महाराष्ट्र के 31 जिलों में IMD का अलर्ट, मुंबई में 24 घंटे में 113 पेड़ गिरे
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 25 जून 2026 को महाराष्ट्र के 31 जिलों के लिए मौसम संबंधी अलर्ट जारी किया है, जिसमें 25 जिलों को 'येलो अलर्ट' और 6 जिलों को 'ऑरेंज अलर्ट' पर रखा गया है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के पूरे राज्य में सक्रिय होने के साथ, मुंबई में पिछले 24 घंटों में पेड़ और शाखाएं गिरने की 113 घटनाएं दर्ज की गई हैं।
मुंबई में पेड़ गिरने की घटनाएं
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले 24 घंटों में शहर के मुख्य इलाके में 40, पूर्वी उपनगरों में 23 और पश्चिमी उपनगरों में 50 पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं। भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। गौरतलब है कि मुंबई और पड़ोसी ठाणे में पिछले दो दिनों में मानसूनी गतिविधि तेज होने के बाद से यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।
किन जिलों में कौन-सा अलर्ट
'येलो अलर्ट' वाले 25 जिलों में ठाणे, मुंबई, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, नासिक, अहिल्यानगर, कोल्हापुर, सांगली, सोलापुर, छत्रपति संभाजीनगर, जालना, परभणी, बीड, हिंगोली, नांदेड़, अकोला, अमरावती, भंडारा, बुलढाणा, गढ़चिरौली, गोंदिया, नागपुर, वर्धा और वाशिम शामिल हैं। येलो अलर्ट का अर्थ है लगातार बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं की संभावना।
'ऑरेंज अलर्ट' भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी के साथ पुणे, यवतमाल, लातूर, धाराशिव, चंद्रपुर और सतारा के लिए जारी किया गया है। ऑरेंज अलर्ट का अर्थ है कि निवासियों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।
मौसम विशेषज्ञों का विश्लेषण
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश में यह अचानक तेजी किसी एक मौसम प्रणाली का नतीजा नहीं है। बल्कि तीन वायुमंडलीय प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने से मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में मानसूनी गतिविधि तेज हुई है। मुंबई, कोंकण क्षेत्र और सटे हुए गोवा में बारिश विशेष रूप से अधिक रही है।
तापमान और आगे का अनुमान
IMD के अनुसार, अगले दो दिनों में पूरे महाराष्ट्र में अधिकतम तापमान 2-4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। अगले चार से पाँच दिनों में न्यूनतम तापमान में भी धीरे-धीरे कमी आने का अनुमान है। मानसून अब गुजरात और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी आगे बढ़ गया है।
आम जनता के लिए सलाह
IMD और BMC ने नागरिकों को मौसम की ताज़ा जानकारी पर नज़र रखने और ज़रूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है। पेड़ों के नीचे खड़े न हों, निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति में सतर्क रहें और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में अनावश्यक यात्रा टालें। आने वाले दिनों में मानसून की तेज गतिविधि जारी रहने की संभावना है।