26 जून 2026
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राम मंदिर चढ़ावे से सांसद खरीदे जा रहे हैं, मुख्य आरोपी अब भी फरार : संजय राउत का बड़ा आरोप

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राम मंदिर चढ़ावे से सांसद खरीदे जा रहे हैं, मुख्य आरोपी अब भी फरार : संजय राउत का बड़ा आरोप

सारांश

राम मंदिर चढ़ावे में कथित ₹2,000 करोड़ की हेराफेरी का मामला अब सीधे संसदीय राजनीति से जोड़ा जा रहा है। संजय राउत का यह आरोप कि यह धन TMC और शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों को तोड़ने में लगा, महाराष्ट्र की सियासत में एक नया मोर्चा खोल सकता है।

मुख्य बातें

शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने 26 जून को मुंबई में प्रेसवार्ता में राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर बड़े आरोप लगाए।
राउत का दावा — राम मंदिर से कथित तौर पर चुराए ₹2,000 करोड़ का इस्तेमाल TMC और शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों को तोड़ने में हुआ।
अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी के मामले में 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज; मुख्य आरोपी अब भी फरार।
राउत ने ऑपरेशन टाइगर के तहत शिंदे गुट में गए शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसदों को 'लोमड़ी' कहा।
शिवसेना (यूबीटी) के वफादार कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए महाराष्ट्र के 5 स्थानों पर दौरे की घोषणा।

शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने शुक्रवार, 26 जून को मुंबई में प्रेसवार्ता के दौरान अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मुख्य आरोपी अब भी फरार हैं और यह धन सांसदों को खरीदने तथा राजनीतिक दलों को तोड़ने में इस्तेमाल हो रहा है।

मुख्य आरोप : चढ़ावे से राजनीतिक खरीद-फरोख्त

राउत ने कहा, 'मुख्य आरोपी अभी भी ट्रस्ट में काम कर रहे हैं। जो लोग खुद को हिंदुत्ववादी मानते हैं, वे मंदिर से करोड़ों रुपये चुराते हैं और यह पैसा राजनीति में आता है, जहाँ इसका इस्तेमाल सांसदों को खरीदने और राजनीतिक दलों को तोड़ने के लिए किया जाता है।' उन्होंने यह भी दावा किया कि राम मंदिर से कथित तौर पर चुराए गए ₹2,000 करोड़ का उपयोग तृणमूल कांग्रेस (TMC) और शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों को तोड़ने में किया गया। गौरतलब है कि अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी के मामले में 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।

ऑपरेशन टाइगर पर पलटवार

राउत ने एकनाथ शिंदे की शिवसेना के 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'ऑपरेशन टाइगर के तहत कुछ नहीं हुआ। टाइगर को बदनाम मत करो। हम सब लोग आज भी टाइगर हैं — जो आपके साथ चले गए, वे लोमड़ी हैं।' राउत ने यह भी कहा कि जिन सांसदों ने पाला बदला, उन्हें 'वाई प्लस' सुरक्षा इसीलिए दी गई क्योंकि वे टाइगर से डरते हैं।

शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न पर विवाद

राउत ने सर्वोच्च न्यायालय, चुनाव आयोग (ECI) और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि शिंदे गुट ने उनके आशीर्वाद से शिवसेना का नाम और चुनाव चिह्न हथिया लिया। उन्होंने चुनौती दी, 'पहले अपना खुद का चुनाव चिह्न लेकर चुनाव लड़ें, उसके बाद हमसे बात करना।'

कार्यकर्ताओं से जुड़ाव की घोषणा

राउत ने स्पष्ट किया कि शिवसेना (यूबीटी) के वफादार कार्यकर्ताओं से मिलना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, 'एक भी शिवसैनिक इन सांसदों के साथ नहीं गया है। हम महाराष्ट्र के पाँचों स्थानों पर जाएंगे — एक मुंबई में है, वहाँ जाकर आए हैं।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना के दोनों गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई तेज हो गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अब तक ये दावे केवल उनके बयान पर आधारित हैं — स्वतंत्र जाँच या न्यायिक निष्कर्ष से समर्थित नहीं। असली सवाल यह है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद मुख्य आरोपी ट्रस्ट में सक्रिय कैसे हैं — यह जाँच एजेंसियों की प्राथमिकता और सरकार की इच्छाशक्ति पर सवाल उठाता है। ऑपरेशन टाइगर पर राउत की प्रतिक्रिया बताती है कि शिवसेना (यूबीटी) अभी भी आंतरिक टूट के घाव से उबर नहीं पाई है और यह विवाद 2026 के महाराष्ट्र राजनीतिक समीकरणों को और उलझा सकता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है?
अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में चंदे की कथित हेराफेरी का मामला है, जिसमें 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। संजय राउत के अनुसार, मुख्य आरोपी अब भी फरार हैं और ट्रस्ट में काम कर रहे हैं।
संजय राउत ने ₹2,000 करोड़ के बारे में क्या आरोप लगाया?
राउत ने दावा किया कि राम मंदिर से कथित तौर पर चुराए गए ₹2,000 करोड़ का उपयोग TMC और शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों को तोड़ने में किया गया। यह उनका राजनीतिक आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
ऑपरेशन टाइगर क्या है और राउत ने इस पर क्या कहा?
ऑपरेशन टाइगर एकनाथ शिंदे की शिवसेना का वह अभियान है जिसके तहत शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसद शिंदे गुट में शामिल हुए। राउत ने इसे विफल बताते हुए शामिल हुए सांसदों को 'लोमड़ी' कहा और खुद के गुट को 'टाइगर' बताया।
शिवसेना (यूबीटी) आगे क्या करने वाली है?
राउत ने घोषणा की कि शिवसेना (यूबीटी) महाराष्ट्र के 5 स्थानों पर वफादार कार्यकर्ताओं से मिलने जाएगी। मुंबई में यह दौरा हो चुका है और बाकी जगहों पर भी जल्द जाने की योजना है।
राम मंदिर चढ़ावा मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी के मामले में अब तक 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। हालाँकि, राउत के अनुसार मुख्य आरोपी अभी भी फरार हैं और ट्रस्ट में सक्रिय हैं।
राष्ट्र प्रेस
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