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मुंबई में पेड़ गिरने से 5 से अधिक मौतें, पंकजा मुंडे बोलीं — हर मामले की होगी जाँच

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मुंबई में पेड़ गिरने से 5 से अधिक मौतें, पंकजा मुंडे बोलीं — हर मामले की होगी जाँच

सारांश

मुंबई में मानसून की मार — 1 जून से हजारों पेड़ गिरे, 5 से अधिक जानें गईं। पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने हर घटना की जाँच और मुआवजे का वादा किया है, साथ ही 300 करोड़ पेड़ लगाने के सरकारी संकल्प को दोहराया।

मुख्य बातें

मुंबई में 1 जून 2025 से अब तक भारी बारिश और तूफान में हजारों पेड़ गिर चुके हैं।
इन हादसों में 5 से अधिक लोगों की मौत और कई घायल।
पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा — हर मामले की जाँच होगी कि पेड़ हवा से गिरे या जड़ें कमजोर थीं।
कुछ इलाकों में रेड अलर्ट , कुछ में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था।
सरकार प्रभावित लोगों को मुआवजा देने की प्रक्रिया में है; मुख्यमंत्री ने 300 करोड़ पेड़ लगाने का संकल्प लिया है।

मुंबई में 1 जून 2025 से लेकर अब तक भारी बारिश और तूफानी हवाओं के चलते हजारों पेड़ धराशायी हो चुके हैं, जिनमें 5 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य घायल हुए हैं। महाराष्ट्र सरकार ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए अलर्ट जारी किया है तथा प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मुख्य घटनाक्रम

महाराष्ट्र की पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने बताया कि मुंबई के कुछ इलाकों में रेड अलर्ट और कुछ स्थानों पर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था। इन मौसम चेतावनियों के दौरान तेज तूफानी हवाएं चलीं, जिसके कारण बड़ी संख्या में पेड़ उखड़ गए। यह ऐसे समय में हुआ जब मुंबई पहले से ही मानसून की तीव्र वर्षा से जूझ रही थी।

सरकार की प्रतिक्रिया

मंत्री मुंडे ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक घटना की अलग-अलग जाँच की जाएगी — यह पता लगाने के लिए कि पेड़ तेज हवाओं के कारण गिरे या जड़ों की कमजोरी, पेड़ों की अधिक उम्र अथवा अन्य कारणों से। उन्होंने कहा, 'सरकार नुकसान की भरपाई पूरी तरह से करने की कोशिश कर रही है।' मुख्यमंत्री ने भी इस मुद्दे पर विधानसभा में विस्तार से अपना पक्ष रखा है।

आम जनता पर असर

गिरे हुए पेड़ों से सड़कें अवरुद्ध हुईं, वाहन क्षतिग्रस्त हुए और कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति बाधित रही। गौरतलब है कि मुंबई में हर मानसून सीजन में पेड़ गिरने की घटनाएं होती हैं, लेकिन इस वर्ष 1 जून से अब तक हजारों पेड़ गिरने के आँकड़े पिछले वर्षों की तुलना में चिंताजनक बताए जा रहे हैं।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी वृक्षों की नियमित देखभाल और उम्रदराज पेड़ों की समय पर छँटाई न होने से इस तरह की दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। मंत्री मुंडे ने भी माना कि पुराने पेड़ों की उम्र और मजबूती का ध्यान रखना अनिवार्य है, और उनके दीर्घकालिक संरक्षण के लिए व्यवस्थित देखभाल जरूरी है।

क्या होगा आगे

सरकार ने घोषणा की है कि पेड़ गिरने की घटनाओं का विस्तृत आकलन होगा और उसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री के 300 करोड़ पेड़ लगाने के संकल्प को आगे बढ़ाने में पर्यावरण विभाग अहम भूमिका निभाएगा। मुआवजा वितरण की प्रक्रिया पहले से जारी है और इसे शीघ्र पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि मौजूदा पेड़ों की देखभाल और ऑडिट की जिम्मेदारी किसकी है। जब तक पुराने और कमजोर पेड़ों की पहचान और समय पर छँटाई की प्रणाली नहीं बनती, तब तक हर बारिश में जानें जाती रहेंगी और सरकारी बयान केवल प्रतिक्रियात्मक बने रहेंगे।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई में इस मानसून में कितने पेड़ गिरे और कितनी मौतें हुईं?
1 जून 2025 से अब तक मुंबई में हजारों पेड़ गिर चुके हैं और इन हादसों में 5 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल भी हुए हैं।
पंकजा मुंडे ने पेड़ गिरने की घटनाओं पर क्या कहा?
महाराष्ट्र की पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा कि हर घटना की अलग जाँच होगी — यह पता लगाने के लिए कि पेड़ तेज हवाओं से गिरे या जड़ों की कमजोरी या उम्र के कारण। उन्होंने प्रभावित लोगों को मुआवजा देने का भी आश्वासन दिया।
मुंबई में पेड़ गिरने से प्रभावित लोगों को मुआवजा कब मिलेगा?
पर्यावरण मंत्री के अनुसार मुआवजा वितरण की प्रक्रिया पहले से जारी है और इसे जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। घटनाओं का आकलन होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
महाराष्ट्र सरकार का पेड़ों के संरक्षण को लेकर क्या प्लान है?
मुख्यमंत्री ने 300 करोड़ पेड़ लगाने का संकल्प लिया है और पर्यावरण विभाग इसमें अहम भूमिका निभाएगा। साथ ही पुराने पेड़ों की देखभाल और संरक्षण को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
मुंबई में पेड़ गिरने के दौरान कौन-से अलर्ट जारी थे?
पंकजा मुंडे के अनुसार मुंबई के कुछ इलाकों में रेड अलर्ट और कुछ स्थानों पर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था। इन्हीं मौसम चेतावनियों के दौरान तेज तूफानी हवाओं के कारण बड़ी संख्या में पेड़ गिरे।
राष्ट्र प्रेस
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