मुंबई में भारी बारिश: महाराष्ट्र विधानसभा स्थगित, 12 मौतें; CM फडणवीस ने कहा — 'जान बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता'
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई और आसपास के जिलों में 6 जुलाई 2026 को हुई अत्यधिक भारी बारिश के बीच महाराष्ट्र विधानसभा की कार्यवाही सोमवार को दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सदन में आपदा की गंभीरता का ब्यौरा देने के बाद यह निर्णय लिया, ताकि सरकारी तंत्र का पूरा ध्यान राहत और बचाव कार्यों पर केंद्रित रह सके। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन, ठाणे, रायगढ़, पालघर, और पुणे तथा नासिक के कुछ हिस्सों में मौसमी औसत से कहीं अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री का सदन में बयान
सदन स्थगित होने से पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस ने विधानसभा को बताया, 'राज्य सरकार ने सभी आपातकालीन तंत्रों को उच्चतम स्तर के अलर्ट पर रखा है।' उन्होंने कहा कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जहाँ 70 से 90 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएँ दर्ज की गई हैं। इन तेज हवाओं के कारण पहले ही व्यापक नुकसान हो चुका है — कई जगहों पर पेड़ गिरे हैं और संरचनात्मक क्षति की भी खबरें हैं।
एक दिन में 350 पेड़ गिरे — असामान्य तबाही
फडणवीस ने एक चौंकाने वाला आँकड़ा सदन के सामने रखा। उन्होंने कहा, 'मुंबई में पूरे मानसून सीजन में औसतन लगभग 800 पेड़ गिरते हैं, लेकिन अकेले कल एक ही दिन में 350 पेड़ गिर गए।' उन्होंने नियोक्ताओं से कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की अनुमति देने का आग्रह किया और नागरिकों से अनावश्यक आवाजाही टालने की अपील की। दोपहर बाद पुनः 70 से 90 किमी/घंटे की हवाओं की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री ने युवाओं से समुद्र तटों, पर्यटन स्थलों और झरनों से दूर रहने की विशेष अपील की।
NDRF-SDRF तैनात, हर तीन घंटे पर SMS अलर्ट
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और स्थानीय नागरिक निकाय पूरी क्षमता से तैनात हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के स्वचालित तंत्र के माध्यम से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों में फँसे लोगों को हर तीन घंटे पर सीधे आपातकालीन SMS अलर्ट भेजे जा रहे हैं — जिसे उन्होंने एक अभूतपूर्व कदम बताया। फडणवीस ने कहा, 'हम एक बहुत गंभीर और बढ़ती प्राकृतिक आपदा से निपट रहे हैं। अभी हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता जान का नुकसान रोकना और बचाव अभियान चलाना है।'
विपक्ष का हमला: 12 मौतों पर उठे सवाल
सदन स्थगित होने से पहले विपक्षी विधायकों ने विधान भवन की सीढ़ियों पर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने दावा किया कि पिछले दो दिनों में बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में 12 लोगों की मौत हो चुकी है — जिनमें खुले मैनहोल में गिरना, पेड़ गिरने से दबना, और मानखुर्द में एक संरचना का ढहना शामिल है। वडेट्टीवार ने तर्क दिया कि समय पर प्री-मानसून सर्वेक्षण, पेड़ों की छँटाई, मैनहोल को सुरक्षित करना और ड्रेनेज की उचित योजना से इन मौतों को रोका जा सकता था। सरकार ने इन आरोपों पर तत्काल प्रतिक्रिया नहीं दी।
आगे क्या
IMD के रेड अलर्ट को देखते हुए अगले कुछ घंटे अत्यंत संवेदनशील बने हुए हैं। प्रशासन की नज़र कमजोर इमारतों, जलभराव वाले निचले इलाकों और तटीय क्षेत्रों पर है। गौरतलब है कि मुंबई हर मानसून सीजन में इसी तरह की चुनौतियों से जूझती है, लेकिन एक ही दिन में 350 पेड़ों का गिरना इस बार की बारिश की असामान्य तीव्रता को रेखांकित करता है।