मुंबई बारिश में 12 मौतें: शिवसेना एमएलसी नीलम गोर्हे ने माँगा मुआवजा, राम मंदिर विवाद पर बोलीं — निष्पक्ष जाँच हो
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई में 6 जुलाई 2026 को जारी भारी बारिश के कारण 12 लोगों की मौत हो चुकी है और जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त है। इस त्रासदी पर शिवसेना की विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) नीलम गोर्हे ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत और उचित मुआवजा दिलाने की माँग की है। इसके साथ ही उन्होंने राम मंदिर से जुड़े हालिया विवाद पर भी अपना पक्ष रखा और कहा कि यदि किसी भी स्तर पर कोई अनियमितता हुई है, तो दोषियों के विरुद्ध कानूनी प्रक्रिया के तहत निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।
मुंबई में बारिश की तबाही: मुख्य घटनाक्रम
महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने मुंबई और आसपास के इलाकों में भारी तबाही मचाई है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी), राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और मंत्री गिरीश महाजन स्थिति पर निरंतर नज़र बनाए हुए हैं तथा राहत कार्यों का समन्वय कर रहे हैं।
गोर्हे ने कहा कि आधुनिक विकास और व्यापक तैयारियों के बावजूद प्राकृतिक आपदाओं पर पूरी तरह नियंत्रण संभव नहीं है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन को इन बढ़ती आपदाओं की एक प्रमुख वजह बताते हुए कहा कि तेज हवाएँ और अतिवृष्टि जैसी परिस्थितियाँ केवल भारत ही नहीं, बल्कि यूरोप और अमेरिका सहित पूरी दुनिया को प्रभावित कर रही हैं।
पेड़ गिरने से नुकसान: मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
एमएलसी गोर्हे ने विशेष रूप से पेड़ों के गिरने से हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें माँग की गई है कि जिन परिवारों के घरों पर पेड़ गिरने से क्षति हुई है या जिनकी आजीविका प्रभावित हुई है, उन्हें शीघ्र आर्थिक सहायता और पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि गिरा हुआ पेड़ नगर निगम के अधीन है, तो मुआवजे का प्रावधान लागू होना चाहिए।
गोर्हे ने राज्य सरकार से अपील की कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए एक व्यापक राहत नीति तैयार की जाए, ताकि सभी प्रभावित परिवारों तक मदद पहुँच सके। उन्होंने नागरिकों से भी आग्रह किया कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें और प्रशासन के सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। गौरतलब है कि राहत कार्यों को प्राथमिकता देने के लिए विधानसभा और विधान परिषद का कामकाज भी अस्थायी रूप से स्थगित किया गया है।
राम मंदिर विवाद पर शिवसेना का रुख
राम मंदिर से जुड़े हालिया विवाद पर गोर्हे ने कहा कि शिवसेना ने सदैव राम मंदिर आंदोलन का समर्थन किया है। उन्होंने बताया कि बालासाहेब ठाकरे को श्रद्धांजलि स्वरूप शिवसेना की ओर से एक किलोग्राम चाँदी की रजत शिला राम मंदिर को भेंट की गई थी, जिसे राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज ने स्वीकार किया था और रसीद भी प्रदान की थी। गोविंद देव गिरी महाराज ने यह भी पुष्टि की थी कि वह शिला मंदिर तक पहुँचा दी गई है।
गोर्हे ने कहा कि हालिया विवादों के कारण कुछ रामभक्तों के मन में भ्रम उत्पन्न हुआ है, लेकिन श्रद्धा और सत्य पर विश्वास बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी निचले स्तर के व्यक्ति को गुमराह कर गलत कार्य कराया गया है, तो इसकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए।
विशेषज्ञ और संगठनों की प्रतिक्रिया
राम मंदिर विवाद पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की कथित अनियमितता का समर्थन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने गलत कार्य किया है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार मुकदमा चलाया जाना चाहिए और न्यायिक प्रक्रिया के तहत दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में मानसून का कहर जारी है और प्रशासन पर राहत कार्यों के साथ-साथ राजनीतिक मोर्चे पर भी दबाव बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में राज्य सरकार द्वारा व्यापक राहत पैकेज की घोषणा और राम मंदिर विवाद में जाँच की दिशा पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।