महाराष्ट्र में भारी बारिश का कहर: पुणे भूस्खलन में 1 शव बरामद, 37 यात्री बचाए, नेवी हाई अलर्ट पर
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र में 6 जुलाई को लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है — भूस्खलन, जलभराव और परिवहन ठप होने से जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने राज्य के कई जिलों में बचाव और राहत अभियान तेज कर दिए हैं, जबकि भारतीय नौसेना की वेस्टर्न नेवल कमांड को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
मुख्य घटनाक्रम
पुणे की मावल तहसील के पाटन गाँव में सुबह करीब 4 बजे पहाड़ी का एक हिस्सा ढह गया, जिससे स्थानीय निवासी नंदू टिकोने का घर पूरी तरह मलबे में दब गया। परिवार के तीन सदस्यों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है। एनडीआरएफ की 30 सदस्यीय टीम मौके पर पहुँची और बचाव अभियान शुरू किया — अब तक एक शव बरामद हो चुका है, जबकि बाकी दो लापता सदस्यों की तलाश खराब मौसम के बावजूद जारी है।
एक अन्य घटना में एनडीआरएफ की 5वीं बटालियन की टीम-5 ने घोरावड़ी रेलवे स्टेशन के पास जलभराव में फँसी एक प्राइवेट बस से 37 यात्रियों को सुरक्षित निकाला।
सरकार की प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र के आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने सोमवार को नागरिकों से मॉनसून पर्यटन और गैर-ज़रूरी कार्यों के लिए घर से बाहर न निकलने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि आधिकारिक सलाह को नज़रअंदाज़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
महाजन ने कहा, "राज्य में बहुत ज़्यादा बारिश हो रही है। सड़कें और रेलवे रूट बंद कर दिए गए हैं और पुणे-मुंबई ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर भी बंद है। स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया गया है। मुंबई में मंत्रालय में आपदा प्रबंधन की बैठक बुलाई गई है। मैं नागरिकों को सलाह देता हूँ कि वे मुंबई में टूरिज्म या घूमने-फिरने के लिए बाहर न निकलें।"
उन्होंने यह भी बताया कि हवा की गति 70 से 90 किमी/घंटा तक पहुँच गई है, जिससे मुंबई में पेड़ उखड़ रहे हैं।
रेड अलर्ट और मौसम चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जिसमें हवा की गति 80 से 90 किमी/घंटा तक पहुँचने की आशंका जताई गई है। बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) ने इन चेतावनियों को दोहराते हुए नागरिकों से सतर्क रहने को कहा है। सोमवार और मंगलवार के लिए कई इलाकों में भारी बारिश और तूफानी हालात की चेतावनी जारी है।
नौसेना की तैयारी
भारतीय नौसेना ने स्पष्ट किया है कि वेस्टर्न नेवल कमांड को हाई अलर्ट पर रखा गया है और राज्य प्रशासन के अनुरोध पर राहत एवं बचाव के लिए पूरी तरह तैयार है। यह ऐसे समय में आया है जब तटीय महाराष्ट्र में समुद्री लहरें भी तेज बताई जा रही हैं।
आम जनता पर असर
पुणे-मुंबई कॉरिडोर के बंद होने से हज़ारों यात्री प्रभावित हुए हैं। स्कूल बंद हैं और कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित बताई जा रही है। गौरतलब है कि हर मानसून में महाराष्ट्र के पश्चिमी घाट क्षेत्र में भूस्खलन की घटनाएँ सामने आती हैं, लेकिन इस बार बारिश की तीव्रता और व्यापकता ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। बचाव अभियान जारी है और स्थिति पर नज़र रखी जा रही है।