25 सितंबर 2026
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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग, इंडिया ब्लॉक और CWC करेगी चुनाव आयोग विवाद पर चर्चा

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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग, इंडिया ब्लॉक और CWC करेगी चुनाव आयोग विवाद पर चर्चा

सारांश

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की माँग की और कहा कि CWC व इंडिया ब्लॉक दोनों की बैठकों में यह मुद्दा उठेगा। विवाद का केंद्र है SIR प्रक्रिया, जिस पर दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीनों में आंतरिक आपत्ति दर्ज कराई थी।

मुख्य बातें

केसी वेणुगोपाल ने 25 सितंबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की माँग की।
CWC की अगले सप्ताह होने वाली बैठक और इंडिया ब्लॉक की बैठक में इस विवाद पर चर्चा होगी।
चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के फैसलों पर आंतरिक आपत्ति जताई थी।
विवाद विशेष गहन संशोधन (SIR) मतदाता सूची प्रक्रिया में कथित अपारदर्शिता पर केंद्रित है।
पूर्व CM पिनाराई विजयन ने भी ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी की माँग की और 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों का आह्वान किया।

कांग्रेस महासचिव और संगठन सचिव केसी वेणुगोपाल ने 25 सितंबर 2026 को तिरुवनंतपुरम में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर अगले सप्ताह होने वाली कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक में विस्तार से चर्चा की जाएगी और इंडिया ब्लॉक की एक विशेष बैठक भी इस विवाद पर आयोजित की जाएगी।

विवाद की पृष्ठभूमि

यह मांग उन मीडिया रिपोर्टों के बाद उठी है जिनमें बताया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं पर आंतरिक रूप से आपत्ति दर्ज कराई थी। विवाद मुख्य रूप से विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया के दौरान आयोग के कामकाज पर केंद्रित है।

तीन सदस्यीय चुनाव आयोग की अध्यक्षता मुख्य चुनाव आयुक्त करते हैं, और उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे यथासंभव सर्वसम्मति से निर्णय लें। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस सर्वसम्मति की प्रक्रिया को कथित तौर पर कमज़ोर किया जा रहा है।

कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

तिरुवनंतपुरम में शुक्रवार, 25 सितंबर को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोक भवन की ओर मार्च किया और ज्ञानेश कुमार को तत्काल हटाने की माँग की। पार्टी का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने चुनाव आयोग के मूलभूत सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन किया है।

यह प्रदर्शन कांग्रेस के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है जो चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने के लिए पूरे देश में चलाया जा रहा है।

वामपंथी दलों का भी हमला

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के नेता और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी ज्ञानेश कुमार पर तीखे आरोप लगाए। विजयन ने कहा कि चुनाव आयोग — जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए ज़िम्मेदार संवैधानिक संस्था है — की विश्वसनीयता को गंभीर रूप से कमज़ोर किया जा रहा है।

उनका आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अन्य दोनों चुनाव आयुक्तों द्वारा दर्ज की गई कानूनी राय को नजरअंदाज किया और आयोग के सामूहिक कामकाज को बाधित किया। उन्होंने यह भी कहा कि SIR और विशेष संक्षिप्त संशोधन जैसी मतदाता सूची प्रक्रियाओं में अपारदर्शी निर्णय थोपे जा रहे हैं।

मतदाता अधिकारों पर चिंता

विजयन ने मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया रोकने और कथित तौर पर अनुचित ढंग से सूची से बाहर किए गए लोगों के मतदान अधिकार बहाल करने की माँग की। यह विवाद इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आगामी राज्य और स्थानीय चुनावों की पृष्ठभूमि में मतदाता सूची की शुद्धता एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बन गई है।

आगे क्या होगा

विजयन ने सभी लोकतांत्रिक ताकतों से 26 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने का आह्वान किया और इन्हें संविधान तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा का अभियान बताया। वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया कि CWC की बैठक और इंडिया ब्लॉक की बैठक में इस विवाद पर रणनीतिक चर्चा होगी, जिसके बाद विपक्ष का अगला कदम तय होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

कानूनी वास्तविकता नहीं — लेकिन इसके पीछे की चिंता असली है। दो चुनाव आयुक्तों द्वारा 10 महीनों में दर्ज आंतरिक आपत्तियाँ यह संकेत देती हैं कि संस्थागत सहमति की प्रक्रिया में दरार है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर है। SIR प्रक्रिया पर पारदर्शिता का सवाल सिर्फ विपक्ष का नहीं — यह मतदाताओं के विश्वास का सवाल है। मुख्यधारा की कवरेज राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप पर टिकी है, लेकिन असली जाँच यह होनी चाहिए कि SIR के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए लोगों की संख्या और प्रक्रिया क्या थी।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केसी वेणुगोपाल ने ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की माँग क्यों की?
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयोग के मूलभूत सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन किया है। यह माँग उन रिपोर्टों के बाद आई है जिनमें कहा गया कि दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीनों में आंतरिक आपत्तियाँ दर्ज कराई थीं।
CWC और इंडिया ब्लॉक की बैठक में चुनाव आयोग विवाद पर क्या होगा?
वेणुगोपाल के अनुसार, अगले सप्ताह होने वाली कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक में चुनाव आयोग विवाद पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, इंडिया ब्लॉक की एक अलग बैठक भी इस मुद्दे पर विपक्ष की संयुक्त रणनीति तय करने के लिए आयोजित होगी।
विशेष गहन संशोधन (SIR) क्या है और इसपर विवाद क्यों है?
SIR (Special Intensive Revision) एक मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूचियों की समीक्षा और अद्यतन किया जाता है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में अपारदर्शी निर्णय लिए गए और कथित तौर पर कुछ मतदाताओं को अनुचित ढंग से सूची से बाहर किया गया।
पिनाराई विजयन ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए?
केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने दोनों अन्य आयुक्तों की कानूनी राय को नजरअंदाज किया और आयोग के सामूहिक कामकाज को कमज़ोर किया। उन्होंने 26 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों में भागीदारी का आह्वान भी किया।
चुनाव आयोग विवाद पर राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन कब होंगे?
26 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन निर्धारित हैं। पिनाराई विजयन ने इन्हें संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा का अभियान बताते हुए सभी लोकतांत्रिक ताकतों से भाग लेने का आग्रह किया है।
राष्ट्र प्रेस
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