सोना-चांदी लगातार दूसरे दिन फिसले: MCX पर सोना ₹1,45,908, चांदी ₹2,33,283 प्रति किलो
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई में मंगलवार, 7 जुलाई को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतें लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ खुलीं, जिससे दोनों कीमती धातुओं के दाम करीब 1.20 प्रतिशत तक लुढ़क गए। अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में भी बिकवाली का दबाव बना रहा, जिसने घरेलू कीमतों पर और असर डाला।
MCX पर सोने का हाल
5 अगस्त 2026 के सोने के वायदा अनुबंध ने पिछली क्लोजिंग ₹1,46,917 प्रति 10 ग्राम के मुकाबले हल्की गिरावट के साथ ₹1,46,566 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार शुरू किया। शुरुआती कारोबार में बिकवाली तेज़ हुई और सुबह 9:52 बजे यह ₹1,009 रुपए (0.69 प्रतिशत) की कमज़ोरी के साथ ₹1,45,908 प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
दिन के कारोबार में सोने ने ₹1,45,767 प्रति 10 ग्राम का न्यूनतम स्तर और ₹1,46,566 प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ।
चांदी में भारी बिकवाली
चांदी के 4 सितंबर 2026 के वायदा अनुबंध ने पिछली क्लोजिंग ₹2,36,099 प्रति किलो के मुकाबले ₹1,999 रुपए की गिरावट के साथ ₹2,34,100 प्रति किलो पर शुरुआत की। बाद में बिकवाली और तेज़ हुई और यह ₹2,816 रुपए (1.19 प्रतिशत) की कमज़ोरी के साथ ₹2,33,283 प्रति किलो पर पहुँच गई।
दिन के कारोबार में चांदी ने ₹2,32,862 प्रति किलो का न्यूनतम और ₹2,34,100 प्रति किलो का उच्चतम स्तर दर्ज किया, जो उसका ओपनिंग लेवल भी रहा।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी दबाव
वैश्विक स्तर पर भी कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा। COMEX पर सोना 0.63 प्रतिशत की गिरावट के साथ $4,141 प्रति औंस और चांदी 1.46 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ $61.41 प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक निवेशक जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के चलते कीमती धातुओं में मुनाफावसूली कर रहे हैं।
गोल्ड लोन बना सबसे बड़ी सिक्योर एसेट क्लास
रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्त वर्ष (FY27) की अप्रैल-जून तिमाही में गोल्ड लोन देश की सबसे बड़ी सिक्योर एसेट क्लास बन गई है और इसने वाहन लोन को पीछे छोड़ दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस अवधि में जारी सभी सिक्योर लोन में गोल्ड लोन की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 31 प्रतिशत हो गई, जबकि वाहन लोन की हिस्सेदारी घटकर करीब 26 प्रतिशत रह गई।
गौरतलब है कि सोने की ऊँची कीमतों के बीच गोल्ड लोन बाज़ार का यह विस्तार उधारकर्ताओं के बीच सोने को संपार्श्विक के रूप में उपयोग करने की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है। आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेतों और डॉलर की चाल पर निवेशकों की नज़र बनी रहेगी।