सोना ₹1,42,400 और चांदी ₹2,18,910 पर फिसली, MCX पर 31 जुलाई को आधे फीसदी से ज़्यादा की गिरावट
सारांश
मुख्य बातें
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को सोने और चांदी दोनों कीमती धातुओं ने कमज़ोरी के साथ कारोबार की शुरुआत की। सुबह 9:50 बजे IST तक सोना 0.58 प्रतिशत यानी ₹832 टूटकर ₹1,42,400 प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि चांदी 0.48 प्रतिशत यानी ₹1,057 की गिरावट के साथ ₹2,18,910 प्रति किलो पर कारोबार कर रही थी। बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की नीतिगत अनिश्चितता ने निवेशकों को सतर्क बनाए रखा है।
MCX पर सोने का हाल
सोने का 5 अगस्त 2026 का वायदा अनुबंध पिछली क्लोजिंग ₹1,43,232 प्रति 10 ग्राम के मुकाबले ₹1,42,929 प्रति 10 ग्राम पर खुला। दिन के कारोबार में सोने ने ₹1,42,253 प्रति 10 ग्राम का न्यूनतम स्तर और ₹1,42,929 प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाज़ारों में भी पीली धातु पर दबाव बना हुआ है।
चांदी में भी कमज़ोरी
चांदी का 4 सितंबर 2026 का वायदा अनुबंध पिछली क्लोजिंग ₹2,19,967 प्रति किलो के मुकाबले ₹2,18,769 प्रति किलो पर खुला। दिन के दौरान चांदी ने ₹2,18,538 प्रति किलो का निचला स्तर और ₹2,19,967 प्रति किलो का ऊपरी स्तर दर्ज किया। गौरतलब है कि दोनों धातुओं की गिरावट एक-दूसरे के साथ समानांतर चल रही है, जो वैश्विक जोखिम-भावना में बदलाव का संकेत देती है।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में भी दबाव
वैश्विक स्तर पर भी कीमती धातुओं पर बिकवाली का दबाव देखा गया। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सोना 0.56 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ $4,076 प्रति औंस पर था, जबकि चांदी 0.46 प्रतिशत गिरकर $58 प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। घरेलू और वैश्विक, दोनों बाज़ारों में एक साथ आई यह गिरावट मैक्रो-इकॉनॉमिक कारकों से प्रेरित मानी जा रही है।
फेडरल रिज़र्व की नीति का असर
बाज़ार जानकारों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव न किए जाने के बाद सोने की ट्रेडिंग एक सीमित दायरे में सिमट गई है। हालाँकि, नीतिगत बयान में सख्त रुख अपनाया गया और तीन FOMC सदस्यों ने ब्याज दरें बढ़ाने के पक्ष में मतदान किया। फेड ने भविष्य के नीतिगत कदमों के समय के बारे में कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया, जिससे निवेशक 'वेट एंड वॉच' की रणनीति अपना रहे हैं। आने वाले सत्रों में अमेरिकी आर्थिक आँकड़ों पर बाज़ार की नज़र बनी रहेगी।