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राम मंदिर घोटाले पर संजय राउत का BJP पर हमला: 'राम के श्राप से जाएगी यह सरकार'

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राम मंदिर घोटाले पर संजय राउत का BJP पर हमला: 'राम के श्राप से जाएगी यह सरकार'

सारांश

संजय राउत ने राम मंदिर ट्रस्ट में ₹500 करोड़ के कथित घोटाले पर BJP को आड़े हाथों लिया। SIT जाँच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने PM मोदी और RSS प्रमुख की चुप्पी को निशाना बनाया — यह बयान महाराष्ट्र की राजनीति में नई उथल-पुथल का संकेत है।

मुख्य बातें

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने 22 जून को मुंबई में प्रेसवार्ता में राम मंदिर चंदा विवाद पर BJP को घेरा।
राउत ने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट में लगभग ₹500 करोड़ का घोटाला हुआ है और मंदिर से सोना-चाँदी गायब हो गए हैं।
SIT जाँच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि रिपोर्ट दबा दी जाएगी।
PM नरेंद्र मोदी और RSS सरसंघचालक मोहन भागवत की चुप्पी पर सवाल उठाया।
लोकसभा सांसद ओमराजे निंबालकर को 'कुख्यात गद्दार' बताया और ₹15 करोड़ देने का दावा किया।
कहा — शिवसेना तोड़ना महाराष्ट्र तोड़ने जैसा है।

शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने 22 जून को मुंबई में एक प्रेसवार्ता के दौरान राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट में लगभग ₹500 करोड़ का घोटाला हुआ है और मंदिर से सोना, चाँदी तथा चढ़ावे की अन्य वस्तुएँ गायब कर दी गई हैं। राउत ने कहा कि जो सरकार भगवान राम के आशीर्वाद से सत्ता में आई, वह राम के श्राप से ही सत्ता से बाहर होगी।

राम मंदिर घोटाले पर मुख्य आरोप

राउत ने प्रेसवार्ता में आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह के उस बयान का हवाला दिया जिसमें संजय सिंह ने कहा था कि जब भगवान राम वनवास पर गए थे तो भरत ने उनकी खड़ाऊं की रक्षा की थी, लेकिन BJP के लोगों ने खुद ही भगवान राम की खड़ाऊं चुरा ली है। राउत ने कहा, 'BJP के राज में राम का ही अस्तित्व मिटा दिया गया है, उनकी दानपेटी से पैसा चोरी किया जा रहा है और इसे देखने वाला कोई नहीं है।'

SIT जाँच पर संदेह

राउत ने SIT जाँच की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि जिन्होंने घोटाला किया है वे BJP के ही लोग हैं, इसलिए जाँच रिपोर्ट को दबा दिया जाएगा और सच्चाई सामने नहीं आएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और RSS सरसंघचालक मोहन भागवत से सवाल किया कि वे इस मामले पर एक शब्द भी क्यों नहीं बोल रहे, जबकि मंदिर में लंबे समय से धन की हेराफेरी होती रही। राउत ने कहा, 'यहीं लोग कहते थे कि पहले के शासकों ने भारत के मंदिरों को लूटा था — अब वही काम ये लोग कर रहे हैं।'

ओमराजे निंबालकर और दलबदल विवाद

राउत ने लोकसभा सांसद ओमराजे निंबालकर पर भी निशाना साधा और उन्हें 'कुख्यात गद्दार' करार दिया। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का उपयोग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को कमज़ोर करने के लिए किया जा रहा है। राउत ने कहा, 'गद्दारों की कोई विचारधारा नहीं होती। अगर किसी सांसद को लगता है कि ₹100 करोड़ अपनी जेब में डालना ही विकास है, तो यह गलत सोच है।'

उद्धव ठाकरे गुट का रुख

राउत ने यह भी कहा कि शिवसेना को तोड़ना महाराष्ट्र को तोड़ने जैसा है और उद्धव ठाकरे भली-भाँति जानते हैं कि निंबालकर को सबसे पहले ₹15 करोड़ किसने दिए थे। उन्होंने दलबदलुओं पर आरोप लगाया कि वे पूरी तरह से स्वार्थ से प्रेरित हैं और उनके पास कोई वैचारिक आधार नहीं है। यह टकराव ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में गठबंधन की रेखाएँ लगातार बदल रही हैं।

आगे क्या

राम मंदिर ट्रस्ट घोटाले की SIT जाँच जारी है, हालाँकि विपक्ष इसकी स्वतंत्रता पर सवाल उठा रहा है। राउत के इन बयानों से राजनीतिक विवाद और गहराने की संभावना है, खासकर तब जब संसद का मानसून सत्र नज़दीक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन राम मंदिर ट्रस्ट में कथित ₹500 करोड़ के घोटाले पर BJP और केंद्र सरकार की चुप्पी खुद सवाल खड़े करती है। PM मोदी ने जिस राम मंदिर को अपनी राजनीतिक पहचान का केंद्र बनाया, उसी से जुड़े वित्तीय विवाद पर उनका मौन विपक्ष को आसान हथियार दे रहा है। SIT जाँच की विश्वसनीयता तभी साबित होगी जब उसके निष्कर्ष स्वतंत्र रूप से सार्वजनिक किए जाएँ — अन्यथा यह विवाद 2026 के महाराष्ट्र राजनीतिक समीकरणों को और जटिल बनाता रहेगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय राउत ने राम मंदिर ट्रस्ट पर क्या आरोप लगाए?
संजय राउत ने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट में लगभग ₹500 करोड़ का घोटाला हुआ है और मंदिर से सोना, चाँदी तथा चढ़ावे की वस्तुएँ गायब कर दी गई हैं। उन्होंने इसके लिए BJP के नेताओं को जिम्मेदार ठहराया।
राउत ने SIT जाँच पर भरोसा क्यों नहीं जताया?
राउत का कहना है कि जिन लोगों ने कथित घोटाला किया है वे BJP के ही सदस्य हैं, इसलिए SIT जाँच रिपोर्ट को दबाया जाएगा। उनके अनुसार इस तरह की जाँच से सच्चाई सामने नहीं आ सकती।
संजय राउत ने ओमराजे निंबालकर पर क्या आरोप लगाए?
राउत ने लोकसभा सांसद ओमराजे निंबालकर को 'कुख्यात गद्दार' बताया और दावा किया कि उद्धव ठाकरे जानते हैं कि निंबालकर को सबसे पहले ₹15 करोड़ किसने दिए थे। उन्होंने निंबालकर पर स्वार्थ से प्रेरित होकर दलबदल करने का आरोप लगाया।
राउत ने एकनाथ शिंदे के बारे में क्या कहा?
राउत ने दावा किया कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का उपयोग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को राजनीतिक रूप से कमज़ोर करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने इसे महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के भीतर की आंतरिक खींचतान बताया।
राम मंदिर विवाद का महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
यह विवाद विपक्षी महाविकास अघाड़ी को BJP के खिलाफ एक नया धार्मिक-राजनीतिक मुद्दा देता है। SIT जाँच के नतीजे और सरकार की प्रतिक्रिया तय करेगी कि यह मुद्दा आगामी राजनीतिक समीकरणों को कितना प्रभावित करता है।
राष्ट्र प्रेस
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