एनएम-आईसीपीएस मिशन ने विकसित कीं 1,146 प्रौद्योगिकियाँ, 2.46 लाख से अधिक पेशेवरों को मिला प्रशिक्षण
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार के राष्ट्रीय अंतरविषयी साइबर-फिजिकल सिस्टम मिशन (एनएम-आईसीपीएस) ने भारत में उभरती प्रौद्योगिकियों के नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। 31 अगस्त को जारी एक आधिकारिक फैक्टशीट के अनुसार, इस मिशन ने अब तक 1,146 प्रौद्योगिकियों के विकास को सक्षम बनाया है और कृषि, स्वास्थ्य सेवा, खनन, साइबर सुरक्षा, उन्नत संचार तथा पोजिशनिंग जैसे क्षेत्रों में 1,329 प्रौद्योगिकी उत्पादों के निर्माण में योगदान दिया है। इससे भी महत्वपूर्ण यह है कि मिशन के तहत 2.46 लाख से अधिक पेशेवरों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है।
मिशन की संरचना और कार्यप्रणाली
एनएम-आईसीपीएस, टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब (टीआईएच) और ट्रांसलेशनल रिसर्च पार्क (टीटीआरपी) के माध्यम से प्रौद्योगिकी, प्रतिभा और उद्यमिता को एक साझा ढाँचे में एकीकृत कर रहा है। मिशन का उद्देश्य अनुसंधान एवं विकास से लेकर उत्पाद निर्माण और स्टार्टअप स्थापना तक पूरे नवाचार चक्र को कवर करना है। इसके साथ ही बौद्धिक संपदा के निर्माण और लाइसेंसिंग को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
सरकार ने देशभर के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में 25 टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब स्थापित किए हैं। सेक्शन-8 कंपनियों के रूप में पंजीकृत ये हब चार प्रमुख क्षेत्रों — प्रौद्योगिकी विकास, मानव संसाधन एवं कौशल विकास, नवाचार व स्टार्टअप संवर्धन, तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग — पर केंद्रित हैं।
चाणक्य फेलोशिप और मानव संसाधन विकास
फैक्टशीट के अनुसार, मानव संसाधन विकास में चाणक्य फेलोशिप कार्यक्रम अहम भूमिका निभा रहा है। यह कार्यक्रम साइबर-फिजिकल सिस्टम से जुड़ी वास्तविक चुनौतियों के समाधान हेतु परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करता है। अब तक स्नातक, स्नातकोत्तर, पीएचडी और पोस्ट-डॉक्टोरल शोधार्थियों को 5,824 फेलोशिप प्रदान की जा चुकी हैं।
गौरतलब है कि यह मिशन शिक्षा जगत, उद्योग, सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को एक साझा मंच पर लाता है, ताकि वैज्ञानिक अनुसंधान को राष्ट्रीय आवश्यकताओं और उभरते बाजार अवसरों से जोड़ा जा सके।
स्टार्टअप इकोसिस्टम और रोज़गार सृजन
अनुसंधान-आधारित नवाचारों को व्यावसायिक स्तर तक पहुँचाने के उद्देश्य से एनएम-आईसीपीएस ने अब तक 1,136 स्टार्टअप और स्पिन-ऑफ कंपनियों को इनक्यूबेट किया है। इन पहलों के माध्यम से 24,000 से अधिक रोज़गार सृजित हुए हैं — जो मिशन की आर्थिक प्रासंगिकता को रेखांकित करता है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वचालन और साइबर-फिजिकल सिस्टम जैसी उभरती तकनीकों में वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
आगे की राह
सरकार का मानना है कि एनएम-आईसीपीएस भारत को साइबर-फिजिकल सिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), स्वचालन और अन्य उभरती तकनीकों में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे ले जाने में सहायक होगा। मिशन का दीर्घकालिक लक्ष्य एक ऐसा राष्ट्रीय ढाँचा तैयार करना है जो शोध से उत्पाद और उत्पाद से बाज़ार तक की यात्रा को निर्बाध बनाए।