31 अगस्त 2026
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मायावती ने 2027 UP चुनाव की तैयारी तेज की, 'रेवड़ी राजनीति' को बताया जनता के साथ धोखा

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मायावती ने 2027 UP चुनाव की तैयारी तेज की, 'रेवड़ी राजनीति' को बताया जनता के साथ धोखा

सारांश

2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले मायावती ने लखनऊ में 75 जिलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर बीएसपी की पाँचवीं सरकार बनाने का लक्ष्य तय किया। विरोधियों की 'रेवड़ी राजनीति' को उन्होंने जनता के साथ धोखा बताते हुए स्वतंत्र मतदान की अपील की।

मुख्य बातें

BSP प्रमुख मायावती ने 31 अगस्त को लखनऊ में प्रदेश, मंडल और सभी 75 जिलों के पदाधिकारियों के साथ चुनावी समीक्षा बैठक की।
मायावती ने 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में BSP की पाँचवीं बार सरकार बनाने का लक्ष्य घोषित किया।
विरोधी दलों की 'रेवड़ी राजनीति' और लुभावने वादों को चुनावी छलावा करार देते हुए मतदाताओं को सावधान रहने की अपील की।
महंगाई, बेरोज़गारी और पलायन जैसी समस्याओं पर केंद्र व राज्य सरकारों को घेरा; पूर्वांचल में बाढ़ राहत की माँग की।
BSP संस्थापक मान्यवर कांशीराम की 9 अक्टूबर पुण्यतिथि पर लखनऊ के कांशीराम स्मारक स्थल पर विशाल कार्यक्रम आयोजित होगा।

बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने सोमवार, 31 अगस्त को लखनऊ में पार्टी की अहम समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए चुनावी बिगुल फूंकते हुए विरोधी दलों की 'रेवड़ी राजनीति' को मतदाताओं के साथ सीधा छलावा करार दिया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि BSP को उत्तर प्रदेश में पाँचवीं बार सत्ता में लाने के लिए बूथ स्तर तक संगठन को चुस्त-दुरुस्त किया जाए।

बैठक का एजेंडा और संगठनात्मक समीक्षा

इस बैठक में BSP के प्रदेश, मंडल और सभी 75 जिलों के अध्यक्षों सहित वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। मायावती ने पार्टी उम्मीदवारों के चयन की प्रगति, संगठन की मौजूदा स्थिति और पिछली दो बैठकों के बाद बूथ स्तर पर हुए कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से चुनावी तैयारियों को और अधिक प्रभावी बनाने का आह्वान किया।

'रेवड़ी राजनीति' पर मायावती का सीधा हमला

मायावती ने चुनाव से पहले महिलाओं सहित मतदाताओं को निजी लाभ पहुँचाने वाली 'रेवड़ियों' और लुभावने वादों पर गहरी चिंता जताई। उनके अनुसार, विरोधी दल साम, दाम, दंड और भेद जैसे हथकंडों से वोट प्रभावित करने की कोशिश करते हैं और सरकार बनने के बाद वादाखिलाफी करते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता को ऐसे चुनावी छलावे से पहले ही सावधान करना ज़रूरी है। मायावती ने मतदाताओं से स्वतंत्र एवं निष्पक्ष होकर मतदान करने की अपील की।

महंगाई, पलायन और जन-समस्याओं पर सरकारों को घेरा

BSP प्रमुख ने महंगाई, गरीबी, बेरोज़गारी और पिछड़ेपन को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के कारण उत्तर प्रदेश की जनता मजबूरी में दूसरे राज्यों में पलायन कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि 'जेन-जी' और 'जेन-अल्फा' पीढ़ी के युवा जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष में उतर रहे हैं और पुलिस मुकदमों जैसे सरकारी दमन का सामना कर रहे हैं। उनके अनुसार, सरकारों की ज़िम्मेदारी है कि वे केवल चुनावी मौसम का इंतज़ार न करें, बल्कि पूरे कार्यकाल में जनहित में काम करें।

