चौधरी को 95,720 वोट मिले। BSP की रुचि वीरा 52,035 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।

चांदपुर सीट पर सपा के स्वामी ओमवेश ने BJP की कमलेश सैनी को मात्र 234 वोटों से हराया। ओमवेश को 90,522 और सैनी को 90,288 वोट मिले। BSP के शकील अहमद को 37,359 वोट मिले।

नूरपुर सीट पर सपा के राम अवतार सिंह ने 92,574 वोट पाकर BJP के सी.पी. सिंह को हराया, जिन्हें 86,509 वोट मिले। BSP के हाजी जियाउद्दीन अंसारी को 31,300 वोट मिले।

2022 के नतीजों का सारांश और 2027 का परिप्रेक्ष्य

कुल मिलाकर 2022 में BJP और सपा ने 4-4 सीटें बाँटीं। BJP को नजीबाबाद और नगीना में हार मिली, जबकि धामपुर, नहटौर, बढ़ापुर और बिजनौर सदर पर जीत हासिल हुई। सपा ने नजीबाबाद, नगीना, चांदपुर और नूरपुर जीतीं। यह ऐसे समय में आया था जब RLD सपा गठबंधन में थी, लेकिन बाद में दोनों दलों के राजनीतिक समीकरण बदल गए।

आलोचकों का कहना है कि धामपुर (203 वोट), नहटौर (258 वोट) और चांदपुर (234 वोट) जैसी सीटों पर इतने नजदीकी नतीजे बताते हैं कि 2027 में जातिगत और स्थानीय समीकरणों में जरा-सा भी बदलाव इन सीटों का रुख पलट सकता है।

आगे क्या होगा

राजनीतिक दलों की नजर अब इन सीटों पर उम्मीदवारों के चयन और गठबंधन की संभावनाओं पर टिकी है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बिजनौर जिले में पार्टियों का दौरा और स्थानीय कार्यकर्ताओं की सक्रियता इस बात का संकेत है कि यहाँ की हर सीट राज्य की सत्ता के समीकरण में अहम भूमिका निभा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि लहर से। धामपुर (203), नहटौर (258) और चांदपुर (234) में तीन अंकों का जीत-अंतर दर्शाता है कि BSP का वोट बैंक — जो इन सीटों पर 30,000 से 50,000 के बीच रहा — असली किंगमेकर है। 2027 में RLD की स्थिति बदल चुकी है और गठबंधन के नए समीकरण इन सीटों की किस्मत तय करेंगे। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है, वह यह है कि बिजनौर की ये आठ सीटें राज्य की सत्ता के गणित में असंगत रूप से बड़ी भूमिका निभाती हैं।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2022 के UP चुनाव में बिजनौर जिले में किस पार्टी ने सबसे ज्यादा सीटें जीती थीं?
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बिजनौर जिले की 8 सीटों पर BJP और समाजवादी पार्टी (SP) ने 4-4 सीटें जीती थीं। दोनों पार्टियों के बीच जिले में पूर्ण बराबरी रही।
बिजनौर जिले में 2022 में सबसे कम अंतर से कौन सी सीट जीती गई थी?
धामपुर सीट पर 2022 में सबसे कम अंतर से जीत दर्ज हुई थी। BJP के अशोक कुमार राणा ने सपा के नईमुल हसन को केवल 203 वोटों के अंतर से हराया था।
बिजनौर की कौन सी सीटें 2022 में सपा ने जीती थीं?
2022 में सपा ने नजीबाबाद, नगीना (सुरक्षित), चांदपुर और नूरपुर — ये चार सीटें जीती थीं। नजीबाबाद में जीत का अंतर सबसे बड़ा (23,770 वोट) रहा।
बिजनौर में 2027 के चुनाव में किन सीटों पर सबसे कड़ा मुकाबला होने की संभावना है?
आलोचकों और राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार धामपुर, नहटौर, चांदपुर और बिजनौर सदर जैसी सीटों पर 2027 में भी कड़ा मुकाबला होने की संभावना है, क्योंकि 2022 में इन पर जीत का अंतर कुछ सौ वोटों तक सीमित था।
2022 में बिजनौर सदर सीट पर कौन जीता था और जीत का अंतर क्या था?
बिजनौर सदर सीट पर BJP की सुधि चौधरी ने 97,165 वोट पाकर RLD के नीरज चौधरी को 1,445 वोटों से हराया था। नीरज चौधरी को 95,720 वोट मिले थे।
राष्ट्र प्रेस
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