सोना 2026 के अंत तक $5,600 और चांदी $120 प्रति औंस तक पहुंच सकती है: मोनार्क पीएमएस रिपोर्ट
सारांश
मुख्य बातें
मोनार्क पीएमएस की एक ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और ब्याज दरों की बदलती दिशा के बीच सोना वर्ष 2026 के अंत तक $5,000 से $5,600 प्रति औंस और चांदी $95 से $120 प्रति औंस तक पहुंच सकती है। यह अनुमान सबसे अनुकूल 'बुल केस' परिदृश्य पर आधारित है, जिसे रिपोर्ट ने 25 प्रतिशत संभावना दी है।
तीन परिदृश्य: बुल, बेस और बेयर केस
रिपोर्ट में कीमती धातुओं के लिए तीन अलग-अलग परिदृश्य प्रस्तुत किए गए हैं। सबसे संभावित 'बेस केस' को 55 प्रतिशत संभावना दी गई है, जिसमें 2026 के अंत तक सोना $4,300 से $4,700 प्रति औंस और चांदी $70 से $85 प्रति औंस के दायरे में रह सकती है। तीसरा 'बेयर केस' परिदृश्य, जिसे 20 प्रतिशत संभावना दी गई है, सोने को $3,400 से $3,900 प्रति औंस और चांदी को $45 से $55 प्रति औंस के स्तर पर देखता है।
बुल केस के लिए ज़रूरी शर्तें
रिपोर्ट के अनुसार, 'बुल केस' तभी साकार होगा जब अमेरिकी श्रम बाजार में कमज़ोरी आए, फेडरल रिज़र्व ब्याज दरों में कटौती पर मजबूर हो और वास्तविक प्रतिफल (रियल यील्ड) में गिरावट शुरू हो। इसके साथ ही संस्थागत निवेशकों का कीमती धातुओं की ओर वापसी करना और चांदी की भौतिक आपूर्ति में तंगी का लौटना भी इस तेज़ी के लिए अनिवार्य माना गया है।
'बेस केस' की धारणा यह है कि फेडरल रिज़र्व सितंबर तक ब्याज दरें स्थिर रखेगा, ऊर्जा कीमतें सामान्य रहेंगी, वास्तविक प्रतिफल स्थिर बने रहेंगे और दुनिया के केंद्रीय बैंक प्रति तिमाही लगभग 250 टन सोने की खरीद जारी रखेंगे। वहीं 'बेयर केस' तब बनेगा जब फेडरल रिज़र्व सितंबर में ब्याज दरें बढ़ाए, कच्चे तेल की कीमतें और गिरें तथा महंगाई में कमी मांग की कमज़ोरी में तब्दील हो जाए।
सोने के लिए सबसे बड़ी चुनौती
रिपोर्ट के मुताबिक, सोने की राह में फिलहाल सबसे बड़ी बाधा अमेरिकी 10 वर्षीय ट्रेजरी मुद्रास्फीति-संरक्षित प्रतिभूतियों (TIPS) का वास्तविक प्रतिफल है, जो 2.41 प्रतिशत पर बना हुआ है। चूंकि सोना किसी प्रकार का ब्याज या प्रतिफल नहीं देता, ऐसे में ऊंचे वास्तविक प्रतिफल निवेशकों के लिए एक प्रतिस्पर्धी विकल्प बन जाते हैं और सोने की मांग पर दबाव डाल सकते हैं।
चांदी के बुनियादी कारक मज़बूत
रिपोर्ट ने चांदी के बुनियादी कारकों को काफी मज़बूत बताया है। आंकड़ों के अनुसार, चांदी का बाजार लगातार छठे वर्ष घाटे की स्थिति में है और 2021 से अब तक लगभग 762 मिलियन औंस चांदी सतही भंडार से निकल चुकी है। वैश्विक खनन उत्पादन पिछले एक दशक से लगभग स्थिर बना हुआ है, जिससे भविष्य में मांग बढ़ने पर कीमतों में तेज़ उछाल की संभावना प्रबल हो जाती है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कॉमेक्स बाजार में कागज़ी दावों की तुलना में उपलब्ध भौतिक चांदी का अनुपात अभी लगभग 5.6 गुना है, जो आपूर्ति संबंधी दबाव की संभावनाओं को रेखांकित करता है।
सोने-चांदी अनुपात और आगे की राह
रिपोर्ट के अनुसार, 'सोने-चांदी का अनुपात सामान्य हो गया है, जो जनवरी में 46 गुना के शिखर से बढ़कर आज लगभग 69 गुना हो गया है, जो इसके 21वीं सदी के औसत के करीब है।' रिपोर्ट यह भी कहती है कि हाल के महीनों में चांदी ने अपनी पहले की बढ़त का बड़ा हिस्सा गंवा दिया है और अब यह सोने की तुलना में अपेक्षाकृत सस्ती दिखाई देती है। कीमती धातुओं में निवेशकों की नज़र अब फेडरल रिज़र्व के आगामी नीतिगत फैसलों और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर टिकी है।