कांशीराम पुण्यतिथि और स्मारक कार्यक्रम की तैयारी

बैठक में BSP संस्थापक मान्यवर कांशीराम की 9 अक्टूबर को पड़ने वाली पुण्यतिथि के कार्यक्रम पर भी चर्चा हुई। मायावती ने बताया कि इस वर्ष लखनऊ के वीआईपी रोड पर स्थित 'मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल' में विशाल कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित पूरे प्रदेश से लोग एकत्र होंगे। यूपी-दिल्ली सीमा पर स्थित 'बहुजन प्रेरणा केंद्र' में रख-रखाव कार्य चलने के कारण इस बार कार्यक्रम का स्थान बदला गया है।

नेपाल और उत्तर प्रदेश की बाढ़ पर संवेदना

मायावती ने पड़ोसी देश नेपाल में बाढ़ से हुई जान-माल की क्षति पर गहरी संवेदना व्यक्त की। साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश, विशेषकर पूर्वांचल में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में केंद्र और राज्य सरकारों से तत्काल राहत पहुँचाने की माँग की। उन्होंने कहा कि गरीबी और कर्ज के बोझ तले दबे पूर्वांचल के लोगों के लिए बाढ़ की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। BSP प्रमुख ने आपदा राहत योजनाओं का लाभ तत्काल ज़रूरतमंद परिवारों तक पहुँचाने की माँग की।

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले BSP की यह सक्रियता संकेत देती है कि मायावती अपनी पार्टी को एक बार फिर उत्तर प्रदेश की सत्ता की दावेदार के रूप में स्थापित करने की कोशिश में जुट गई हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या संगठनात्मक पुनर्निर्माण ज़मीन पर दिखेगा। 'रेवड़ी' विरोध की राजनीति तब ही प्रभावी होती है जब पार्टी का अपना विकल्प स्पष्ट हो — अभी तक BSP ने 2027 के लिए कोई ठोस घोषणापत्र नहीं रखा है। दलित-बहुजन मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की ओर खिसका है, जिसे वापस लाना मायावती के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मायावती ने 31 अगस्त की बैठक में क्या मुख्य ऐलान किए?
मायावती ने लखनऊ में BSP के 75 जिलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पाँचवीं बार सरकार बनाने का लक्ष्य रखा। उन्होंने विरोधी दलों की 'रेवड़ी राजनीति' को चुनावी छलावा बताते हुए मतदाताओं को स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान करने की अपील की।
मायावती 'रेवड़ी राजनीति' को क्यों ग़लत मानती हैं?
मायावती का तर्क है कि चुनाव से पहले निजी लाभ का लालच देकर वोट प्रभावित करना जनता के साथ धोखा है, क्योंकि सरकार बनने के बाद अक्सर वादाखिलाफी होती है। उनके अनुसार, यह प्रवृत्ति देश और जनहित दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
BSP की 2027 चुनाव तैयारी कहाँ तक पहुँची है?
BSP ने प्रदेश, मंडल और सभी 75 जिलों के स्तर पर संगठनात्मक समीक्षा शुरू कर दी है और उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। मायावती ने बूथ स्तर तक पार्टी को चुस्त-दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
मान्यवर कांशीराम की पुण्यतिथि कार्यक्रम इस वर्ष कहाँ होगा?
BSP संस्थापक मान्यवर कांशीराम की 9 अक्टूबर की पुण्यतिथि पर इस वर्ष लखनऊ के वीआईपी रोड स्थित 'मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल' पर विशाल कार्यक्रम आयोजित होगा। यूपी-दिल्ली सीमा पर 'बहुजन प्रेरणा केंद्र' में रख-रखाव कार्य चलने के कारण स्थान बदला गया है।
मायावती ने उत्तर प्रदेश की बाढ़ पर क्या माँग की?
मायावती ने केंद्र और राज्य सरकारों से उत्तर प्रदेश, विशेषकर पूर्वांचल के बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुँचाने की माँग की। उन्होंने कहा कि गरीबी और कर्ज के बोझ तले दबे पूर्वांचल के लोगों के लिए बाढ़ की स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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