सीईसी ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग: वेणुगोपाल बोले, CWC और इंडिया ब्लॉक बैठक में होगी चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव और संगठन सचिव केसी वेणुगोपाल ने 25 सितंबर 2026 को तिरुवनंतपुरम में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग की। वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर अगले सप्ताह होने वाली कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक में विस्तृत चर्चा की जाएगी, और चुनाव आयोग से जुड़े घटनाक्रमों पर विचार के लिए इंडिया ब्लॉक की बैठक भी आयोजित होगी।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह विवाद मुख्य रूप से मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) और विशेष संक्षिप्त संशोधन की प्रक्रिया के दौरान चुनाव आयोग के कामकाज पर उठे सवालों से जुड़ा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर आंतरिक रूप से आपत्ति दर्ज की थी। गौरतलब है कि तीन सदस्यीय चुनाव आयोग की अध्यक्षता मुख्य चुनाव आयुक्त करते हैं और वरिष्ठतम सदस्य होने के नाते उनसे यथासंभव सर्वसम्मति से निर्णय लेने की अपेक्षा रहती है।
तिरुवनंतपुरम में विरोध प्रदर्शन
तिरुवनंतपुरम में कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को लोक भवन की ओर मार्च निकाला और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल हटाने की मांग की। यह मार्च पार्टी के उस व्यापक अभियान का हिस्सा था, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कुमार ने चुनाव आयोग के बुनियादी सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन किया है।
वामपंथी मोर्चे का समर्थन
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — CPI(M) नेता और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कड़े आरोप लगाए। विजयन ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार संस्था, चुनाव आयोग, की विश्वसनीयता को कथित तौर पर गंभीर रूप से नुकसान पहुँचाया जा रहा है।
विजयन ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अन्य दो चुनाव आयुक्तों द्वारा दर्ज की गई कानूनी राय को नजरअंदाज किया और आयोग की सामूहिक निर्णय-प्रक्रिया को कमजोर किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि SIR और विशेष संक्षिप्त संशोधन जैसे मतदाता सूची संशोधन अभ्यासों में अपारदर्शी निर्णय थोपे जा रहे हैं।
राष्ट्रव्यापी विरोध का आह्वान
विजयन ने मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया को रोकने और कथित तौर पर अनुचित ढंग से सूची से बाहर किए गए नागरिकों के मतदान अधिकार बहाल करने का आह्वान किया। उन्होंने लोकतांत्रिक ताकतों से 26 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने का अनुरोध किया और इन्हें संविधान तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा का अभियान बताया।
आगे क्या होगा
अगले सप्ताह CWC की बैठक और इंडिया ब्लॉक की प्रस्तावित बैठक में विपक्षी दलों के अगले कदम तय होंगे। यह ऐसे समय में आया है जब मतदाता सूची प्रक्रिया को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तनाव चरम पर है, और आने वाले चुनावों से पहले चुनाव आयोग की स्वायत्तता का प्रश्न केंद्रीय राजनीतिक बहस बन चुका है।