राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर संजय राउत का हमला: 'अयोध्या बनी भाजपा-शासित अंडरवर्ल्ड'
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने 4 जुलाई 2025 को मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राम मंदिर चढ़ावा विवाद और मुंबई में भारी बारिश से हुई मौतों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या के राम मंदिर में करोड़ों रुपये के चढ़ावे की कथित चोरी हुई है और इसमें BJP से जुड़े लोगों के नाम सामने आ रहे हैं।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद: राउत के आरोप
राउत ने कहा कि अयोध्या में सामने आ रही घटनाएँ पूरे देश के लिए शर्मनाक हैं। उनके अनुसार, जिस तरह मुंबई में कभी अंडरवर्ल्ड का बोलबाला था, उसी तरह अयोध्या अब 'BJP-शासित अंडरवर्ल्ड' बन गई है। उन्होंने दावा किया कि वहाँ भय और दबाव का ऐसा माहौल है कि हालात से परिचित लोग भी खुलकर बोलने से डरते हैं। राउत ने घोषणा की कि वे स्वयं अयोध्या जाएँगे और यह उजागर करेंगे कि 'असल अंडरवर्ल्ड कौन चला रहा है।'
जाँच को लेकर सुप्रीम कोर्ट पर सवाल
चढ़ावा मामले की जाँच के संदर्भ में राउत ने कहा कि इसकी निगरानी सर्वोच्च न्यायालय को करनी चाहिए, लेकिन साथ ही उन्होंने न्यायपालिका की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'देश की न्याय व्यवस्था में अब बहुत कम लोग बचे हैं जो चाहते हैं कि सब कुछ साफ-सुथरा हो।' यह टिप्पणी न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर उनकी गहरी चिंता को दर्शाती है, हालाँकि उन्होंने कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।
मुंबई बारिश मौतें: प्रशासन पर आरोप
मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच एक 11 वर्षीय स्कूली छात्र और एक बुजुर्ग की मौत पर राउत ने BJP सरकार और नगर प्रशासन को सीधे जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि ये मौतें महज हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार का परिणाम हैं। उन्होंने BJP मुंबई अध्यक्ष अमित साटम पर ऐसी दुखद घटनाओं के बीच हँसने का आरोप लगाते हुए इसे 'अमानवीय और असंवेदनशील' व्यवहार बताया।
नगर प्रशासन की विफलता पर सवाल
राउत ने कहा कि नालियों की समय पर सफाई न होने और पेड़ों से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई न होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उन्होंने BJP के '104 प्रतिशत नालों की सफाई' के दावे को चुनौती देते हुए पूछा कि इसके बावजूद मुंबई जलमग्न क्यों है, वाहन पानी में क्यों फँसे हैं और घरों में पानी क्यों भर रहा है। उन्होंने माँग की कि नगर आयुक्त को हटाने की जगह शहरी विकास मंत्री की जवाबदेही तय की जाए।
राउत की माँग और आगे की राह
राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से माँग की कि अमित साटम को तत्काल उनके पद से हटाया जाए और नागरिकों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाए जाएँ। उन्होंने BJP नेताओं को सलाह दी कि वे बांग्लादेशी घुसपैठ जैसे मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय मुंबई की बुनियादी नागरिक सुविधाओं — जल निकासी, स्वास्थ्य सेवाओं और सड़कों — पर ध्यान केंद्रित करें। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि राउत की अयोध्या यात्रा और उनके आरोपों पर BJP तथा मंदिर ट्रस्ट की क्या प्रतिक्रिया आती है।