MCX पर सोना ₹1,47,277 पर सपाट, चांदी ₹2,36,143 पर 0.53% कमज़ोर; अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेज़ी
सारांश
मुख्य बातें
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 6 जुलाई 2026 को सोमवार की सुबह सोने और चांदी की शुरुआत मिश्रित रही। सोना लगभग सपाट स्तर पर टिका रहा, जबकि चांदी आधे प्रतिशत से अधिक की कमज़ोरी के साथ कारोबार कर रही थी। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों के बीच यह विपरीत रुझान निवेशकों के लिए उल्लेखनीय रहा।
MCX पर सोने का हाल
5 अगस्त 2026 के सोने के कॉन्ट्रैक्ट की शुरुआत पिछली क्लोजिंग ₹1,47,378 प्रति 10 ग्राम के मुकाबले ₹1,47,135 प्रति 10 ग्राम पर हुई। सुबह 9:52 बजे IST पर यह ₹101 या 0.07 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ ₹1,47,277 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। इंट्राडे में सोने ने ₹1,47,135 का निम्न और ₹1,47,509 प्रति 10 ग्राम का उच्च स्तर छुआ, जो एक सीमित दायरे में कारोबार का संकेत देता है।
MCX पर चांदी की चाल
चांदी के 4 सितंबर 2026 के कॉन्ट्रैक्ट ने पिछली क्लोजिंग ₹2,37,410 प्रति किलो के मुकाबले ₹1,017 या 0.42 प्रतिशत की कमज़ोरी के साथ ₹2,36,393 प्रति किलो पर शुरुआत की। बाद में यह गिरावट बढ़कर ₹1,267 या 0.53 प्रतिशत हो गई और धातु ₹2,36,143 प्रति किलो पर आ गई। इंट्राडे में चांदी ने ₹2,36,001 का निम्न और ₹2,37,676 प्रति किलो का उच्च स्तर दर्ज किया।
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेज़ी
घरेलू बाज़ार के विपरीत, वैश्विक स्तर पर दोनों धातुओं में मज़बूती देखी गई। COMEX पर सोना 1.15 प्रतिशत की तेज़ी के साथ $4,173.24 प्रति औंस पर और चांदी 2.02 प्रतिशत की बढ़त के साथ $62.29 प्रति औंस पर थी। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता सुरक्षित निवेश की माँग को बनाए हुए है।
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल का अनुमान
हाल ही में जारी वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की दूसरी छमाही में सोने की कीमतें एक सीमित दायरे में रह सकती हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि जुलाई-दिसंबर अवधि में सोना $4,100 प्रति औंस (±5%) के करीब रह सकता है। हालाँकि, यदि भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक जोखिम बने रहते हैं, तो कीमतों के ऊपर जाने की संभावना अधिक बताई गई है।
एक साल में शानदार रिटर्न
गौरतलब है कि बीते एक वर्ष में दोनों कीमती धातुओं ने निवेशकों को उल्लेखनीय रिटर्न दिया है। इस अवधि में सोने ने डॉलर में करीब 24 प्रतिशत और चांदी ने करीब 67 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितता और मुद्रास्फीति की चिंताएँ इन धातुओं की माँग को सहारा देती रहेंगी।