महाराष्ट्र में भारी बारिश का कहर: 12 मौतें, 350 पेड़ गिरे, विधानसभा स्थगित; CM फडणवीस ने की सतर्कता की अपील
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र में 6 जुलाई को भारी बारिश और तेज हवाओं ने तबाही मचाई, जिसमें मुंबई सहित राज्य के कई हिस्सों में 12 लोगों की मौत की पुष्टि हुई और 350 से अधिक पेड़ धराशायी हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई, जबकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की।
मौसम की स्थिति और नुकसान का ब्यौरा
मुख्यमंत्री फडणवीस ने विधानसभा में जानकारी दी कि सोमवार को राज्य के कई इलाकों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जिससे एक ही दिन में करीब 350 पेड़ गिरे। उन्होंने आगाह किया कि मंगलवार दोपहर बाद हवाओं की गति 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे स्थिति और विकट हो सकती है। उन्होंने कहा कि बदलते प्राकृतिक चक्र के कारण ऐसी असामान्य परिस्थितियां उत्पन्न हो रही हैं।
मुंबई में इमारत ढही, भूस्खलन की घटनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुंबई में सोमवार को जो इमारत ढही, वह एक अनधिकृत (अवैध) इमारत थी। इसके अलावा मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के मिसिंग लिंक के निकट भूस्खलन की घटना भी सामने आई है। काशेदी और तामिनी घाट में भूस्खलन के चलते यातायात पूरी तरह बंद है, जबकि वाकन-सुकेली-खिंड राजमार्ग पर जलभराव के कारण आवागमन ठप है। मुंबई-गोवा राजमार्ग भी यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है और नागरिकों को पुणे-मुंबई पुराने राजमार्ग का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
सरकार की प्रतिक्रिया और राहत कार्य
मुख्यमंत्री फडणवीस ने आश्वस्त किया कि राज्य के जिन इलाकों में लोग फंसे हुए हैं, वहां उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए सभी सरकारी एजेंसियां युद्धस्तर पर काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति का आकलन करने के बाद बुधवार को विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने भी अतिवृष्टि की गंभीरता को देखते हुए सभी से सहयोग और सतर्कता बरतने की अपील की और सदन स्थगित करने का निर्णय लिया।
विपक्ष का हमला: BMC की जवाबदेही पर सवाल
विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने मुंबई में भारी बारिश के कारण 12 लोगों की मौत का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि इस मामले में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की जवाबदेही तय होनी चाहिए। वडेट्टीवार ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के मिसिंग लिंक के बंद होने का भी उल्लेख करते हुए सरकार से सदन में विस्तृत बयान देने की माँग की। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच पहले से ही तनाव बना हुआ है।
नागरिकों के लिए एडवाइजरी
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे तेज हवाओं और भारी बारिश के दौरान पर्यटन स्थलों और प्राकृतिक क्षेत्रों में जाने से परहेज करें। गौरतलब है कि मानसून के इस चरण में महाराष्ट्र के कोंकण और घाट क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं हर वर्ष जनजीवन को प्रभावित करती हैं, लेकिन इस बार हवाओं की असामान्य गति ने स्थिति को अधिक जटिल बना दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पर निरंतर नज़र रखी जा रही है और बुधवार को व्यापक अपडेट दिया जाएगा।